श्री वेंकटेश्वर विश्वविद्यालय (SVU) ने तिरुपति में जैव ऊर्जा नवाचारों के लिए एक अत्याधुनिक 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' की स्थापना की है। RUSA के सहयोग से स्थापित यह केंद्र स्वच्छ ऊर्जा और बायोफ्यूल अनुसंधान में क्रांति लाएगा।
- SVU ने जैव ऊर्जा नवाचारों (CoE-BEI) के लिए नया उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किया है।
- RUSA Phase 2.0 के माध्यम से ₹1.20 करोड़ के अत्याधुनिक वैज्ञानिक उपकरण स्थापित किए गए हैं।
- यह आंध्र प्रदेश का एकमात्र विश्वविद्यालय है जिसके पास विशेष BET सरफेस एरिया एनालाइजर सुविधा है।
तिरुपति स्थित श्री वेंकटेश्वर विश्वविद्यालय (SVU) ने जैव ऊर्जा नवाचारों के क्षेत्र में अनुसंधान को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए एक 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' (CoE-BEI) की स्थापना की है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (RUSA Phase 2.0) के वित्तीय सहयोग से साकार किया गया है।
विश्वविद्यालय के कुलपति टाटा नारासिंघ राव ने गुरुवार को विश्वविद्यालय परिसर में इस केंद्र का औपचारिक उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने जोर देकर कहा कि यह केंद्र स्वच्छ ऊर्जा, बायोफ्यूल, वेस्ट-टू-एनर्जी (कचरे से ऊर्जा), बायोमास वैलोर्राइजेशन और सर्कुलर बायोइकोनॉमी जैसे उभरते क्षेत्रों में उन्नत अनुसंधान को मजबूती प्रदान करेगा।
अत्याधुनिक तकनीक और उपकरण
इस केंद्र की सबसे बड़ी विशेषता इसमें स्थापित किया गया ₹1.20 करोड़ का उच्च-स्तरीय वैज्ञानिक उपकरण है। इनमें BET सरफेस एरिया एनालाइजर, गैस क्रोमैटोग्राफी-मास स्पेक्ट्रोमेट्री, फोटोबायोरिएक्टर, एनोक्सोमैट III और मिली-क्यू वॉटर प्यूरीफिकेशन सिस्टम जैसे महत्वपूर्ण उपकरण शामिल हैं।
कुलपति श्री राव ने इस बात पर विशेष आश्चर्य और गर्व व्यक्त किया कि SVU आंध्र प्रदेश का एकमात्र विश्वविद्यालय बन गया है जिसके पास विशेष BET सरफेस एरिया एनालाइजर की सुविधा है। यह उपकरण नैनोकणों, नैनोमटेरियल्स, बायोचार और उत्प्रेरकों के भौतिक-रासायनिक गुणों के गहन अध्ययन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि जैव ऊर्जा के क्षेत्र में यह निवेश न केवल शैक्षणिक अनुसंधान को बढ़ावा देगा, बल्कि भारत के हरित ऊर्जा लक्ष्यों (Green Energy Goals) को प्राप्त करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। स्थानीय स्तर पर कचरे से ऊर्जा बनाने की तकनीक विकसित होने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
यह केंद्र न केवल अनुसंधान का केंद्र बनेगा, बल्कि भविष्य की टिकाऊ ऊर्जा समस्याओं के समाधान का इंजन भी साबित होगा।
इस उद्घाटन कार्यक्रम में दिल्ली विश्वविद्यालय के राम करण, अनुसंधान सलाहकार वासुदेव राव, केंद्र समन्वयक चिंताला परमगीथम, रंजनी और नरसिम्हा, तथा RUSA इनक्यूबेशन सेंटर के सीईओ रायला वमसिकृष्णा सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
भारत सरकार द्वारा संचालित RUSA (राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान) का मुख्य उद्देश्य उच्च शिक्षण संस्थानों की गुणवत्ता में सुधार करना और उन्हें वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाना है। SVU द्वारा इस अनुदान का उपयोग जैव ऊर्जा जैसे भविष्योन्मुखी क्षेत्रों में करना एक रणनीतिक कदम है।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: इस केंद्र का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: इसका उद्देश्य स्वच्छ ऊर्जा, बायोफ्यूल और सर्कुलर बायोइकोनॉमी के क्षेत्र में उन्नत वैज्ञानिक अनुसंधान को बढ़ावा देना है।
प्रश्न 2: इस केंद्र को किस योजना के तहत वित्तपोषित किया गया है?
उत्तर: इसे राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (RUSA Phase 2.0) के तहत वित्तपोषित किया गया है।