अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने UGC-NET परीक्षा में गंभीर त्रुटियों के लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की जवाबदेही तय करने की मांग की है। संगठन ने कहा कि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

  • UGC-NET के अंग्रेजी, वाणिज्य और समाजशास्त्र के पेपरों में गंभीर त्रुटियां पाई गईं।
  • NTA ने इन तीन विषयों के लिए पुन: परीक्षा (re-test) का निर्णय लिया है।
  • ABVP ने परीक्षा प्रक्रिया की विश्वसनीयता और गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं।
  • संगठन ने NTA से त्रुटियों के कारणों और भविष्य में सुधार की मांग की है।

नई दिल्ली: अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने सोमवार को एक कड़ा बयान जारी करते हुए कहा कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को UGC-NET प्रश्न पत्रों में मिली गंभीर तथ्यात्मक, मुद्रण (typographical), अनुवाद और भाषा संबंधी त्रुटियों के लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। संगठन ने स्पष्ट किया कि छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी तरह का समझौता स्वीकार्य नहीं है।

ABVP ने UGC-NET 2026 के अंग्रेजी, वाणिज्य और समाजशास्त्र के पेपरों के लिए घोषित पुन: परीक्षा पर गहरी चिंता व्यक्त की है। आरएसएस के छात्र संगठन का कहना है कि राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में इस तरह की गंभीर गलतियां पूरी प्रक्रिया की गुणवत्ता और विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लगाती हैं। संगठन ने मांग की है कि NTA यह स्पष्ट करे कि ये त्रुटियां कैसे हुईं और प्रश्न पत्र तैयार करने तथा समीक्षा प्रक्रिया के दौरान इन्हें क्यों नहीं पकड़ा गया?

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि NTA की कार्यप्रणाली में लगातार आ रही खामियां न केवल छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर रही हैं, बल्कि देश की प्रतिष्ठित शैक्षणिक परीक्षाओं की साख को भी गंभीर नुकसान पहुंचा रही हैं। यदि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और सटीकता नहीं आती है, तो यह भविष्य में उच्च शिक्षा के ढांचे को अस्थिर कर सकता है।

छात्रों को NTA की लापरवाही की कीमत नहीं चुकानी चाहिए; परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही तय करना अनिवार्य है।

ABVP के राष्ट्रीय महासचिव वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने कहा, "राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा जैसे UGC-NET में गंभीर त्रुटियां चिंताजनक हैं। छात्रों को NTA की चूक का खामियाजा नहीं भुगतना चाहिए। छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बंद होना चाहिए।" सोलंकी ने यह भी मांग की कि NTA पुन: परीक्षा के लिए उचित परीक्षा केंद्र आवंटन और पर्याप्त यात्रा व्यवस्था सुनिश्चित करे ताकि छात्रों पर अतिरिक्त वित्तीय या मानसिक तनाव न पड़े।

संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि छात्रों की चिंताओं का समयबद्ध तरीके से समाधान नहीं किया गया और आवश्यक सुधार लागू नहीं किए गए, तो वे देश भर के छात्रों के साथ मिलकर इस मुद्दे को और भी उग्र रूप से उठाएंगे। ABVP ने कहा कि वे एक विश्वसनीय, पारदर्शी और भरोसेमंद परीक्षा प्रणाली सुनिश्चित होने तक अपने प्रयासों को जारी रखेंगे।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को भारत में विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं के आयोजन के लिए एक स्वायत्त संस्था के रूप में स्थापित किया गया था। हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में पेपर लीक और प्रश्न पत्रों में त्रुटियों जैसे विवादों के कारण यह लगातार आलोचना का केंद्र बनी रही है, जिससे इसकी विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं।

Frequently Asked Questions

1. UGC-NET पुन: परीक्षा किन विषयों के लिए होगी?
पुन: परीक्षा अंग्रेजी, वाणिज्य और समाजशास्त्र विषयों के लिए आयोजित की जाएगी।

2. ABVP की मुख्य मांग क्या है?
ABVP की मुख्य मांग है कि NTA त्रुटियों के लिए जवाबदेही तय करे और परीक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए ठोस कदम उठाए।

Did You Know?: UGC-NET परीक्षा का उपयोग जूनियर रिसर्च फेलोशिप (JRF) और असिस्टेंट प्रोफेसर बनने की पात्रता के लिए किया जाता है।