बुंडू स्थित गुरुकुल विद्या निकेतन में शिक्षकों के लिए एक विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें आधुनिक शिक्षण पद्धतियों और गतिविधि आधारित अधिगम (Activity Based Learning) पर जोर दिया गया।
- गुरुकुल विद्या निकेतन, बुंडू में शिक्षकों के लिए विशेष कार्यशाला का आयोजन।
- दिल्ली के प्रसिद्ध शिक्षाविद सौरभ पाठक द्वारा आधुनिक शिक्षण तकनीकों का प्रशिक्षण।
- बाल-केंद्रित शिक्षा और कक्षा प्रबंधन पर विशेष ध्यान।
झारखंड के बुंडू स्थित गुरुकुल विद्या निकेतन में बुधवार को शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य केंद्र बिंदु कक्षा-कक्ष प्रबंधन, सीखने के अपेक्षित परिणाम और गतिविधि आधारित अधिगम (Activity Based Learning) रहा। इस कार्यक्रम में विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भाग लिया, जिसका उद्देश्य पारंपरिक शिक्षण विधियों को आधुनिक और प्रभावी बनाना है।
कार्यशाला के मुख्य प्रशिक्षक, दिल्ली से आए प्रसिद्ध शिक्षाविद, लेखक और प्रेरक वक्ता सौरभ पाठक थे। उनके साथ राकेश वर्मा और बीरेंद्र सिंह ने भी शिक्षण कौशल को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सौरभ पाठक ने शिक्षकों को व्यावहारिक जानकारी दी कि कैसे एक शिक्षक कक्षा में विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित कर सकता है। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर बल दिया कि हर बच्चे की सीखने की क्षमता अलग होती है, इसलिए शिक्षण पद्धति भी समावेशी होनी चाहिए।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि भारत के ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए केवल बुनियादी ढांचे का होना काफी नहीं है, बल्कि शिक्षकों का निरंतर पेशेवर विकास (Professional Development) अनिवार्य है। गतिविधि आधारित शिक्षण न केवल छात्रों की रुचि बढ़ाता है, बल्कि उनके संज्ञानात्मक विकास में भी सहायक होता है।
शिक्षण केवल सूचना देना नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के भीतर जिज्ञासा पैदा करना और उन्हें सक्रिय रूप से सीखने के लिए प्रेरित करना है।
प्रधानाध्यापक उज्ज्वल चंद्र धीवर ने इस अवसर पर कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों के निरंतर व्यावसायिक विकास के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब शिक्षक नई तकनीकों से लैस होंगे, तभी विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास संभव हो पाएगा। कार्यशाला के दौरान 'करके सीखना' (Learning by Doing) की अवधारणा को विभिन्न उदाहरणों और गतिविधियों के माध्यम से समझाया गया।
इस कार्यक्रम के सफल आयोजन में गुरुकुल परिवार के सचिव दीपक जायसवाल, कोषाध्यक्ष रंजीत लाहेरी, सदस्य कार्तिक प्रमाणिक और उप प्रधानाध्यापक पंचानन महतो का विशेष सहयोग रहा। वरिष्ठ शिक्षक अंबुज दत्ता और अर्जुन गोराई सहित समस्त शिक्षक दल ने इस सत्र से महत्वपूर्ण अनुभव प्राप्त किए।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: गतिविधि आधारित शिक्षण क्या है?
उत्तर: यह एक ऐसी पद्धति है जिसमें छात्र केवल सुनकर नहीं, बल्कि गतिविधियों और प्रयोगों के माध्यम से सक्रिय रूप से सीखते हैं।
प्रश्न 2: इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य क्या था?
उत्तर: इसका उद्देश्य शिक्षकों को आधुनिक कक्षा प्रबंधन और बाल-केंद्रित शिक्षण पद्धतियों में दक्ष बनाना था।