निकेई एशिया की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में विदेश में पढ़ने की इच्छा कम हो रही है और छात्रों का बड़ा हिस्सा अब घरेलू उच्च शिक्षा संस्थानों को प्राथमिकता दे रहा है। लागत, वीज़ा कठिनाइयाँ और भारत के शैक्षणिक मानकों में सुधार ने इस परिवर्तन को तेज़ किया है।
मुख्य बिंदु
- विदेश में पढ़ने वाले छात्रों की संख्या में 31% गिरावट
- भारतीय छात्रों की 4 में से 3 अब घर में उच्च शिक्षा की तलाश में
- यूएस, यूके, कनेडा और ऑस्ट्रेलिया जैसे प्रमुख गंतव्य कम लोकप्रिय
विदेशी पढ़ाई का गिरता ट्रेंड
निकेई एशिया ने बताया कि पिछले दो वर्षों में भारतीय छात्रों की विदेश में पढ़ाई करने की इच्छा में उल्लेखनीय गिरावट आई है। पीआईई न्यूज़ के आंकड़ों के अनुसार, 2022 में विदेश में पढ़ने वाले भारतीय छात्रों की संख्या 2024 में 31% कम हो गई।
यह परिवर्तन कई कारणों से प्रेरित है, जिनमें बढ़ती ट्यूशन फीस, वीज़ा प्रक्रियाओं में कठिनाई और भारत के शीर्ष विश्वविद्यालयों की बढ़ती गुणवत्ता शामिल है। कई छात्रों ने अब यह महसूस किया है कि विदेश में पढ़ाई का खर्चीला होना उनके करियर पर नकारात्मक असर डाल सकता है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
2000 के दशक के बाद से भारत में विदेश में पढ़ाई का एक बड़ा बूम देखा गया था, जब कई छात्रों ने बेहतर नौकरी अवसरों और अंतरराष्ट्रीय मान्यता के लिए पश्चिमी देशों को चुना था। हालांकि, हाल के वर्षों में घरेलू शैक्षणिक संस्थानों ने अपने शोध सुविधाओं और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ाया है, जिससे छात्रों की रुचि बदल रही है।
| वर्ष | विदेश में छात्र (लाख) | भारत में छात्र (लाख) |
|---|---|---|
| 2022 | 12.5 | 9.0 |
| 2024 | 8.6 | 12.1 |
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that this shift could reshape India’s higher‑education market, driving massive investments in local universities and reducing brain‑drain pressures.
"भारत में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता अब विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी बन रही है," कहा शैक्षणिक विशेषज्ञ प्रो. अंशु गुप्ता।
Frequently Asked Questions
Q: क्या भारतीय छात्रों के लिए विदेश में पढ़ना अब महंगा हो गया है?
A: हाँ, ट्यूशन और जीवनयापन लागत में वृद्धि ने कई छात्रों को भारत में ही पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया है।
Q: भारत के कौन‑से विश्वविद्यालय अब अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त हैं?
A: आईआईटी, आईआईएम और कई निजी संस्थानों ने नवीनतम रैंकिंग में शीर्ष स्थान हासिल किया है, जिससे विदेश के विकल्प कम आकर्षक हो गए हैं।