जयपुर में एक परीक्षा केंद्र पर बिजली गुल होने के कारण AIAPGET 2026 परीक्षा पूरी नहीं कर पाने वाले 49 उम्मीदवारों के लिए NTA ने 1 सितंबर को पुन: परीक्षा आयोजित करने का निर्णय लिया है। प्रभावित छात्रों को संशोधित प्रवेश पत्र जारी किए जाएंगे।
- जयपुर के श्री सत्य साईं पीजी कॉलेज में बिजली कटने से 49 छात्र बाधित हुए।
- पुन: परीक्षा 1 सितंबर, 2026 को सुबह 10 बजे राजस्थान कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग फॉर वुमेन, जयपुर में होगी।
- NTA प्रभावित छात्रों को नए एडमिट कार्ड जारी करेगा।
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए उन 49 उम्मीदवारों के लिए पुन: परीक्षा (Re-exam) आयोजित करने का निर्णय लिया है, जो जयपुर में एक परीक्षा केंद्र पर बिजली गुल होने के कारण AIAPGET 2026 परीक्षा पूरी नहीं कर सके थे। यह समस्या 22 अगस्त को आयोजित परीक्षा के दौरान आई थी।
परीक्षा में क्या हुआ?
रिपोर्ट के अनुसार, जयपुर के श्री सत्य साईं पीजी कॉलेज केंद्र पर, जहाँ कुल 192 उम्मीदवार परीक्षा दे रहे थे, अचानक बिजली बाधित हो गई। इस तकनीकी खराबी के कारण 49 छात्र अपना कंप्यूटर-आधारित टेस्ट (CBT) पूरा नहीं कर पाए। NTA ने इस व्यवधान के लिए परीक्षा संचालन एजेंसी, Eduquity Career Technologies Private Limited को जिम्मेदार ठहराया है।
पुन: परीक्षा का विवरण
NTA ने स्पष्ट किया है कि पुन: परीक्षा केवल उन्हीं छात्रों के लिए होगी जो बिजली की समस्या के कारण बाधित हुए थे। यह परीक्षा 1 सितंबर, 2026 को सुबह 10 बजे राजस्थान कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग फॉर वुमेन, जयपुर में आयोजित की जाएगी। प्रभावित उम्मीदवारों को उनके संशोधित प्रवेश पत्र (Revised Admit Cards) के माध्यम से परीक्षा के नए निर्देश और स्थान की जानकारी दी जाएगी।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि राष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण परीक्षाओं के दौरान बुनियादी ढांचे की विफलता न केवल छात्रों के मानसिक तनाव को बढ़ाती है, बल्कि परीक्षा की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े करती है। AYUSH स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए यह एक अत्यंत महत्वपूर्ण परीक्षा है, और तकनीकी त्रुटियों को समय पर सुधारना छात्रों के भविष्य के लिए अनिवार्य है।
परीक्षा केंद्रों पर बैकअप पावर सुनिश्चित करना केवल एक सुविधा नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं की अखंडता बनाए रखने के लिए एक आवश्यकता है।
AIAPGET परीक्षा आयुर्वेद, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए एक प्रवेश द्वार है। 22 अगस्त को आयोजित इस परीक्षा में देश भर के लगभग 205 केंद्रों पर हजारों छात्रों ने भाग लिया। हालांकि, जयपुर की इस घटना ने परीक्षा प्रबंधन की तैयारियों पर बहस छेड़ दी है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
NTA पिछले कुछ वर्षों में विभिन्न राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं के प्रबंधन के लिए जाना जाता रहा है, लेकिन तकनीकी विफलताओं और पेपर लीक जैसी घटनाओं ने अक्सर इसके संचालन की कड़ी आलोचना की है। AIAPGET जैसी विशेषज्ञता वाली परीक्षाओं में ऐसी त्रुटियां छात्रों के करियर के लिए जोखिम पैदा कर सकती हैं।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: क्या पुन: परीक्षा सभी उम्मीदवारों के लिए है?
नहीं, यह केवल उन 49 उम्मीदवारों के लिए है जो जयपुर में बिजली कटने के कारण परीक्षा पूरी नहीं कर सके थे।
प्रश्न 2: मैं अपना नया एडमिट कार्ड कैसे प्राप्त कर सकता हूँ?
NTA प्रभावित उम्मीदवारों को संशोधित एडमिट कार्ड जारी करेगा, जिसकी सूचना आधिकारिक माध्यमों से दी जाएगी।