आंध्र विश्वविद्यालय के सांख्यिकी विभाग के 1972 से 1981 बैच के पूर्व छात्रों ने विशाखापत्तनम में एक विशेष पुनर्मिलन समारोह आयोजित किया। इस कार्यक्रम में पुराने मित्रों के मिलन के साथ-साथ विभाग के विकास के लिए सहयोग का संकल्प लिया गया।

  • 1972 से 1981 बैच के पूर्व छात्र इस पुनर्मिलन में शामिल हुए।
  • प्रिंसिपल एम.वी.आर. राजू ने स्वस्थ जीवन और सामाजिक सेवा पर जोर दिया।
  • पूर्व छात्रों ने वर्तमान छात्रों के साथ करियर और शिक्षा पर चर्चा की।
  • विभाग के विकास के लिए वित्तीय और रणनीतिक सहायता का वादा किया गया।

विशाखापत्तनम स्थित आंध्र विश्वविद्यालय के सांख्यिकी विभाग ने हाल ही में एक ऐतिहासिक पुनर्मिलन समारोह का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में 1972 से लेकर 1981 तक के विभिन्न बैचों के पूर्व छात्र शामिल हुए, जो दशकों बाद अपने पुराने परिसर और सहपाठियों से मिलने के लिए एकत्रित हुए थे। यह आयोजन विभाग के सेमिनार हॉल में संपन्न हुआ, जहाँ पुरानी यादों और भविष्य की संभावनाओं का अनूठा संगम देखने को मिला।

कार्यक्रम के दौरान, आंध्र विश्वविद्यालय कॉलेज ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के प्रिंसिपल एम.वी.आर. राजू ने उपस्थित पूर्व छात्रों को संबोधित किया। उन्होंने जीवन के इस पड़ाव पर सक्रिय रहने, तनाव से दूर रहने और एक स्वस्थ एवं सुखी जीवन जीने का मंत्र दिया। इसके साथ ही, उन्होंने पूर्व छात्रों से समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने और सामाजिक सेवा गतिविधियों में निरंतर भाग लेने का आह्वान किया।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि इस तरह के पुनर्मिलन केवल सामाजिक मेलजोल तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये शैक्षणिक संस्थानों और उनके सफल पूर्व छात्रों के बीच एक मजबूत सेतु का निर्माण करते हैं। यह जुड़ाव न केवल विभाग के बुनियादी ढांचे को मजबूत करता है, बल्कि वर्तमान छात्रों के लिए मेंटरशिप के द्वार भी खोलता है।

इस तरह के आयोजन शैक्षणिक विरासत को जीवित रखने और संस्थान के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।

कार्यक्रम में एलुमनाई एसोसिएशन के एसोसिएट डीन ए.आर.एन. हनुमान और एन. सोलोमन बेनी ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। विभाग के प्रमुख बी. मुनिसवामी ने कहा कि ऐसे पुनर्मिलन पुराने दोस्तों के साथ फिर से जुड़ने और विभाग के साथ संबंधों को और गहरा करने में मदद करते हैं।

पुनर्मिलन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा वर्तमान छात्रों के साथ संवाद सत्र था। पूर्व छात्रों ने छात्रों के साथ उच्च शिक्षा, रोजगार के नए अवसरों और भविष्य की करियर योजनाओं पर अपने अनुभव साझा किए। इसके अलावा, पूर्व छात्रों के एक समूह ने साइंस कॉलेज हॉस्टल का दौरा भी किया और विभाग के समग्र विकास के लिए अपना पूर्ण समर्थन देने का संकल्प लिया।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

आंध्र विश्वविद्यालय, जो अपनी शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए जाना जाता है, ने दशकों से भारत में सांख्यिकी और विज्ञान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। 1970 के दशक के छात्र आज देश के विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत हैं, जो इस संस्थान की मजबूत नींव का प्रमाण हैं।

Did You Know?: आंध्र विश्वविद्यालय भारत के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में से एक है, जिसकी स्थापना 1926 में हुई थी।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: इस पुनर्मिलन में किस अवधि के छात्र शामिल हुए थे?
उत्तर: इस समारोह में 1972 से 1981 के बीच सांख्यिकी विभाग से स्नातक करने वाले छात्र शामिल हुए थे।

प्रश्न 2: पूर्व छात्रों ने विभाग के लिए क्या योगदान देने का वादा किया?
उत्तर: पूर्व छात्रों ने विभाग के विकास और बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के लिए अपना समर्थन और सहयोग देने का संकल्प लिया।