उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने एमबीबीएस और बीडीएस इंटर्न के मासिक वजीफे में भारी बढ़ोतरी करने का निर्णय लिया है। विरोध प्रदर्शनों के बाद सरकार ने स्टाइपेंड को 12,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये कर दिया है।
- एमबीबीएस और बीडीएस इंटर्न का मासिक स्टाइपेंड 12,000 रुपये से बढ़कर 25,000 रुपये हुआ।
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट ने इस निर्णय को मंजूरी दी।
- यह फैसला राज्य के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में इंटर्नशिप कर रहे छात्रों के लिए लागू होगा।
- सरकार ने स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना के तहत 25 लाख टैबलेट वितरण को भी मंजूरी दी।
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने राज्य के चिकित्सा क्षेत्र के भविष्य को सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया कि राज्य के सरकारी मेडिकल संस्थानों में एमबीबीएस (MBBS) और बीडीएस (BDS) इंटर्न को मिलने वाले मासिक स्टाइपेंड को दोगुना कर दिया जाएगा। अब इंटर्न को प्रति माह 25,000 रुपये दिए जाएंगे, जो पहले केवल 12,000 रुपये थे।
विरोध प्रदर्शन के बाद सरकार का कदम
यह निर्णय अचानक नहीं लिया गया है। हाल ही में लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU), राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान, गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज और मेरठ के लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज के इंटर्नों ने अपने कम वजीफे के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया था। छात्रों का तर्क था कि उनकी कठिन ड्यूटी और कार्यभार के मुकाबले मौजूदा स्टाइपेंड अपर्याप्त है। सरकार ने छात्रों की मांगों को स्वीकार करते हुए इस वित्तीय राहत की घोषणा की है।
इंटर्नशिप की भूमिका और महत्व
मेडिकल इंटर्नशिप के दौरान, ये छात्र सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों के साथ मिलकर काम करते हैं। उनकी जिम्मेदारियों में वार्डों में मरीजों की देखभाल करना, ओपीडी (OPD) संभालना, आपातकालीन सेवाओं में सहायता करना और रात की ड्यूटी शामिल है। उच्च स्टाइपेंड का उद्देश्य इंटर्न को वित्तीय सहायता प्रदान करना और सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में उनके योगदान को और अधिक प्रोत्साहित करना है।
चिकित्सा शिक्षा में वित्तीय स्थिरता छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और उनके सीखने की क्षमता को सीधे तौर पर प्रभावित करती है।
डिजिटल सशक्तिकरण: 25 लाख मुफ्त टैबलेट
स्टाइपेंड वृद्धि के साथ-साथ, कैबिनेट ने स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना के तहत 25 लाख टैबलेट खरीदने की भी मंजूरी दी है। इसके लिए सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए 2,374.60 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। ये टैबलेट स्नातक, स्नातकोत्तर और तकनीकी शिक्षा प्राप्त करने वाले छात्रों को मुफ्त में दिए जाएंगे ताकि वे डिजिटल लर्निंग और ऑनलाइन प्रशिक्षण का लाभ उठा सकें।
ऐतिहासिक संदर्भ
योगी सरकार के कार्यकाल में यह दूसरा बड़ा स्टाइपेंड अपग्रेड है। इससे पहले 2021 में, मासिक स्टाइपेंड को 7,500 रुपये से बढ़ाकर 12,000 रुपये किया गया था। इस नई वृद्धि के साथ, उत्तर प्रदेश अब अन्य राज्यों और केंद्रीय संस्थानों द्वारा दिए जाने वाले स्टाइपेंड के मुकाबले एक प्रतिस्पर्धी स्थिति में आ गया है।
तुलनात्मक विश्लेषण
| विवरण | पुराना स्टाइपेंड | नया स्टाइपेंड |
|---|---|---|
| मासिक राशि (MBBS/BDS) | ₹12,000 | ₹25,000 |
| वृद्धि प्रतिशत | - | ~108% |
Frequently Asked Questions
1. यह नया स्टाइपेंड किन छात्रों को मिलेगा?
यह केवल उत्तर प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में एमबीबीएस और बीडीएस की अनिवार्य रोटेटरी इंटर्नशिप कर रहे छात्रों के लिए है।
2. क्या टैबलेट योजना का लाभ मेडिकल छात्रों को भी मिलेगा?
हाँ, स्वास्थ्य शिक्षा और तकनीकी शिक्षा प्राप्त करने वाले पात्र छात्रों को भी स्वामी विवेकानंद योजना के तहत टैबलेट दिए जाएंगे।