स्टेला मारिस कॉलेज और ग्लोबल शेपर्स कम्युनिटी ने पहली पीढ़ी की महिला शिक्षार्थियों को कौशल विकास और करियर मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए एक ऐतिहासिक समझौता किया है।
- स्टेला मारिस कॉलेज और ग्लोबल शेपर्स कम्युनिटी (GSC चेन्नई हब) के बीच MoU पर हस्ताक्षर।
- मुख्य उद्देश्य: पहली पीढ़ी की महिला शिक्षार्थियों और आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को सशक्त बनाना।
- प्रशिक्षण के क्षेत्र: संचार कौशल, करियर की तैयारी और मेंटरशिप।
चेन्नई के प्रतिष्ठित स्टेला मारिस कॉलेज के अर्थशास्त्र (PG और रिसर्च) विभाग ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। कॉलेज ने ग्लोबल शेपर्स कम्युनिटी - चेन्नई हब (GSC Chennai Hub) के कार्यक्रम 'सी. बिलीव. बिकम' (See. Believe. Become.) के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।
इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य अर्थशास्त्र विभाग की छात्राओं को मेंटरशिप, कौशल विकास और करियर के विविध अवसरों से अवगत कराना है। इस कार्यक्रम का उद्घाटन तमिलनाडु मॉडल स्कूलों की वरिष्ठ कार्यक्रम प्रमुख के. मोहनप्रिया द्वारा मुख्य अतिथि के रूप में किया गया। स्टेला मारिस कॉलेज की प्रिंसिपल सिस्टर स्टेला मैरी ने इस अवसर पर अध्यक्षता की और शिक्षा के माध्यम से सामाजिक परिवर्तन पर जोर दिया।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह पहल केवल अकादमिक शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक असमानता को पाटने का एक प्रयास है। जब हम पहली पीढ़ी के शिक्षार्थियों (First-generation learners) की बात करते हैं, तो हम उन छात्रों की बात कर रहे होते हैं जिनके परिवार में पहले कभी उच्च शिक्षा प्राप्त नहीं की। ऐसे छात्रों के लिए सही मार्गदर्शन और नेटवर्किंग की कमी अक्सर उनके करियर की राह में बाधा बनती है।
यह साझेदारी केवल कौशल सिखाने के बारे में नहीं है, बल्कि यह उन महिलाओं के लिए आत्मविश्वास का निर्माण करने के बारे में है जो पहली बार पेशेवर दुनिया में कदम रख रही हैं।
यह कार्यक्रम विशेष रूप से उन छात्राओं पर केंद्रित है जो आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों से आती हैं। उन्हें न केवल संचार कौशल (Communication Skills) सिखाया जाएगा, बल्कि उन्हें पेशेवर दुनिया के संक्रमण (Transition) के लिए भी तैयार किया जाएगा।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
भारत में महिला शिक्षा और विशेष रूप से पहली पीढ़ी की शिक्षार्थियों को सशक्त बनाना एक दीर्घकालिक चुनौती रही है। स्टेला मारिस जैसे संस्थान और ग्लोबल शेपर्स जैसे वैश्विक नेटवर्क का मिलन इस अंतर को भरने में मदद करता है, जिससे शिक्षा का लाभ जमीनी स्तर तक पहुँच सके।
Frequently Asked Questions
1. इस समझौते का मुख्य लक्ष्य क्या है?
इसका लक्ष्य छात्राओं को करियर के लिए तैयार करना और उन्हें मेंटरशिप प्रदान करना है।
2. यह कार्यक्रम किन छात्रों के लिए है?
यह मुख्य रूप से अर्थशास्त्र विभाग की छात्राओं और पहली पीढ़ी के शिक्षार्थियों के लिए है।