डाक द्वारा आवेदन और स्लाइड रूल से लेकर AI-आधारित पेपर और कंप्यूटर-आधारित परीक्षा तक, पिछले चार दशकों में GATE ने एक व्यापक कायाकल्प देखा है।

  • GATE 1983 में केवल 2 पेपर स्ट्रीम थे, जो 2027 तक बढ़कर 30 विविध टेस्ट पेपर हो गए हैं।
  • आवेदन प्रक्रिया डाक ऑर्डर और डिमांड ड्राफ्ट से बदलकर डिजिटल GOAPS सिस्टम में तब्दील हो गई है।
  • रोबोटिक्स, ऑटोमेशन और डेटा साइंस जैसे आधुनिक विषयों ने 80 के दशक के सीमित दायरे को खत्म कर दिया है।
  • परीक्षा का महत्व अब केवल पीजी एडमिशन तक सीमित नहीं, बल्कि PSU भर्ती और डायरेक्ट PhD तक फैल गया है।

ग्रेजुएट एप्टीट्यूड टेस्ट इन इंजीनियरिंग (GATE) लंबे समय से भारत में इंजीनियरिंग उत्कृष्टता का मानक रहा है। हालांकि, 1983 की पहली परीक्षा और आगामी GATE 2027 के बीच तुलना भारत की अपनी तकनीकी यात्रा को दर्शाती है। जो परीक्षा पांच IITs और भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc) के लिए एक साधारण चयन उपकरण के रूप में शुरू हुई थी, वह अब एक विशाल शैक्षणिक पारिस्थितिकी तंत्र बन चुकी है।

1983 में, यह परीक्षा केवल दो पेपरों तक सीमित थी। उम्मीदवारों को 'सामान्य इंजीनियरिंग विज्ञान' और एक विशिष्ट विषय के पेपर देने होते थे। उस समय आवेदन की प्रक्रिया बेहद कठिन थी; फॉर्म प्राप्त करने के लिए उम्मीदवारों को 5 रुपये का पोस्टल ऑर्डर और एक लिफाफा भेजना पड़ता था। आज, GATE ऑनलाइन एप्लिकेशन प्रोसेसिंग सिस्टम (GOAPS) ने इन पुरानी पद्धतियों को समाप्त कर दिया है, जिससे डिजिटल अपलोड और रीयल-टाइम ट्रैकिंग संभव हो गई है।

यह क्यों महत्वपूर्ण है?

BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि GATE का विस्तार केवल प्रशासनिक नहीं है, बल्कि यह अंतःविषय शिक्षा (interdisciplinary education) की ओर वैश्विक झुकाव को दर्शाता है। मानविकी, सामाजिक विज्ञान और अब रोबोटिक्स और ऑटोमेशन को शामिल करके, GATE यह स्वीकार कर रहा है कि आधुनिक इंजीनियर को बहुमुखी होना चाहिए। एक दिन की परीक्षा से तीन सप्ताहांतों के शेड्यूल पर जाना उम्मीदवारों की बढ़ती संख्या और विविधता को दर्शाता है।

"फिजिकल स्लाइड रूल से वर्चुअल साइंटिफिक कैलकुलेटर तक का सफर भारतीय इंजीनियरिंग में मैनुअल गणना से एल्गोरिथमिक सोच की ओर बदलाव का प्रतीक है।"

परीक्षा के प्रारूप में भी आमूल-चूल परिवर्तन आया है। 80 के दशक की शुरुआत में, उम्मीदवार अपने साथ इंस्ट्रूमेंट बॉक्स और इलेक्ट्रॉनिक कैलकुलेटर लाते थे। 2027 में, परीक्षा पूरी तरह से कंप्यूटर-आधारित है, जिसमें इंटरफेस के भीतर ही एक वर्चुअल कैलकुलेटर दिया गया है। इसके अलावा, राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 ने वर्तमान संरचना को प्रभावित किया है, जिससे छात्रों को दो-पेपर संयोजन चुनने की अनुमति मिली है।

विशेषताGATE 1983GATE 2027
पेपरों की संख्या2 मुख्य स्ट्रीम30 टेस्ट पेपर
आवेदन का तरीकाडाक/डिमांड ड्राफ्टऑनलाइन (GOAPS)
परीक्षा प्रारूपपेन और पेपरकंप्यूटर आधारित (CBT)
अवधि1 दिन6 दिन (3 सप्ताहांत)
मुख्य उपकरणस्लाइड रूल/फिजिकल कैलकुलेटरवर्चुअल कैलकुलेटर

परीक्षा के अलावा, GATE स्कोर का उद्देश्य भी व्यापक हो गया है। जहाँ यह कभी केवल 18 महीने के स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों का प्रवेश द्वार था, अब यह सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs) में भर्ती के लिए एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है और सीधे डॉक्टरेट कार्यक्रमों के लिए अनिवार्य है। 2027 के लिए 'रोबोटिक्स और ऑटोमेशन' पेपर की शुरुआत भारतीय शिक्षा जगत के इंडस्ट्री 4.0 मानकों के साथ तालमेल को उजागर करती है।

क्या आप जानते हैं?: 1983 में, यदि आपका एडमिट कार्ड 15 फरवरी तक डाक से नहीं पहुँचता था, तो आपको समस्या सुलझाने के लिए व्यक्तिगत रूप से GATE चेयरमैन से संपर्क करना पड़ता था!

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: क्या GATE 2027 में एक से अधिक पेपर दिए जा सकते हैं?
हाँ, पात्र उम्मीदवार निर्धारित संयोजनों के आधार पर एक या दो टेस्ट पेपर चुन सकते हैं।

प्रश्न 2: GATE 2027 का आयोजन कौन कर रहा है?
GATE 2027 का आयोजन IIT मद्रास द्वारा किया जाएगा।