चेन्नई में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में, द बनयान एकेडमी ऑफ लीडरशिप इन मेंटल हेल्थ (BALM) ने पांच राज्यों के सात मेधावी युवाओं को BALM-SFL फेलोशिप प्रदान की। यह पहल मानसिक स्वास्थ्य नवाचार और सामुदायिक सेवा को बढ़ावा देने के लिए डिज़ाइन की गई है।

  • पांच राज्यों के सात व्यक्तियों को BALM-SFL फेलोशिप प्रदान की गई।
  • सुंदराम फास्टनर्स लिमिटेड (SFL) ने इस कार्यक्रम को प्रायोजित किया।
  • फेलोशिप का उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य नवाचार और सामुदायिक जुड़ाव को बढ़ावा देना है।
  • मद्रास स्कूल ऑफ सोशल वर्क के 15 छात्रों को भी छात्रवृत्ति प्रदान की गई।

चेन्नई: मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, द बनयान एकेडमी ऑफ लीडरशिप इन मेंटल हेल्थ (BALM) ने मंगलवार को चेन्नई में एक भव्य समारोह आयोजित किया। इस कार्यक्रम में देश के पांच अलग-अलग राज्यों से आए सात प्रतिभावान व्यक्तियों को BALM-SFL फेलोशिप से सम्मानित किया गया।

इस प्रतिष्ठित फेलोशिप कार्यक्रम को सुंदराम फास्टनर्स लिमिटेड (SFL) द्वारा प्रायोजित किया गया है। इस वर्ष के फेलो में हर्ष ए.आर., नूपुर मिलिंद जोशी, हर्षित पटेल, आदेश बालू बागुल, न्गान्थोई तोंगब्राम, रुद्रेश कुमार और श्वेता यू. शामिल हैं। ये फेलो अप्रैल 2026 से मार्च 2027 तक मानसिक स्वास्थ्य नवाचार या फील्ड इमर्शन (क्षेत्रीय विसर्जन) के रूप में BALM के साथ काम करेंगे।

मानसिक स्वास्थ्य के प्रति एक नया दृष्टिकोण

BALM की प्रशिक्षण निदेशक, लक्ष्मी शंकरन ने कार्यक्रम के दौरान फेलोशिप की प्रकृति पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि 'कम्युनिटी इमर्शन फेलोशिप' के तहत, फेलो को सीधे 'द बनयान' के आपातकालीन देखभाल, रिकवरी सेवाओं और 'होम अगेन' जैसे महत्वपूर्ण केंद्रों पर तैनात किया जाएगा। वहीं, 'इनोवेशन फेलोशिप' का उद्देश्य केवल पारंपरिक थेरेपी तक सीमित न रहकर, सामाजिक रूप से वंचित समुदायों में मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से निपटने के लिए नए और क्रांतिकारी तरीकों की खोज करना है।

मानसिक स्वास्थ्य नवाचार का उद्देश्य केवल बातचीत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक रूप से वंचित संदर्भों में संकट में फंसे लोगों से जुड़ने के नए तरीके खोजने के बारे में है।

समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में एडवांटेज फूड्स प्राइवेट लिमिटेड और हॉट ब्रेड्स के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, एम. महादेवन उपस्थित थे। उन्होंने अपने संबोधन में 'द बनयान' के साथ अपने तीन दशकों के लंबे जुड़ाव का उल्लेख करते हुए दूसरों के दुखों को समझने के महत्व पर जोर दिया।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि भारत में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ रही है, लेकिन प्रशिक्षित पेशेवरों और जमीनी स्तर पर काम करने वाले नवाचारों की भारी कमी है। BALM-SFL जैसी पहल न केवल युवाओं को करियर के अवसर प्रदान करती है, बल्कि समाज के सबसे कमजोर वर्गों तक मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने में भी मदद करती है।

इस अवसर पर BALM में शिक्षा, सामाजिक कार्रवाई और प्रशासन के निदेशक के.एस. रमेश और मद्रास स्कूल ऑफ सोशल वर्क की प्रिंसिपल जे.एस. गुणवथी ने भी अपने विचार साझा किए। इसके अतिरिक्त, कमजोर पृष्ठभूमि वाले बच्चों और MSW (मानसिक स्वास्थ्य) के छात्रों के लिए विशेष शिक्षा छात्रवृत्तियां भी प्रदान की गईं, जिसमें मद्रास स्कूल ऑफ सोशल वर्क के लगभग 15 छात्रों ने लाभ उठाया।

Did You Know?: मानसिक स्वास्थ्य फेलोशिप अक्सर छात्रों को वास्तविक दुनिया की चुनौतियों का सामना करने और सीधे प्रभावित समुदायों के साथ काम करने का अनूठा अवसर प्रदान करती है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: BALM-SFL फेलोशिप का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: इसका उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देना और सामुदायिक स्तर पर मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को मजबूत करना है।

प्रश्न 2: इस वर्ष के फेलो कितने समय के लिए चुने गए हैं?
उत्तर: चुने गए फेलो अप्रैल 2026 से मार्च 2027 तक अपनी भूमिका निभाएंगे।