पश्चिम बंगाल में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद नई भर्ती प्रक्रिया के दौरान काउंसलिंग स्थगित होने से शिक्षकों में भारी रोष है। 'निर्दोष' कहे जाने वाले शिक्षक अपनी नौकरियों की बहाली के लिए सड़कों पर उतर आए हैं।
मुख्य बातें
- सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद नई शिक्षक भर्ती की काउंसलिंग अनिश्चितकाल के लिए स्थगित।
- 15,403 'निर्दोष' शिक्षक फिर से परीक्षा पास करने के बाद नौकरी का इंतजार कर रहे हैं।
- ओबीसी आरक्षण में कटौती (17% से 7%) ने विवाद को और हवा दी है।
कोलकाता: पश्चिम बंगाल में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में आई अचानक बाधा ने राज्य में राजनीतिक और सामाजिक तनाव को बढ़ा दिया है। बुधवार, 12 अगस्त को कोलकाता की सड़कों पर उन शिक्षकों का प्रदर्शन देखा गया, जिन्हें 'निर्दोष' माना जा रहा है लेकिन पिछले भर्ती घोटाले के कारण उनकी सेवाएं समाप्त कर दी गई थीं।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा पिछले भर्ती घोटाले में अनियमितताओं के कारण नियुक्तियों को रद्द करने के बाद, इन शिक्षकों को फिर से परीक्षा देनी पड़ी थी। 2025 की नई भर्ती प्रक्रिया में 15,403 शिक्षक मेरिट सूची में शामिल हुए थे, लेकिन 14 अगस्त से शुरू होने वाली काउंसलिंग प्रक्रिया को 'अगले आदेश तक' स्थगित कर दिया गया है।
क्यों महत्वपूर्ण है यह मुद्दा?
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह मामला केवल नौकरियों का नहीं बल्कि व्यवस्था के प्रति विश्वास का है। जब योग्य उम्मीदवार दोबारा परीक्षा पास करने के बाद भी अनिश्चितता के घेरे में हों, तो यह प्रशासनिक विफलता का संकेत देता है।
"हमने अपनी योग्यता साबित करने के लिए नौ साल इंतजार किया और फिर से परीक्षा पास की, फिर भी सिस्टम ने हमें मझधार में छोड़ दिया है," एक प्रदर्शनकारी शिक्षक ने भावुक होते हुए कहा।
विवाद का एक और बड़ा कारण आरक्षण नियमों में बदलाव है। नई सरकार ने ओबीसी आरक्षण को 17% से घटाकर 7% कर दिया है, जबकि परीक्षा पिछले नियमों के तहत आयोजित की गई थी। जोग्या शिक्षक शिक्षिका अधिकार मंच के नेता महबूब Mondal ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
यह विवाद 2016 के शिक्षक भर्ती घोटाले से उपजा है। सुप्रीम कोर्ट ने व्यापक अनियमितताओं के चलते पुरानी नियुक्तियों को रद्द कर दिया था, जिससे हजारों शिक्षकों का भविष्य अधर में लटक गया। इसके बाद राज्य को नई भर्ती प्रक्रिया आयोजित करने का निर्देश दिया गया था।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
1. काउंसलिंग क्यों स्थगित की गई है?
पश्चिम बंगाल केंद्रीय स्कूल सेवा आयोग ने बिना किसी स्पष्ट कारण के काउंसलिंग को 'अगले आदेश तक' स्थगित कर दिया है।
2. 'निर्दोष' शिक्षकों का क्या मतलब है?
ये वे शिक्षक हैं जिन्हें पिछले घोटाले में शामिल नहीं पाया गया, लेकिन प्रक्रिया रद्द होने के कारण उन्हें फिर से परीक्षा देनी पड़ी।