सिंगापुर में रहने वाले अनुभवी शिक्षक पी.एम.ए. अमानुल्लाह ने 'sorkkal.com' नामक एक मुफ्त वेबसाइट लॉन्च की है, जो दुनिया भर के छात्रों को तमिल भाषा सीखने में मदद करेगी। यह प्लेटफॉर्म एआई (AI) तकनीक का उपयोग करके सुनने, बोलने, पढ़ने और लिखने के कौशल को निखारता है।

  • पी.एम.ए. अमानुल्लाह द्वारा विकसित 'sorkkal.com' एक पूरी तरह से मुफ्त शैक्षिक पोर्टल है।
  • वेबसाइट में भाषा सीखने के चार मुख्य स्तंभों: सुनना, बोलना, पढ़ना और लिखना पर आधारित 46 गतिविधियां शामिल हैं।
  • एआई (AI) टूल्स की मदद से छात्र अपनी प्रगति का स्व-मूल्यांकन कर सकते हैं।
  • यह विशेष रूप से विदेशों में बसे तमिल मूल के लोगों और बच्चों के लिए डिज़ाइन किया गया है।

सिंगापुर में कार्यरत एक अनुभवी शिक्षक, पी.एम.ए. अमानुल्लाह ने भाषा सीखने की बाधाओं को दूर करने के लिए एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। उन्होंने www.sorkkal.com नामक एक मुफ्त वेबसाइट लॉन्च की है, जिसका उद्देश्य दुनिया भर में तमिल भाषा सीखने की इच्छा रखने वाले छात्रों की मदद करना है।

अमानुल्लाह, जो तिरुवारूर जिले के कूथनाल्लूर के मूल निवासी हैं, ने बताया कि इस वेबसाइट की शुरुआत उनकी अपनी पोती की पढ़ाई में मदद करने के उद्देश्य से हुई थी। तीन साल पहले उन्होंने अपनी पोती के लिए कुछ वेबपेज डिजाइन किए थे, लेकिन बाद में उन्हें महसूस हुआ कि यह पहल विदेशों में रहने वाले तमिल मूल के परिवारों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हो सकती है।

भाषा सीखने का आधुनिक तरीका

यह वेबसाइट केवल एक साधारण डिजिटल पाठ्यपुस्तक नहीं है, बल्कि एक इंटरैक्टिव लर्निंग प्लेटफॉर्म है। इसमें भाषा सीखने के चार महत्वपूर्ण पहलुओं—सुनना, बोलना, पढ़ना और लिखना—पर केंद्रित 46 अलग-अलग गतिविधियां शामिल हैं। सबसे खास बात यह है कि इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग किया गया है, जिससे छात्र ऑडियो और राइटिंग मॉड्यूल के माध्यम से अपनी प्रगति का परीक्षण स्वयं कर सकते हैं।

भाषा सीखना केवल शब्दों को रटना नहीं है, बल्कि सुनने, बोलने, पढ़ने और लिखने के बीच एक संतुलन बनाना है।

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि डिजिटल शिक्षा के इस युग में, अमानुल्लाह का यह प्रयास सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहने के लिए एक महत्वपूर्ण सेतु का काम करेगा। विशेष रूप से उन बच्चों के लिए जो विदेश में पल रहे हैं और अंग्रेजी के प्रभाव के कारण अपनी मातृभाषा से दूर होते जा रहे हैं।

सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ाव की आवश्यकता

अमानुल्लाह ने चिंता व्यक्त की कि विदेशों में रहने वाले तमिल मूल के बच्चे अक्सर अपनी मातृभाषा के बजाय अंग्रेजी में सोचना और बोलना अधिक पसंद करते हैं। इससे उनके परिवार और संस्कृति के साथ जुड़ाव में कमी आती है। उन्होंने कहा, "महंगे ट्यूशन के बजाय, यह मुफ्त वेबसाइट माता-पिता और बच्चों को उनकी मातृभाषा के माध्यम से बेहतर तरीके से जुड़ने में मदद करेगी।"

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और योगदान

पी.एम.ए. अमानुल्लाह का शिक्षा के क्षेत्र में 40 वर्षों से अधिक का अनुभव है। उन्होंने तिरुचि के जमाल मोहम्मद कॉलेज से गणित की पढ़ाई की और अपने ही कॉलेज में कुछ समय तक शिक्षक के रूप में कार्य किया। 36 साल पहले सिंगापुर प्रवास के बाद, अब वे अपनी शिक्षा के अनुभव को समाज को वापस लौटाने (giving back to the community) के एक माध्यम के रूप में इस वेबसाइट के जरिए कर रहे हैं।

Did You Know?: तमिल दुनिया की सबसे पुरानी जीवित शास्त्रीय भाषाओं में से एक है, जिसका इतिहास हजारों साल पुराना है।

Frequently Asked Questions

1. क्या sorkkal.com का उपयोग करने के लिए कोई शुल्क देना होगा?
नहीं, यह वेबसाइट पूरी तरह से मुफ्त है और इसे छात्रों की मदद के लिए बनाया गया है।

2. क्या इस वेबसाइट का उपयोग स्मार्टफोन पर किया जा सकता है?
हाँ, यह वेबसाइट कंप्यूटर, लैपटॉप और स्मार्टफोन सहित सभी उपकरणों पर सुलभ है।