IIM अहमदाबाद ने 'इंडिया फार्मा आर्काइव्स' नामक एक ऐतिहासिक डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है, जो भारतीय दवा उद्योग के 125 वर्षों के सफर को दस्तावेजीकृत करता है। यह प्लेटफॉर्म शोधकर्ताओं और छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण ज्ञान केंद्र बनेगा।

  • IIM अहमदाबाद ने 125 वर्षों के फार्मा इतिहास को समर्पित 'इंडिया फार्मा आर्काइव्स' लॉन्च किया।
  • प्लेटफॉर्म में 1,000 से अधिक दस्तावेज, 250+ वीडियो कहानियां और दुर्लभ ऐतिहासिक फुटेज शामिल हैं।
  • यह डिजिटल आर्काइव indiapharmaarchives.com पर सार्वजनिक रूप से उपलब्ध है।

अहमदाबाद: भारतीय प्रबंधन संस्थान अहमदाबाद (IIMA) ने शनिवार को 'इंडिया फार्मा आर्काइव्स' का अनावरण किया, जो एक ऐसा डिजिटल मंच है जो भारतीय फार्मास्युटिकल क्षेत्र के 125 वर्षों के गौरवशाली सफर को जीवंत करता है। इस ऐतिहासिक पहल का उद्घाटन अहमदाबाद में आयोजित IIMA हेल्थकेयर समिट के दौरान केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल द्वारा किया गया।

यह आर्काइव 1901 से 2025 तक के भारतीय फार्मा के विकास पथ को दर्शाता है। इसमें केवल दस्तावेज ही नहीं, बल्कि मौखिक इतिहास, 250 से अधिक वीडियो कहानियां, किस्से, दुर्लभ फिल्में और ऐतिहासिक फुटेज भी शामिल हैं। IIMA ने इसे इंडियन फार्मास्युटिकल एलायंस (IPA) के सहयोग से विकसित किया है, जो 23 प्रमुख अनुसंधान-आधारित फार्मा कंपनियों का प्रतिनिधित्व करता है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह डिजिटल पहल न केवल इतिहास को संरक्षित करती है, बल्कि यह भविष्य के नीति निर्माताओं और शोधकर्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण संसाधन के रूप में कार्य करेगी। भारतीय फार्मा उद्योग वैश्विक स्तर पर एक महाशक्ति के रूप में उभर रहा है, और इस तरह के डेटा का डिजिटलीकरण नवाचार को गति देगा।

भारतीय फार्मा उद्योग विज्ञान, उद्यमिता और वैश्विक प्रभाव की एक अद्भुत कहानी है।

IPA के अध्यक्ष और ज़ायडस लाइफसाइंसेस के प्रबंध निदेशक शारविल पटेल ने कहा कि यह आर्काइव नए विचारों, सहयोगों और समाधानों के लिए एक डिजिटल मंच के रूप में कार्य करता रहेगा, जो भविष्य की स्वास्थ्य चुनौतियों का सामना करने में मदद करेगा। वर्तमान में, IPA के सदस्य देश की निजी क्षेत्र की फार्मा गतिविधियों में 85% से अधिक का योगदान देते हैं।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

भारत की फार्मा यात्रा 20वीं सदी की शुरुआत में आयात पर निर्भरता से शुरू हुई थी और आज भारत को 'दुनिया की फार्मेसी' के रूप में जाना जाता है। 125 वर्षों का यह सफर आत्मनिर्भरता और वैश्विक निर्यात क्षमता के बीच के बदलाव को दर्शाता है।

Did You Know?: भारत दुनिया के सबसे बड़े जेनेरिक दवा उत्पादकों में से एक है, जो वैश्विक स्वास्थ्य सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: इंडिया फार्मा आर्काइव्स का उपयोग कौन कर सकता है?
उत्तर: यह प्लेटफॉर्म शोधकर्ताओं, छात्रों, नीति निर्माताओं, इतिहासकारों और उद्योग के भविष्य के नेताओं के लिए खुला है।

प्रश्न 2: इस आर्काइव में किस प्रकार की सामग्री उपलब्ध है?
उत्तर: इसमें 1,000 से अधिक दस्तावेज, वीडियो कहानियां, दुर्लभ फिल्में और उद्योग जगत के दिग्गजों के साक्षात्कार शामिल हैं।