कोंगु इंजीनियरिंग कॉलेज के परिसर में 'अरिवकूडम' नामक एक विशाल रिसर्च पार्क विकसित किया जा रहा है। ₹100 करोड़ के इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य छात्रों और उद्योगों के बीच की दूरी को कम करना है।
- पेरुंदुरई में ₹100 करोड़ के निवेश से 'अरिवकूडम' रिसर्च पार्क का निर्माण होगा।
- यह पार्क IIT मद्रास के मॉडल पर आधारित होगा।
- 5G, विद्युतीकरण और मोबिलिटी जैसे पांच प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
- 2027 के अंत या 2028 की शुरुआत तक यह परिचालन में आ जाएगा।
तमिलनाडु के औद्योगिक क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। कोयंबटूर से लगभग 85 किमी दूर पेरुंदुरई में स्थित कोंगु इंजीनियरिंग कॉलेज का विशाल परिसर जल्द ही 40 लाख वर्ग फुट के अत्याधुनिक रिसर्च पार्क, 'अरिवकूडम' का घर बनेगा।
कोंगु वेल्लारर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी ट्रस्ट द्वारा विकसित किया जा रहा इस पार्क के लिए ₹100 करोड़ का निवेश किया जा रहा है। भारत के उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन 29 अगस्त को इस महत्वाकांक्षी परियोजना की आधारशिला रखेंगे। इस परियोजना का मुख्य लक्ष्य अकादमिक अनुसंधान और वास्तविक औद्योगिक चुनौतियों के बीच के अंतर को पाटना है।
IIT मद्रास की तर्ज पर विकास
ट्रस्ट के अध्यक्ष सी. देवर राजन ने बताया कि इस रिसर्च पार्क को IIT मद्रास के रिसर्च पार्क की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। इसमें वर्तमान में संचालित टेक्नोलॉजी इनक्यूबेशन सेंटर, टिंकरिंग लैब, विभिन्न इंजीनियरिंग धाराओं के लिए उत्कृष्टता केंद्र और औद्योगिक अनुसंधान केंद्र शामिल होंगे। कुल निवेश में से लगभग ₹35 करोड़ केवल आधुनिक शोध उपकरणों की खरीद पर खर्च किए जाएंगे।
यह परियोजना उद्योग-संस्थान संपर्क का वास्तविक रूप है, जिसकी लंबे समय से वकालत की जा रही है।
उद्योगों के साथ सीधा जुड़ाव
इस पार्क की सबसे बड़ी विशेषता इसकी उद्योग-केंद्रित रणनीति है। ट्रस्ट ने पश्चिमी तमिलनाडु के 100 से अधिक उद्योगों का सर्वेक्षण किया है। इसके आधार पर, पार्क पांच प्रमुख वर्टिकल पर ध्यान केंद्रित करेगा: 5G, विद्युतीकरण (Electrification), और मोबिलिटी (Mobility)। इसके अलावा, Roots और Lotte India जैसे बड़े उद्योगों के साथ-साथ Danfoss जैसे नाम भी अपने सैटेलाइट आरएंडडी (R&D) केंद्र इस पार्क में स्थापित करेंगे।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह कदम पश्चिमी तमिलनाडु के औद्योगिक परिदृश्य को बदल सकता है। यह न केवल छात्रों को वास्तविक दुनिया की समस्याओं पर काम करने का अवसर देगा, बल्कि क्षेत्र में 'डीप टेक' समाधानों और तकनीकी विशेषज्ञों को आकर्षित करने के लिए एक केंद्र के रूप में कार्य करेगा।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: अरिवकूडम रिसर्च पार्क कब तक शुरू होगा?
उत्तर: इसके 2027 के अंत या 2028 की शुरुआत तक परिचालन में आने की उम्मीद है।
प्रश्न 2: इस पार्क का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: इसका उद्देश्य उद्योग-संचालित अनुसंधान को बढ़ावा देना और छात्रों को वास्तविक औद्योगिक चुनौतियों का अनुभव प्रदान करना है।