NCERT ने कक्षा 11 और 12 के लिए राजनीति विज्ञान की नई पाठ्यपुस्तकें तैयार करने हेतु एक नया पैनल गठित किया है, जिसमें कई सदस्य RSS और ABVP से जुड़े हैं। इस पैनल का मुख्य उद्देश्य पाठ्यक्रम में सांस्कृतिक जड़ों और भारतीय ज्ञान प्रणालियों को शामिल करना है।
- NCERT ने कक्षा 11 और 12 की राजनीति विज्ञान की नई पाठ्यपुस्तकों के लिए पैनल का पुनर्गठन किया है।
- पैनल का नेतृत्व अकादमिक विश्लेषक संदीप शास्त्री कर रहे हैं।
- पैनल के कम से कम चार सदस्यों के RSS, ABVP या भाजपा से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष संबंध हैं।
- नए पाठ्यक्रम में 'सांस्कृतिक जड़ों' और 'भारतीय ज्ञान प्रणालियों' पर जोर दिया जाएगा।
नई दिल्ली: राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने कक्षा 11 और 12 के लिए राजनीति विज्ञान की पाठ्यपुस्तकों के विकास हेतु एक नए विशेषज्ञ पैनल की घोषणा की है। इस नए गठन का मुख्य उद्देश्य पाठ्यक्रम में 'सांस्कृतिक जड़ों' (cultural rootedness), 'भारतीय ज्ञान प्रणालियों' (Indian knowledge systems) और समावेशिता को एकीकृत करना है। विशेष रूप से, इस पैनल में ऐसे कई शिक्षाविदों को शामिल किया गया है जिनका राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और उससे जुड़ी संस्थाओं के साथ गहरा संबंध रहा है।
इस टीम का नेतृत्व कर्नाटक स्थित निट्टे डीम्ड यूनिवर्सिटी के उपाध्यक्ष और प्रसिद्ध अकादमिक व राजनीतिक विश्लेषक संदीप शास्त्री कर रहे हैं। पैनल के सदस्यों की जांच करने पर पता चलता है कि कम से कम चार सदस्य ऐसे हैं जिनका दस्तावेजी रूप से ABVP या भाजपा के साथ जुड़ाव रहा है। इनमें शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ सलाहकार यदुनाथ देशपांडे शामिल हैं, जो पूर्व में ABVP के महाराष्ट्र के संयुक्त राज्य संगठन सचिव रहे हैं।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि शिक्षा के क्षेत्र में यह बदलाव भारत के शैक्षणिक परिदृश्य में एक बड़े वैचारिक परिवर्तन का संकेत है। पाठ्यपुस्तकों के माध्यम से 'सांस्कृतिक राष्ट्रवाद' को बढ़ावा देने का प्रयास शिक्षा नीति के दीर्घकालिक उद्देश्यों के साथ मेल खाता है, जो पारंपरिक पश्चिमी मॉडलों से हटकर स्वदेशी ज्ञान की ओर बढ़ने का प्रयास है।
पैनल के अन्य प्रमुख सदस्यों में जेएनयू की प्रोफेसर वंदना मिश्रा (पूर्व राष्ट्रीय सचिव, ABVP) और जेएनयू के एसोसिएट प्रोफेसर रवि रमेशचंद्र शुक्ला शामिल हैं। प्रोफेसर शुक्ला का शोध कार्य विशेष रूप से 'सांस्कृतिक और आध्यात्मिक राष्ट्रवाद' पर केंद्रित रहा है। इसके अलावा, प्रशांत दिवेकर जैसे सदस्य भी शामिल हैं जिनका संबंध RSS से संबद्ध 'ज्ञान प्रबोधिनी' संस्थान से है।
पाठ्यपुस्तकों का पुनर्गठन केवल सामग्री का बदलाव नहीं है, बल्कि यह भावी पीढ़ी के विश्वदृष्टिकोण को आकार देने का एक रणनीतिक प्रयास है।
NCERT के निदेशक दिनेश प्रसाद सकलानी द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, टीम को कक्षा 11 की पाठ्यपुस्तक नवंबर तक और कक्षा 12 की पाठ्यपुस्तक अगले साल जुलाई तक तैयार करने का निर्देश दिया गया है। इस प्रक्रिया में सामाजिक विज्ञान, भाषा, और नवीन शिक्षण पद्धतियों के विशेषज्ञ समूहों से परामर्श लिया जाएगा ताकि विषयों के बीच अंतःविषय संबंध (interdisciplinarity) सुनिश्चित किया जा सके।
Frequently Asked Questions
1. नए पैनल का मुख्य उद्देश्य क्या है?
मुख्य उद्देश्य पाठ्यक्रम में भारतीय ज्ञान प्रणालियों और सांस्कृतिक जड़ों को शामिल करना है।
2. नई किताबें कब तक उपलब्ध होंगी?
कक्षा 11 की किताब नवंबर तक और कक्षा 12 की किताब जुलाई 2027 तक विकसित करने का लक्ष्य है।