भारत सरकार ने राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) की परीक्षा प्रणाली को सुधारने के लिए बड़े पैमाने पर कदम उठाए हैं। इसमें 50 कर्मचारियों की बर्खास्तगी और साइबर सुरक्षा, साइकोमेट्रिक्स और प्रश्नपत्र डिजाइन जैसे क्षेत्रों में निजी विशेषज्ञों को शामिल किया गया है।

  • एनटीए में 50 से अधिक कर्मचारियों को हटाया गया
  • 10 नई तकनीकी‑संबंधी वरिष्ठ पदों की भर्ती शुरू
  • गोपनीय संचालन (CONOPS) को युद्ध‑स्तर की सुरक्षा के साथ पुनर्गठित किया जाएगा

पुनर्परीक्षा की घोषणा

नवीनीकरण प्रक्रिया के तहत, यूजीसी‑नेट जून‑2026 के अंग्रेजी, वाणिज्य और समाजशास्त्र पेपरों की पुनर्परीक्षा 9‑10 सितंबर 2026 को आयोजित की जाएगी। पुनर्परीक्षा में कोई अतिरिक्त परीक्षा शुल्क नहीं लिया जाएगा।

सरकारी कदम

शिक्षा मंत्री प्रलाद जोशी ने उच्च शिक्षा विभाग के सचिव, एनटीए के निदेशक जनरल और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की, जिसमें एजेंसी की परीक्षा प्रक्रिया को सुदृढ़ करने के उपायों पर चर्चा हुई।

बैठक में बताया गया कि 50 से अधिक कर्मचारियों को हटाया गया है और 10 नई नेतृत्व पदों के लिए विज्ञापन जारी है, जिनमें तकनीकी, वित्त, साइबर सुरक्षा, परीक्षा सुरक्षा, अनुसंधान‑विकास और साइकोमेट्रिक्स शामिल हैं।

सरकार ने निजी क्षेत्र के विशेषज्ञों को साइबर सुरक्षा, साइकोमेट्रिक्स और प्रश्नपत्र डिजाइन जैसे क्षेत्रों में शामिल करने का भी निर्णय लिया है। मंत्री ने सभी प्रोटोकॉल की कठोर अनुपालन की मांग की और गोपनीय संचालन (CONOPS) प्रणाली के पूर्ण पुनर्गठन का आदेश दिया।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that strengthening the examination infrastructure not only restores confidence among aspirants but also sets a benchmark for large‑scale national tests in the digital age.

"अगर परीक्षा की सुरक्षा प्रणाली में कोई चूक होती है, तो यह पूरे शैक्षणिक पारितंत्र को प्रभावित कर सकती है," कहा विशेषज्ञ प्रो. अजय सिंह ने।
Did You Know?: यूजीसी‑नेट 1999 में शुरू हुआ था और अब 87 विषयों में आयोजित किया जाता है।

Frequently Asked Questions

Q1: क्या पुनर्परीक्षा में भाग लेने वाले छात्रों को अतिरिक्त शुल्क देना होगा?

A: नहीं, पुनर्परीक्षा में कोई अतिरिक्त परीक्षा शुल्क नहीं लिया जाएगा।

Q2: क्या इस पुनः‑परीक्षा से अन्य 84 विषयों के परिणामों पर असर पड़ेगा?

A: नहीं, अन्य विषयों के परिणाम प्रक्रिया पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।