तेलंगाना सरकार ने सभी निजी स्कूलों, आवासीय संस्थानों और जूनियर कॉलेजों के लिए 'स्वच्छ एवं हरित विद्यालय रेटिंग' (SHVR) पहल में भाग लेना अनिवार्य कर दिया है। इस पहल का उद्देश्य शैक्षणिक संस्थानों में स्वच्छता, स्वच्छता और पर्यावरणीय स्थिरता को बढ़ावा देना है।
- सभी निजी स्कूलों, आवासीय संस्थानों और जूनियर कॉलेजों के लिए SHVR 2026-27 में भाग लेना अनिवार्य है।
- रेटिंग के लिए स्वच्छता, पानी, शौचालय और पर्यावरण स्थिरता जैसे मापदंडों पर 125 अंक दिए जाएंगे।
- प्रशस्त 2.0 पहल के तहत दिव्यांग बच्चों की पहचान के लिए स्क्रीनिंग प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।
तेलंगाना में शिक्षा के स्तर और स्वच्छता मानकों को सुधारने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। समग्र शिक्षा के राज्य परियोजना निदेशक ने सभी निजी प्रबंधन स्कूलों, आवासीय कॉलेजों और जूनियर कॉलेजों को स्वच्छ एवं हरित विद्यालय रेटिंग (SHVR) 2026-27 पहल में सक्रिय रूप से भाग लेने का निर्देश दिया है।
यह पहल भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा शुरू किया गया एक राष्ट्रव्यापी स्कूल मूल्यांकन ढांचा है। SHVR का मुख्य उद्देश्य शैक्षणिक संस्थानों में स्वच्छता, स्वच्छता, स्वच्छता, पर्यावरणीय स्थिरता और एक स्वस्थ सीखने के वातावरण को बढ़ावा देना है। यह सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है कि छात्र न केवल शैक्षणिक रूप से बल्कि स्वास्थ्य और पर्यावरण के प्रति भी जागरूक हों।
रेटिंग प्रक्रिया और मापदंड
इस कार्यक्रम के तहत, सभी संस्थानों को आधिकारिक पोर्टल https://shvr.education.gov.in/ पर पंजीकरण करना होगा और स्व-मूल्यांकन फॉर्म भरना होगा। मूल्यांकन की प्रक्रिया काफी विस्तृत है, जिसमें कुल 125 अंक निर्धारित किए गए हैं। रेटिंग के मुख्य मापदंडों में निम्नलिखित शामिल हैं:
- पानी की उपलब्धता और गुणवत्ता
- शौचालय की स्थिति और स्वच्छता
- साबुन से हाथ धोने की व्यवस्था
- संचालन और रखरखाव
- व्यवहार परिवर्तन और क्षमता निर्माण
- मिशन लाइफ (Mission LiFE) गतिविधियाँ
प्रशस्त 2.0 और समावेशी शिक्षा
स्वच्छता के साथ-साथ, सरकार समावेशी शिक्षा पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है। जिला शिक्षा अधिकारियों (DEOs) को प्रशस्त 2.0 (Prashast 2.0) पहल के तहत निर्देश दिए गए हैं। इसके अंतर्गत, स्कूल-आधारित विकलांगता स्क्रीनिंग टूल का उपयोग करके विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की पहचान की जाएगी। शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा ताकि वे संभावित विकलांगता के संकेतों को पहचान सकें और समय पर सहायता प्रदान कर सकें।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह कदम केवल स्वच्छता के बारे में नहीं है, बल्कि यह निजी शिक्षण संस्थानों की जवाबदेही तय करने के बारे में भी है। SHVR रेटिंग स्कूलों के लिए एक बेंचमार्क के रूप में कार्य करेगी, जिससे माता-पिता को बेहतर सुविधाओं वाले संस्थानों का चयन करने में मदद मिलेगी।
शिक्षा का उद्देश्य केवल साक्षरता नहीं, बल्कि एक स्वस्थ और जिम्मेदार नागरिक का निर्माण करना भी है।
Frequently Asked Questions
1. क्या सरकारी स्कूलों को भी इसमें भाग लेना होगा?
यह निर्देश विशेष रूप से निजी प्रबंधन स्कूलों, आवासीय संस्थानों और जूनियर कॉलेजों के लिए है, हालांकि सभी स्कूलों के पास वैध UDISE+ कोड होना अनिवार्य है।
2. रेटिंग प्रक्रिया के लिए क्या करना होगा?
संस्थानों को SHVR पोर्टल पर जाकर अपना स्व-मूल्यांकन फॉर्म भरना होगा।