NCERT ने कक्षा 11 और 12 के लिए राजनीति विज्ञान की पाठ्यपुस्तकों को संशोधित करने हेतु एक नई 20 सदस्यीय विशेषज्ञ समिति का गठन किया है। इस नए पैनल में कई ऐसे सदस्य शामिल हैं जिनका संबंध RSS से बताया जा रहा है।
- NCERT ने कक्षा 11 और 12 के लिए राजनीति विज्ञान की नई टीम बनाई है।
- समिति में 20 सदस्य शामिल हैं, जिनमें 4 सदस्यों का RSS से जुड़ाव होने का संकेत है।
- पैनल का मुख्य उद्देश्य पाठ्यपुस्तकों को 'तथ्यात्मक' बनाना है।
राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने कक्षा 11 और 12 के छात्रों के लिए राजनीति विज्ञान की पाठ्यपुस्तकों के पुनरीक्षण हेतु एक नई विशेषज्ञ समिति का गठन किया है। इस निर्णय ने शैक्षणिक जगत और राजनीतिक गलियारों में चर्चा छेड़ दी है, क्योंकि नई समिति में शामिल कुछ सदस्यों की विचारधारा पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।
नई समिति का नेतृत्व प्रसिद्ध शिक्षाविद् संदीप शास्त्री कर रहे हैं। शास्त्री ने स्पष्ट किया है कि इस पुनर्गठन का प्राथमिक उद्देश्य पाठ्यपुस्तकों को पूरी तरह से 'तथ्यात्मक' बनाना है। समिति का कार्य वर्तमान पाठ्यक्रम की समीक्षा करना और यह सुनिश्चित करना है कि सामग्री समसामयिक और सटीक हो।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि भारत में स्कूली पाठ्यक्रम का पुनरीक्षण केवल शैक्षणिक मामला नहीं है, बल्कि इसका गहरा राजनीतिक महत्व भी है। राजनीति विज्ञान जैसे संवेदनशील विषय में बदलाव सीधे तौर पर देश की भावी पीढ़ी के वैचारिक दृष्टिकोण को प्रभावित कर सकते हैं।
पाठ्यपुस्तकों में बदलाव अक्सर देश के सामाजिक-राजनीतिक विमर्श के बदलते स्वरूप को दर्शाते हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार, इस 20 सदस्यीय पैनल में कम से कम चार ऐसे सदस्य शामिल हैं जिनका संबंध RSS से रहा है। आलोचकों का तर्क है कि इससे पाठ्यक्रम में वैचारिक झुकाव बढ़ सकता है, जबकि समर्थकों का मानना है कि यह भारतीय दृष्टिकोण को अधिक मजबूती से प्रस्तुत करने का प्रयास है।
ऐतिहासिक रूप से, NCERT के पाठ्यक्रम में बदलाव हमेशा विवादों के केंद्र में रहे हैं। पिछले कुछ वर्षों में, इतिहास और राजनीति विज्ञान के पाठों में कई महत्वपूर्ण संशोधनों को देखा गया है, जिसका उद्देश्य औपनिवेशिक प्रभाव को कम करना और स्वदेशी योगदान को उजागर करना रहा है।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: नई समिति का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: मुख्य उद्देश्य राजनीति विज्ञान की पाठ्यपुस्तकों को अधिक तथ्यपरक और समसामयिक बनाना है।
प्रश्न 2: इस बदलाव का छात्रों पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
उत्तर: छात्रों को राजनीति विज्ञान के नए दृष्टिकोण और संशोधित तथ्यों के साथ पढ़ना होगा।