NEET-UG 2026 के छह छात्रों ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा जारी की गई OMR शीट में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। छात्रों का दावा है कि उनके द्वारा मार्क किए गए उत्तर और NTA की शीट में अंतर है।
मुख्य बिंदु
- छह NEET-UG उम्मीदवारों ने OMR शीट में विसंगतियों के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की।
- छात्रों का दावा है कि उनके द्वारा मार्क किए गए उत्तर NTA द्वारा जारी शीट से मेल नहीं खाते।
- कौंसलिंग प्रक्रिया शुरू होने से पहले छात्रों ने तत्काल सुनवाई की मांग की है।
- NTA को ईमेल और व्यक्तिगत रूप से सूचित करने के बावजूद कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।
नई दिल्ली: NEET-UG 2026 की परीक्षा प्रक्रिया एक बार फिर कानूनी विवादों के घेरे में आ गई है। छह मेधावी छात्रों ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है, जिसमें उन्होंने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा जारी की गई OMR शीट में गंभीर विसंगतियों का आरोप लगाया है।
यह मामला मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष पेश किया गया। याचिकाकर्ताओं के वकील ने अदालत को बताया कि ये छह छात्र अत्यंत मेधावी हैं, जिन्होंने परीक्षा में 600 से 650 से अधिक अंक प्राप्त किए हैं। छात्रों का कहना है कि परीक्षा के दौरान उन्होंने जो उत्तर मार्क किए थे, NTA द्वारा अपलोड की गई डिजिटल OMR शीट में वे उत्तर पूरी तरह से अलग दिखाई दे रहे हैं।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह मामला केवल छह छात्रों का नहीं, बल्कि देश की सबसे बड़ी चिकित्सा प्रवेश परीक्षा की विश्वसनीयता का है। यदि OMR शीट में डेटा के साथ छेड़छाड़ या तकनीकी त्रुटि की पुष्टि होती है, तो यह पूरे परीक्षा तंत्र पर सवाल खड़े कर देगा। काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू होने से पहले इस मामले का समाधान होना अनिवार्य है ताकि छात्रों का भविष्य सुरक्षित रहे।
"परीक्षा की पारदर्शिता सुनिश्चित करना केवल एक प्रक्रिया नहीं, बल्कि लाखों छात्रों के भविष्य और उनके विश्वास की रक्षा करना है।"
गौरतलब है कि छात्रों ने इस संबंध में NTA को ईमेल भेजे थे और उनके कार्यालय का भी दौरा किया था, लेकिन उन्हें कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिला। इसी प्रशासनिक उदासीनता ने उन्हें न्याय के लिए सर्वोच्च न्यायालय तक पहुंचने को मजबूर किया है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
NEET-UG 2026 की यात्रा पहले ही उतार-चढ़ाव भरी रही है। मूल रूप से 3 मई को आयोजित की गई परीक्षा को पेपर लीक के आरोपों के कारण रद्द करना पड़ा था। इसके बाद, NTA ने 21 जून को पुन: परीक्षा आयोजित की थी। अब OMR शीट का यह नया विवाद काउंसलिंग से ठीक पहले एक बड़ी चुनौती बनकर उभरा है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
1. छात्र सुप्रीम कोर्ट क्यों गए हैं?
छात्रों का आरोप है कि NTA द्वारा जारी OMR शीट उनके द्वारा परीक्षा में मार्क किए गए उत्तरों से अलग है।
2. क्या काउंसलिंग प्रक्रिया रुक सकती है?
छात्रों ने सुप्रीम कोर्ट से काउंसलिंग शुरू होने से पहले तत्काल सुनवाई की मांग की है ताकि उनके अधिकारों की रक्षा हो सके।