जादवपुर विश्वविद्यालय में हुई हिंसा की लहर अब प्रेसीडेंसी विश्वविद्यालय और मिदनापुर कॉलेज तक पहुँच गई है। ABVP और SFI समर्थकों के बीच हुई इन झड़पों ने राज्य के शैक्षणिक संस्थानों में भारी तनाव पैदा कर दिया है।

  • जादवपुर विश्वविद्यालय की हिंसा के बाद अब प्रेसीडेंसी और मिदनापुर कॉलेज में भी छात्र गुटों के बीच संघर्ष हुआ।
  • ABVP और SFI समर्थकों के बीच हिंसक झड़प और नारेबाजी की घटनाएं सामने आईं।
  • स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

पश्चिम बंगाल के शैक्षणिक संस्थानों में छात्र राजनीति का तनाव चरम पर पहुँच गया है। जादवपुर विश्वविद्यालय (JU) में हाल ही में हुई हिंसा की गूँज अब प्रेसीडेंसी विश्वविद्यालय और मिदनापुर कॉलेज तक पहुँच गई है। शुक्रवार को इन दोनों शिक्षण संस्थानों में छात्र संगठनों के बीच हिंसक झड़पें और तीखी नोकझोंक देखने को मिली।

मिदनापुर कॉलेज में संघर्ष

शुक्रवार सुबह, मिदनापुर कॉलेज में SFI समर्थकों ने जादवपुर विश्वविद्यालय में हुई हिंसा के विरोध में एक रैली आयोजित की थी। इसी दौरान ABVP के सदस्यों ने इस रैली का विरोध किया, जिसके बाद दोनों समूहों के बीच हिंसक झड़प शुरू हो गई। SFI ने आरोप लगाया कि ABVP के सदस्य बाहरी थे जो परिसर में घुसपैठ कर रहे थे, जबकि ABVP ने तर्क दिया कि परिसर में किसी भी 'राष्ट्रविरोधी' गतिविधि को रोकना छात्रों की जिम्मेदारी है। इस घटना के दृश्य स्थानीय टेलीविजन चैनलों और सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हुए।

प्रेसीडेंसी विश्वविद्यालय में तनाव

दोपहर के समय, प्रेसीडेंसी विश्वविद्यालय के छात्र जादवपुर विश्वविद्यालय के छात्रों के समर्थन में पोस्टर बना रहे थे, तभी ABVP के सदस्यों का एक समूह गेट के बाहर इकट्ठा होकर झंडे लहराने लगा। स्थिति तब और बिगड़ गई जब SFI सदस्यों ने भी विरोध में झंडे लेकर गेट के पास जमावड़ा कर लिया। पुलिस ने मौके पर पहुँचकर भीड़ को तितर-बितर किया। इसके बाद ABVP का समूह पास के कलकत्ता विश्वविद्यालय की ओर बढ़ गया, जहाँ वहाँ भी वामपंथी छात्रों के साथ उनकी तीखी बहस हुई।

'यदि ABVP लोकतांत्रिक तरीके से अपना संगठन चलाना चाहती है तो हमें कोई समस्या नहीं है, लेकिन परिसर में इस तरह की गुंडागर्दी स्वीकार्य नहीं है।' - बीतन इस्लाम, SFI नेता

BozokMedia विश्लेषण: क्यों बढ़ रहा है तनाव?

BozokMedia विश्लेषण दर्शाता है कि पश्चिम बंगाल में छात्र राजनीति अब केवल वैचारिक मतभेदों तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि यह शारीरिक संघर्ष का रूप ले रही है। जादवपुर विश्वविद्यालय में बुधवार रात को हुई तोड़फोड़ और झंडे जलाने की घटना ने इस आग में घी डालने का काम किया है। प्रशासन की मौजूदगी के बावजूद, छात्र संगठनों के बीच बढ़ता अविश्वास शैक्षणिक वातावरण को गंभीर रूप से प्रभावित कर रहा है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

पश्चिम बंगाल के विश्वविद्यालयों में छात्र राजनीति का एक लंबा और उग्र इतिहास रहा है। वामपंथी विचारधारा (SFI) और दक्षिणपंथी विचारधारा (ABVP) के बीच का संघर्ष दशकों पुराना है, जो अक्सर चुनावों और कैंपस के नियंत्रण को लेकर हिंसक हो जाता है।

Did You Know?: प्रेसीडेंसी विश्वविद्यालय भारत के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित संस्थानों में से एक है, जिसकी स्थापना 1817 में हुई थी।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: मिदनापुर कॉलेज में झड़प का मुख्य कारण क्या था?
उत्तर: SFI द्वारा जादवपुर विश्वविद्यालय की हिंसा के विरोध में निकाली गई रैली का ABVP द्वारा विरोध करना इस झड़प का मुख्य कारण बना।

प्रश्न 2: क्या पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया?
उत्तर: हाँ, पुलिस ने प्रेसीडेंसी विश्वविद्यालय में हस्तक्षेप किया और भीड़ को तितर-बितर कर स्थिति को संभालने का प्रयास किया।