उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने थंजावुर स्थित SASTRA यूनिवर्सिटी में छह अत्याधुनिक शैक्षणिक पहलों की शुरुआत की। उन्होंने छात्रों को नवाचार और कौशल विकास पर ध्यान केंद्रित करने तथा नशीली दवाओं और सोशल मीडिया के अत्यधिक उपयोग से दूर रहने की सलाह दी।
- उपराष्ट्रपति ने AI और सुरक्षित तकनीक सहित 6 नई शैक्षणिक पहलों का उद्घाटन किया।
- छात्रों को सोशल मीडिया के सीमित उपयोग और नशीली दवाओं के खिलाफ सख्त चेतावनी दी गई।
- सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक के माध्यम से पारदर्शिता पर जोर।
- टाटा कम्युनिकेशंस और SASTRA के बीच रणनीतिक साझेदारी की घोषणा।
उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने रविवार को थंजावुर के पास तिरुमलैसमुद्रम स्थित SASTRA डीम्ड यूनिवर्सिटी में रूबी और सिल्वर जुबली समापन समारोह के दौरान छह नई शैक्षणिक पहलों का शुभारंभ किया। ये पहल उच्च शिक्षा में तकनीकी एकीकरण और अनुसंधान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू की गई हैं।
इन नई पहलों में TATA Communications Centre for Resilient and Unified Secure Technologies, SASTRA का एकीकृत AI फ्रेमवर्क, SASTRA-MAITRI (अंतर्राष्ट्रीय अनुसंधान के लिए गतिशीलता), SASTRA-STRIDE (संकाय क्षमता निर्माण कोष), DRISHTI (उच्च शिक्षा के लिए डिजिटल संसाधन), और SMILE (सदस्यता और जुड़ाव प्रोत्साहन) शामिल हैं।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि ये पहल केवल अकादमिक विस्तार नहीं हैं, बल्कि भारत के 'आत्मनिर्भर भारत' विजन का हिस्सा हैं। AI और सुरक्षित संचार प्रौद्योगिकियों पर ध्यान केंद्रित करके, SASTRA यूनिवर्सिटी उद्योग-अकादमिक अंतर को पाटने का प्रयास कर रही है, जो भविष्य के कार्यबल के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
"नवाचार और निरंतर कौशल उन्नयन ही आज के प्रतिस्पर्धी युग में युवाओं की सफलता की एकमात्र कुंजी है।"
समारोह के दौरान, उपराष्ट्रपति ने छात्रों को संबोधित करते हुए एक गंभीर संदेश दिया। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे अपनी ऊर्जा का उपयोग नवाचार में करें और सोशल मीडिया के जाल से बचकर अपने वास्तविक स्वास्थ्य और जीवन पर ध्यान दें। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, "नशीली दवाओं को ना कहें, अपने स्वास्थ्य और जीवन को हाँ कहें।"
उपराष्ट्रपति ने संसद द्वारा पारित सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि यह कानून देश की परीक्षा प्रणाली को अधिक मजबूत, निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
इसके अतिरिक्त, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि केंद्र सरकार एक ऐसा आत्मनिर्भर पारिस्थितिकी तंत्र बना रही है जो विनिर्माण और सेवा क्षेत्रों के माध्यम से सामाजिक-आर्थिक विकास को गति देते हुए संप्रभु तकनीकी क्षमताओं का विकास करने में सक्षम हो। इस अवसर पर तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर, चांसलर आर. सेतुरामन और कुलपति एस. वैद्यसुब्रमण्यम भी उपस्थित थे।
Frequently Asked Questions
1. SASTRA यूनिवर्सिटी में लॉन्च की गई मुख्य पहलें कौन सी हैं?
मुख्य पहलों में टाटा कम्युनिकेशंस सेंटर, एकीकृत AI फ्रेमवर्क, SASTRA-MAITRI, STRIDE, DRISHTI और SMILE शामिल हैं।
2. उपराष्ट्रपति ने छात्रों को किन सामाजिक बुराइयों से बचने की सलाह दी?
उन्होंने छात्रों को नशीली दवाओं (Narcotics) के सेवन से दूर रहने और सोशल मीडिया के सीमित उपयोग की सलाह दी।