केरल राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग और श्री नारायण गुरु ओपन यूनिवर्सिटी (SGOU) ने मिलकर बाल अधिकारों और संबंधित कानूनों पर नए शैक्षिक पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए समझौता किया है।
मुख्य बातें
- केरल बाल अधिकार आयोग और SGOU के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर।
- दो नए पाठ्यक्रम: सर्टिफिकेट (6 महीने) और डिप्लोमा (1 वर्ष) की शुरुआत।
- कोर्स का उद्देश्य बाल अपराधों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और विशेषज्ञों को प्रशिक्षित करना है।
- अंगणवाड़ी कार्यकर्ता, शिक्षक और सामाजिक कार्यकर्ताओं के लिए विशेष अवसर।
तिरुवनंतपुरम: केरल राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग और कोल्लम स्थित श्री नारायण गुरु ओपन यूनिवर्सिटी (SGOU) ने एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए बाल अधिकारों और उनसे संबंधित कानूनों पर सर्टिफिकेट और डिप्लोमा कोर्स शुरू करने का निर्णय लिया है। मंगलवार को आयोग के अध्यक्ष के.वी. मनोज कुमार और SGOU के कुलपति जगथी राज वी.पी. ने इस संबंध में एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए।
पाठ्यक्रम का विवरण और पात्रता
आयोग के अध्यक्ष मनोज कुमार ने बताया कि बच्चों के खिलाफ बढ़ते अपराधों और समाज में जागरूकता की कमी को देखते हुए इन पाठ्यक्रमों की आवश्यकता महसूस की गई। प्रस्तावित पाठ्यक्रमों में शामिल हैं:
- सर्टिफिकेट इन चाइल्ड राइट्स एंड एडवोकेसी: 6 महीने की अवधि (न्यूनतम योग्यता: SSLC/10वीं)।
- डिप्लोमा इन चाइल्ड राइट्स एंड प्रोटेक्शन स्टडीज: 1 वर्ष की अवधि (न्यूनतम योग्यता: प्लस टू/12वीं)।
ये क्रेडिट-आधारित पाठ्यक्रम होंगे जो राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के अनुरूप क्रेडिट ट्रांसफर की सुविधा प्रदान करेंगे। अध्ययन सामग्री मलयालम और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध होगी।
यह क्यों महत्वपूर्ण है?
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह पहल भारत में अपनी तरह की पहली कोशिश हो सकती है। यह न केवल कानूनी ज्ञान प्रदान करेगी, बल्कि बाल श्रम, बाल विवाह, बाल मनोविज्ञान और पोषण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी ध्यान केंद्रित करेगी।
यह शैक्षणिक पहल समाज में बच्चों की सुरक्षा के प्रति एक मजबूत कानूनी और मनोवैज्ञानिक कवच तैयार करेगी।
ये कोर्स विशेष रूप से अंगणवाड़ी कार्यकर्ताओं, शिक्षकों, स्कूल परामर्शदाताओं, किशोर गृह कर्मचारियों, वकीलों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होंगे। पाठ्यक्रम में थ्योरी के साथ-साथ प्रैक्टिकल ज्ञान पर भी जोर दिया जाएगा।
तुलनात्मक संरचना
| विशेषता | सर्टिफिकेट कोर्स | डिप्लोमा कोर्स |
|---|---|---|
| अवधि | 6 महीने | 1 वर्ष (2 सेमेस्टर) |
| न्यूनतम योग्यता | 10वीं (SSLC) | 12वीं (Plus Two) |
| मुख्य फोकस | अधिकार और वकालत | संरक्षण अध्ययन |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. क्या ये कोर्स ऑनलाइन उपलब्ध होंगे?
कोर्स की संरचना ओपन यूनिवर्सिटी के माध्यम से है, जिससे लचीलापन मिलता है, लेकिन विस्तृत माध्यम के लिए विश्वविद्यालय की वेबसाइट देखें।
2. अध्ययन की भाषा क्या होगी?
छात्र मलयालम और अंग्रेजी दोनों में से किसी भी भाषा में अध्ययन और परीक्षा दे सकते हैं।