जयपुर के सत्य साईं पीजी कॉलेज में बिजली गुल होने और तकनीकी खराबी के कारण 49 छात्र आयुष पीजी प्रवेश परीक्षा पूरी नहीं कर सके। NTA ने इन छात्रों के लिए 1 सितंबर को पुनः परीक्षा आयोजित करने का निर्णय लिया है।

  • जयपुर के सत्य साईं पीजी कॉलेज में 20 मिनट तक बिजली गुल रही।
  • 49 छात्र परीक्षा पूरी नहीं कर सके, जिनके लिए 1 सितंबर को री-टेस्ट होगा।
  • छात्रों ने परीक्षा केंद्र पर नकल और तकनीकी विफलता के गंभीर आरोप लगाए हैं।
  • NTA ने परीक्षा कराने वाली एजेंसी 'एडुक्युइटी करियर टेक्नोलॉजीज' को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया है।

राजस्थान के जयपुर में आयोजित अखिल भारतीय आयुष स्नातकोत्तर प्रवेश परीक्षा (AIAPGET) के दौरान एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। जयपुर के ट्रांसपोर्ट नगर स्थित सत्य साईं पीजी कॉलेज में बिजली गुल होने के कारण 192 में से 49 छात्र अपनी कंप्यूटर आधारित परीक्षा पूरी नहीं कर सके। इस घटना के बाद परीक्षा केंद्र पर छात्रों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया।

छात्रों के गंभीर आरोप और केंद्र पर हंगामा

परीक्षा के दौरान लगभग 20 मिनट तक बिजली गायब रही, जिसके बाद कई कंप्यूटर सिस्टम काम करना बंद कर गए। छात्रों का आरोप है कि बिजली जाने के दौरान केंद्र पर्यवेक्षक (Observer) की उपस्थिति में कुछ छात्रों ने आपस में बातचीत की और नकल करने का प्रयास किया। एक छात्र ने गुस्से में कहा, "बिजली बार-बार कट रही थी और कोई बैकअप नहीं था। जब कंप्यूटर ही काम नहीं कर रहा था, तो हमें बैठने के लिए मजबूर किया जा रहा था।"

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित परीक्षाओं में बुनियादी ढांचे की कमी और तकनीकी विफलताएं न केवल छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करती हैं, बल्कि पूरी परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े करती हैं। विशेष रूप से जब परीक्षा उच्च स्तरीय चिकित्सा पाठ्यक्रमों के लिए हो।

परीक्षा केंद्रों पर बिजली बैकअप की अनुपस्थिति और पर्यवेक्षकों की निष्क्रियता भविष्य की परीक्षाओं के लिए एक गंभीर चेतावनी है।

NTA ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी, Eduquity Career Technologies Private Limited को इस विफलता का जिम्मेदार ठहराया है। एजेंसी द्वारा प्रबंधन में की गई चूक के कारण ही छात्रों को इस मानसिक तनाव का सामना करना पड़ा।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: NTA और परीक्षा प्रबंधन

राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) को भारत में महत्वपूर्ण प्रवेश परीक्षाओं के पारदर्शी और कुशल संचालन के लिए बनाया गया था। हालांकि, पिछले कुछ समय में नीट (NEET) और अन्य परीक्षाओं में पेपर लीक और तकनीकी गड़बड़ियों के कारण एजेंसी को कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ा है। जयपुर की यह घटना एक बार फिर परीक्षा केंद्रों के ऑडिट और बुनियादी ढांचे की तैयारी की आवश्यकता को रेखांकित करती है।

Did You Know?: AIAPGET परीक्षा भारत भर के हजारों छात्रों के लिए पारंपरिक भारतीय चिकित्सा (आयुष) प्रणालियों में विशेषज्ञता हासिल करने का मुख्य द्वार है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: प्रभावित छात्रों के लिए दोबारा परीक्षा कब होगी?
उत्तर: NTA ने घोषणा की है कि जिन 49 छात्रों की परीक्षा अधूरी रह गई थी, उनके लिए 1 सितंबर को जयपुर के राजस्थान कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग फॉर वीमेन में पुनः परीक्षा आयोजित की जाएगी।

प्रश्न 2: बिजली गुल होने का मुख्य कारण क्या था?
उत्तर: केंद्र पर्यवेक्षक के अनुसार, तकनीकी खराबी के कारण बिजली बैकअप नहीं मिल सका, जबकि छात्रों ने शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई है।

विवरणविवरण
कुल उपस्थित छात्र (जयपुर केंद्र)192
परीक्षा अधूरी रहने वाले छात्र49
री-टेस्ट की तारीख1 सितंबर, 2026
री-टेस्ट का स्थानराजस्थान कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग फॉर वीमेन, जयपुर