बेलगावी के KLS गोगटे इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी ने स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन 2026 का आयोजन किया, जिसमें 28 टीमों के छात्रों ने स्वास्थ्य सेवा और साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में नवाचार पेश किए।

  • 168 छात्रों ने 28 टीमों में विभाजित होकर भाग लिया।
  • स्वास्थ्य सेवा, साइबर सुरक्षा और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी जैसे विविध क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया गया।
  • उद्योग विशेषज्ञों और उद्यमियों ने मार्गदर्शन प्रदान किया।

कर्नाटक के बेलगावी स्थित KLS गोगटे इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (KLS GIT) ने हाल ही में 'आंतरिक स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन (SIH) 2026' का भव्य आयोजन किया। यह दो दिवसीय कार्यक्रम शुक्रवार और शनिवार को आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य छात्रों की तकनीकी क्षमता को निखारना और उन्हें वास्तविक दुनिया की जटिल समस्याओं के समाधान खोजने के लिए प्रेरित करना था।

इस प्रतियोगिता में कुल 168 छात्रों ने 28 अलग-अलग टीमों के रूप में हिस्सा लिया। छात्रों ने न केवल कोडिंग की, बल्कि समस्या की पहचान करने से लेकर एक व्यावहारिक प्रोटोटाइप विकसित करने तक की पूरी प्रक्रिया का अनुभव किया। यह आयोजन छात्रों के लिए एक जीवंत मंच साबित हुआ जहाँ उन्होंने अपनी रचनात्मकता और नेतृत्व क्षमता का प्रदर्शन किया।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, इस तरह के आंतरिक हैकाथॉन केवल शैक्षणिक अभ्यास नहीं हैं, बल्कि ये छात्रों को 'उद्योग-तैयार' (industry-ready) बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं। जब छात्र साइबर सुरक्षा, स्मार्ट ऑटोमेशन और रोबोटिक्स जैसे क्षेत्रों में काम करते हैं, तो वे सीधे तौर पर भविष्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था की जरूरतों से जुड़ते हैं।

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न डोमेन पर ध्यान केंद्रित किया गया, जिनमें स्वास्थ्य सेवा, साइबर सुरक्षा, कृषि, आपदा प्रबंधन, शिक्षा, स्मार्ट ऑटोमेशन, परिवहन, रोबोटिक्स और ड्रोन, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, शासन, तथा विरासत और संस्कृति शामिल थे।

नवाचार केवल नए विचार लाने के बारे में नहीं है, बल्कि उन विचारों को ऐसी तकनीक में बदलने के बारे में है जो समाज के सबसे निचले स्तर तक प्रभाव डाल सके।

इस आयोजन को सफल बनाने में उद्योग जगत के दिग्गजों का बड़ा हाथ रहा। नीरज वर्णेकर, अविनाश पौसकर, दर्शन मुतालिकदेसाई, राघवेंद्र पाटिल, कौशल केदारी, श्रीनिकेत कट्टी और गणेश जैसे उद्यमियों और उद्योगपतियों ने संसाधन व्यक्तियों के रूप में कार्य किया। उन्होंने छात्रों को तकनीकी मार्गदर्शन दिया और उनके समाधानों को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए रचनात्मक फीडबैक प्रदान किया।

आयोजन समिति में प्रिंसिपल विजय ए. अथवाले, IRDC डीन रुद्रेश मगदुम, CSE विभागाध्यक्ष आर. एस. पाटिल और संस्थान की SPOC शारदा कोरी सहित कई फैकल्टी सदस्य और स्वयंसेवक शामिल थे। प्रिंसिपल अथवाले ने इस सफल आयोजन के लिए संस्थान के प्रबंधन के प्रति आभार व्यक्त किया है।

क्या आप जानते हैं?: स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन दुनिया के सबसे बड़े ओपन इनोवेशन मॉडलों में से एक है, जो छात्रों को सरकारी मंत्रालयों द्वारा दी गई समस्याओं को हल करने का अवसर देता है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: आंतरिक स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: इसका मुख्य उद्देश्य छात्रों को वास्तविक दुनिया की चुनौतियों के लिए तकनीकी समाधान विकसित करने के लिए प्रेरित करना और उन्हें राष्ट्रीय स्तर के SIH के लिए तैयार करना है।

प्रश्न 2: इस हैकाथॉन में किन क्षेत्रों को कवर किया गया?
उत्तर: इसमें स्वास्थ्य सेवा, कृषि, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, साइबर सुरक्षा और रोबोटिक्स जैसे कई महत्वपूर्ण डोमेन शामिल थे।