कलबुर्गी के शेट्टी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (SIT) में दो दिवसीय 'स्मार्ट इंडिया हैकथॉन 2026' का सफल आयोजन किया गया, जहाँ छात्रों ने AI और IoT जैसी तकनीकों का उपयोग कर नवाचार पेश किया।
- शेट्टी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (SIT), कलबुर्गी में दो दिवसीय इंटरनल स्मार्ट इंडिया हैकथॉन 2026 का आयोजन।
- छात्रों ने AI, मशीन लर्निंग और IoT जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर प्रोटोटाइप विकसित किए।
- विजेता टीमों को उनके नवाचारों के लिए नकद पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
कलबुर्गी: कर्नाटक के कलबुर्गी स्थित शेट्टी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (SIT) ने हाल ही में दो दिवसीय 'इंटरनल स्मार्ट इंडिया हैकथॉन (SIH) 2026' का आयोजन किया। 20 और 21 अगस्त को आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य इंजीनियरिंग छात्रों को किताबी ज्ञान से आगे बढ़कर वास्तविक दुनिया की चुनौतियों का तकनीकी समाधान खोजने के लिए प्रेरित करना था।
हैकथॉन के दौरान, छात्र टीमों ने विभिन्न चरणों में काम किया, जिसमें विचार मंथन (ideation), समस्या का विश्लेषण, समाधान का विकास और प्रोटोटाइप निर्माण शामिल था। पहले दिन, टीमों ने अपनी चुनी हुई समस्याओं को गहराई से समझा और उन्हें हल करने के लिए तकनीकी रूपरेखा तैयार की। छात्रों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मशीन लर्निंग (ML), क्लाउड कंप्यूटिंग और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) जैसी उभरती हुई तकनीकों का प्रभावी ढंग से उपयोग किया।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि इस तरह के हैकथॉन क्षेत्रीय स्तर पर तकनीकी कौशल को बढ़ावा देने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। कलबुर्गी जैसे क्षेत्रों में इस तरह के आयोजन छात्रों को राष्ट्रीय मंचों के लिए तैयार करते हैं और नवाचार के पारिस्थितिकी तंत्र (innovation ecosystem) को मजबूत करते हैं।
छात्रों को केवल अवसरों की प्रतीक्षा करने के बजाय स्वयं समस्याओं की पहचान कर समाधान विकसित करने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए।
दूसरे दिन, एक विशेषज्ञ जूरी के सामने छात्रों ने अपने समाधान प्रस्तुत किए। इन समाधानों का मूल्यांकन नवाचार, तकनीकी व्यवहार्यता, स्केलेबिलिटी (scalability) और सामाजिक प्रभाव जैसे महत्वपूर्ण मापदंडों के आधार पर किया गया। कार्यक्रम में कर्नाटक डिजिटल इकोनॉमी मिशन (KDEM) के क्लस्टर हेड सुजय मुदगल, क्लाउड विशेषज्ञ वीरन्ना गताते और COMED-KARES इनोवेशन हब के प्रोग्राम मैनेजर संदीप सैमसन जैसे दिग्गज उपस्थित रहे।
शेट्टी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के निदेशक अनिरुद्ध शेट्टी ने इस अवसर पर कहा कि उनका लक्ष्य एक ऐसा वातावरण बनाना है जहाँ छात्र नवाचार के लिए खुद कदम उठा सकें। उन्होंने जोर देकर कहा कि वे चाहते हैं कि कलबुर्गी से और अधिक विचार निकलें जो राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम हों।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: SIT हैकथॉन का मुख्य उद्देश्य क्या था?
उत्तर: इसका उद्देश्य छात्रों को इंजीनियरिंग ज्ञान का उपयोग करके वास्तविक दुनिया की समस्याओं के लिए तकनीकी समाधान और प्रोटोटाइप विकसित करने का मंच प्रदान करना था।
प्रश्न 2: जूरी ने समाधानों का मूल्यांकन किन आधारों पर किया?
उत्तर: मूल्यांकन के मुख्य आधार नवाचार, तकनीकी व्यवहार्यता, स्केलेबिलिटी और सामाजिक प्रभाव थे।