राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) ने अंग्रेज़ी, वाणिज्य और समाजशास्त्र के तीन पेपर को त्रुटियों के कारण सितंबर 2026 में पुनः आयोजित करने का फैसला किया है। आधिकारिक शेड्यूल और परीक्षा विवरण अब उपलब्ध हैं।

मुख्य बिंदु

  • अंग्रेज़ी, वाणिज्य और समाजशास्त्र के पेपर सितंबर में पुनः आयोजित
  • परीक्षा 9 और 10 सितंबर को दो शिफ्ट में होगी
  • उम्मीदवारों को अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा

राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) ने आधिकारिक नोटिस जारी कर तीन पेपर – अंग्रेज़ी, वाणिज्य और समाजशास्त्र – को सितंबर 2026 में पुनः आयोजित करने का आदेश दिया है। यह कदम उन कई शिकायतों के बाद उठाया गया, जिनमें प्रश्नपत्र में तथ्यात्मक, टाइपोग्राफ़िकल और अनुवाद संबंधी त्रुटियों की रिपोर्ट थी।

जांच समिति ने पाया कि प्रश्नपत्रों में प्रमुख विद्वानों के नाम गलत लिखे गए थे, पुस्तक शीर्षक विकृत थे, प्रश्नों की शब्दावली में व्याकरणिक और लिंग‑संज्ञा संबंधी गलतियाँ थीं, तथा कई प्रश्न पहले ही दोहराए जा चुके थे। इन समस्याओं को देखते हुए समिति ने निष्पक्ष और त्रुटिरहित परीक्षा के लिए पुनः आयोजित करने की सिफारिश की।

नए शेड्यूल के अनुसार, अंग्रेज़ी पेपर 9 सितंबर को पहली शिफ्ट (09:00‑12:00) में और वाणिज्य पेपर उसी दिन दूसरी शिफ्ट (15:00‑18:00) में आयोजित होगा। समाजशास्त्र का पेपर 10 सितंबर को सुबह 09:00‑12:00 आयोजित किया जाएगा। सभी परीक्षण केंद्रों, शहरों और एड्मिट कार्ड की विस्तृत जानकारी आधिकारिक वेबसाइट पर अलग से प्रकाशित की जाएगी।

पुनः परीक्षा के लिए कोई अतिरिक्त परीक्षा शुल्क नहीं लिया जाएगा। साथ ही, 16 अगस्त को जारी किया गया UGC NET उत्तर कुंजी 18 अगस्त को चुनौती अवधि समाप्त कर देगा। योग्य उम्मीदवारों की चुनौतियों को विशेषज्ञों द्वारा सत्यापित किया जाएगा और आवश्यकतानुसार उत्तर कुंजी को अद्यतन किया जाएगा।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

UGC NET 1999 में शुरू हुआ और तब से भारत के उच्च शिक्षा क्षेत्र में शोधकर्ता एवं सहायक प्रोफेसर पदों के लिए पात्रता निर्धारित करने का मुख्य माध्यम बना हुआ है। वर्षों में कई बार परीक्षा में तकनीकी या सामग्री संबंधी त्रुटियों के कारण पुनः आयोजित करने की आवश्यकता पड़ी है, जिससे इस प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर ध्यान केंद्रित किया गया है।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

BozokMedia विश्लेषण दर्शाता है कि त्रुटियों को सुधारना न केवल उम्मीदवारों के हित में है, बल्कि भारतीय उच्च शिक्षा में मानक स्थापित करने के लिए भी आवश्यक है। विश्वसनीय परीक्षा परिणामों से अनुसंधान की गुणवत्ता और शिक्षण‑शिक्षा में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जा सकता है।

"परीक्षा की शुद्धता सुनिश्चित करना भविष्य के शोधकर्ता और शिक्षकों की विश्वसनीयता को सीधे प्रभावित करता है," कहा शिक्षा विशेषज्ञ डॉ. अंजू सिंह ने।
क्या आप जानते हैं?: UGC NET हर वर्ष लगभग 5 लाख उम्मीदवारों द्वारा दिया जाता है, लेकिन केवल 15% को ही JRF (ज्वायंट रिसर्च फेलोशिप) प्रदान की जाती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या पुनः परीक्षा के लिए अलग आवेदन प्रक्रिया होगी? नहीं, उम्मीदवारों को केवल अपने मौजूदा आवेदन में संशोधन की आवश्यकता होगी; कोई नई फीस नहीं लगेगी।

पुनः परीक्षा के परिणाम कब घोषित होंगे? परिणामों की घोषणा सामान्य रूप से परीक्षा के दो महीने बाद की जाती है, जो इस बार सितंबर के अंत तक अपेक्षित है।