कोयंबटूर में रविवार को आयोजित नीट (पीजी) परीक्षा में 4,167 उम्मीदवारों ने भाग लिया। 18 केंद्रों पर आयोजित इस परीक्षा में सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं के कड़े इंतजाम किए गए थे।

  • कोयंबटूर के 18 केंद्रों पर आयोजित हुई नीट (पीजी) परीक्षा।
  • कुल 4,393 पंजीकृत उम्मीदवारों में से 4,167 उपस्थित रहे।
  • परीक्षा का नया पैटर्न: 210 मिनट में 180 प्रश्न।

तमिलनाडु के कोयंबटूर शहर में रविवार, 30 अगस्त 2026 को राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) (PG) का सफल आयोजन किया गया। नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) द्वारा आयोजित इस महत्वपूर्ण परीक्षा के लिए शहर के 18 विभिन्न केंद्रों पर बुनियादी ढांचा तैयार किया गया था।

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस परीक्षा के लिए कुल 4,393 उम्मीदवार पंजीकृत थे, जिनमें से 4,167 ने परीक्षा में शिरकत की। लगभग 226 उम्मीदवार अनुपस्थित रहे। यह परीक्षा चिकित्सा क्षेत्र में विशेषज्ञता हासिल करने के इच्छुक छात्रों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह MD, MS और पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में प्रवेश का मुख्य आधार है।

परीक्षा का स्वरूप और छात्र अनुभव

इस वर्ष परीक्षा के स्वरूप में कुछ बदलाव देखे गए। उम्मीदवारों को 210 मिनट के भीतर 180 प्रश्नों का उत्तर देना था। परीक्षा समाप्त होने के बाद, कई छात्रों ने बताया कि हालांकि कुछ प्रश्न चुनौतीपूर्ण थे, लेकिन संशोधित पैटर्न ने उन्हें समय पर परीक्षा पूरी करने में मदद की। अधिकांश छात्रों ने पेपर को 'प्रबंधनीय' बताया।

परीक्षा का नया पैटर्न समय प्रबंधन के लिए एक बेहतर चुनौती पेश करता है, जो भविष्य के विशेषज्ञों की दक्षता को परखने में सहायक है।

सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था

प्रशासन द्वारा परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। सुबह 7 बजे से 9 बजे के बीच उम्मीदवारों को प्रवेश की अनुमति दी गई। केंद्रों पर गहन तलाशी (frisking) की गई और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के साथ-साथ व्यक्तिगत सामान ले जाने पर पूरी तरह प्रतिबंध था। परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए निर्बाध बिजली आपूर्ति, आपातकालीन चिकित्सा सहायता और विशेष बस सेवाओं का भी प्रबंध किया गया था।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि नीट (पीजी) जैसी परीक्षाओं में उपस्थिति दर और परीक्षा पैटर्न में बदलाव सीधे तौर पर चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धात्मक स्तर को प्रभावित करते हैं। कोयंबटूर जैसे शैक्षिक केंद्रों में सुचारू आयोजन चिकित्सा क्षेत्र के भविष्य के लिए एक सकारात्मक संकेत है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

NEET (PG) भारत में मेडिकल स्नातकोत्तर शिक्षा के लिए एकमात्र प्रवेश परीक्षा है। इसका उद्देश्य पूरे देश में चिकित्सा शिक्षा के मानकीकरण को सुनिश्चित करना और एक पारदर्शी चयन प्रक्रिया बनाए रखना है।

Did You Know?: नीट (पीजी) परीक्षा केवल डॉक्टर बनने के लिए नहीं, बल्कि चिकित्सा के विशिष्ट क्षेत्रों जैसे कार्डियोलॉजी या न्यूरोलॉजी में विशेषज्ञता हासिल करने की पहली सीढ़ी है।

Frequently Asked Questions

1. नीट (पीजी) परीक्षा किसके लिए आयोजित की जाती है?
यह परीक्षा MD, MS और पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित की जाती है।

2. कोयंबटूर में कितने केंद्र बनाए गए थे?
कोयंबटूर में इस परीक्षा के लिए कुल 18 केंद्र संचालित किए गए थे।