अमेरिका के एक हाई स्कूल छात्र कॉनर हिल ने कंप्यूटर प्रोग्रामिंग और गणित के अद्भुत संगम से 'नोबल पॉलीहेड्रा' की गुत्थी सुलझाई है। इस उपलब्धि के लिए उन्हें 2.5 लाख डॉलर का भारी-भरकम पुरस्कार मिला है।
- कॉनर हिल ने 'नोबल पॉलीहेड्रा' की सटीक संख्या 146 निर्धारित की।
- रीजेनरॉन साइंस टैलेंट सर्च 2026 में प्रथम स्थान प्राप्त कर 2.39 करोड़ रुपये जीते।
- छात्र अब दुनिया के प्रतिष्ठित संस्थान MIT में शिक्षा ग्रहण करेंगे।
अमेरिका के पेंसिलवेनिया राज्य के पोर्ट मटिल्डा निवासी कॉनर हिल ने अपनी बौद्धिक क्षमता और तकनीकी कौशल से पूरी दुनिया को अचंभित कर दिया है। महज 17 साल की उम्र में, जब अधिकांश किशोर अपने करियर की दिशा तय कर रहे होते हैं, कॉनर ने ज्यामिति (Geometry) के एक ऐसे जटिल सवाल का जवाब खोज निकाला है जिसने बड़े-बड़े गणितज्ञों को सोचने पर मजबूर कर दिया था।
कॉनर ने रीजेनरॉन साइंस टैलेंट सर्च (Regeneron Science Talent Search) के लिए एक विशेष प्रोजेक्ट तैयार किया था। उन्होंने 'नोबल पॉलीहेड्रा' (Noble Polyhedra) नामक दुर्लभ त्रि-आयामी आकृतियों पर शोध किया। ये ऐसी आकृतियां होती हैं जिनके सभी फलक (faces) एक समान होते हैं और प्रत्येक कोना एक जैसा कोण बनाता है। क्यूब इसका सबसे सरल उदाहरण है, लेकिन इसकी जटिलताएं अनंत हैं।
गणितज्ञों की चुनौती और कॉनर का समाधान
लंबे समय से गणितज्ञों के बीच यह चर्चा थी कि नोबल पॉलीहेड्रा के कितने उदाहरण मौजूद हो सकते हैं। अब तक केवल दो अनंत परिवार और 61 अलग-अलग उदाहरण ज्ञात थे। कॉनर ने इस समस्या को हल करने के लिए एक उन्नत कंप्यूटर प्रोग्राम विकसित किया। इस प्रोग्राम ने सभी संभावित संयोजनों की जांच की और यह साबित किया कि अलग-अलग (isolated) नोबल पॉलीहेड्रा की कुल संख्या ठीक 146 है।
यह उपलब्धि क्यों महत्वपूर्ण है?
BozokMedia के विश्लेषण के अनुसार, यह केवल एक पुरस्कार जीतने की कहानी नहीं है, बल्कि यह दर्शाती है कि कैसे आधुनिक कंप्यूटिंग और पारंपरिक गणित का मेल असंभव लगने वाली समस्याओं को हल कर सकता है। कॉनर का यह शोध डिस्क्रीट ज्योमेट्री और अल्जेब्रिक ज्योमेट्री के सिद्धांतों को एक नए स्तर पर ले जाता है, जो भविष्य में डेटा विज़ुअलाइज़ेशन और स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग में काम आ सकता है।
"गणित केवल संख्याओं का खेल नहीं है, बल्कि यह पैटर्न खोजने की कला है; कॉनर ने इस कला को तकनीक के साथ जोड़कर इतिहास रच दिया है।"
इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में 2,600 से अधिक आवेदन आए थे, जिनमें से केवल 40 फाइनलिस्ट चुने गए। कॉनर ने अपनी असाधारण प्रतिभा के दम पर प्रथम स्थान हासिल किया और 2.5 लाख डॉलर (लगभग 2.39 करोड़ रुपये) का पुरस्कार जीता।
पढ़ाई के अलावा, कॉनर एक बहुमुखी व्यक्तित्व के धनी हैं। वे स्कूल के न्यूज़ प्रोग्राम का संचालन करते हैं, पर्यावरण संरक्षण के लिए स्वयंसेवक के रूप में कार्य करते हैं और उन्हें प्रकृति के साथ-साथ जगलिंग का भी शौक है। अब वे दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थान MIT में प्रवेश लेने जा रहे हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: कॉनर हिल ने किस पुरस्कार को जीता?
उत्तर: उन्होंने 2026 रीजेनरॉन साइंस टैलेंट सर्च में टॉप प्राइज जीता, जिसकी राशि 2.5 लाख डॉलर है।
प्रश्न 2: नोबल पॉलीहेड्रा क्या होते हैं?
उत्तर: ये ऐसी 3D आकृतियां हैं जिनके सभी फलक एक जैसे होते हैं और हर कोना एक समान कोण बनाता है।