दिल्ली सरकार के स्कूलों में पीएम-पोषण योजना के तहत अब छात्रों को इडली-सांभर परोसा जाएगा। मेनू में बदलाव के साथ रागी हलवे की जगह चने के मसाले और गेहूं के आटे का उपयोग किया जाएगा।
मुख्य बातें
- दिल्ली के सरकारी स्कूलों के मेनू में इडली-सांभर जोड़ा जाएगा।
- 24 अगस्त तक इस बदलाव को लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।
- रागी हलवे को हटाकर गेहूं के आटे और चना मसाला को शामिल किया गया है।
दिल्ली के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव होने जा रहा है। पीएम-पोषण (PM-POSHAN) योजना के तहत संशोधित मेनू के माध्यम से अब छात्रों को इडली-सांभर परोसा जाएगा। संबंधित एजेंसियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि इस नए व्यंजन को 24 अगस्त तक अनिवार्य रूप से लागू किया जाए।
मेनू में व्यापक बदलाव
यह केवल एक नए व्यंजन का समावेश नहीं है, बल्कि पोषण संबंधी संतुलन को ध्यान में रखते हुए मेनू में व्यापक फेरबदल किया गया है। नए मेनू के तहत, पारंपरिक रागी हलवा को अब हटा दिया जाएगा। इसके स्थान पर छात्रों को गेहूं के आटे से बनी चीजें और चना मसाला प्रदान किया जाएगा, ताकि आहार में प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट का सही मिश्रण सुनिश्चित हो सके।
यह क्यों महत्वपूर्ण है?
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि स्कूली भोजन में विविधता लाने का उद्देश्य न केवल छात्रों की पसंद का ध्यान रखना है, बल्कि पोषण संबंधी विविधता को भी बढ़ावा देना है। दक्षिण भारतीय व्यंजन जैसे इडली-सांभर को शामिल करने से छात्रों को अलग स्वाद मिलेगा और यह उनके आहार में स्वस्थ विकल्पों को जोड़ने का एक प्रयास है।
मिड-डे मील में विविधता लाने से छात्रों की भोजन के प्रति रुचि बढ़ती है और पोषण संबंधी कमी को दूर करने में मदद मिलती है।
इस निर्णय का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी स्कूलों में मिलने वाला भोजन न केवल पेट भरने वाला हो, बल्कि स्वादिष्ट और पौष्टिक भी हो। प्रशासन अब इस बात पर कड़ी निगरानी रख रहा है कि नई सामग्री की आपूर्ति और तैयारी समय सीमा के भीतर पूरी हो जाए।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: इडली-सांभर कब से शुरू होगा?
उत्तर: प्रशासन के निर्देशानुसार इसे 24 अगस्त तक लागू करने का लक्ष्य है।
प्रश्न 2: मेनू में और क्या बदलाव हुए हैं?
उत्तर: रागी हलवे को हटाकर चना मसाला और गेहूं के आटे का उपयोग किया जाएगा।