IIM बैंगलोर ने डोराबजी टाटा स्कूल ऑफ अंडरग्रेजुएट स्टडीज में अपने पहले स्नातक (UG) बैच की कक्षाएं शुरू कर दी हैं। यह कोर्स डेटा साइंस और इकोनॉमिक्स के समन्वय से युवाओं को भविष्य के लिए तैयार करेगा।
- IIM-B ने अपना पहला UG प्रोग्राम: BSc (Hons) डेटा साइंस और इकोनॉमिक्स लॉन्च किया है।
- पहले बैच में भारत के 20 अलग-अलग राज्यों के 80 छात्र शामिल हैं।
- प्रथम बैच के 25% छात्रों को पूर्ण या आंशिक छात्रवृत्ति दी गई है।
- 2034 तक संस्थान का लक्ष्य 2,400 छात्रों और 150 संकायों तक विस्तार करना है।
भारत के शीर्ष प्रबंधन संस्थानों में से एक, भारतीय प्रबंधन संस्थान बैंगलोर (IIM-B) ने एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए अपने पहले स्नातक (UG) बैच की कक्षाएं शुरू कर दी हैं। डोराबजी टाटा स्कूल ऑफ अंडरग्रेजुएट स्टडीज के तहत शुरू किया गया यह BSc (Hons) डेटा साइंस और इकोनॉमिक्स प्रोग्राम, संस्थान के बुनियादी उच्च शिक्षा में प्रवेश की रणनीतिक दिशा को दर्शाता है।
इस उद्घाटन बैच में भारत के 20 विभिन्न राज्यों के 80 छात्र शामिल हैं, जो भौगोलिक विविधता को प्रदर्शित करता है। यह बहुविषयक दृष्टिकोण पारंपरिक शिक्षा की सीमाओं को तोड़ने के लिए डिज़ाइन किया गया है। IIM-B के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष और नारायण हेल्थ के संस्थापक देवी प्रसाद शेट्टी ने इसे भारतीय शिक्षा प्रणाली के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर बताया है।
डॉ. शेट्टी ने इस नए स्कूल को टाटा द्वारा स्थापित संस्थानों, जैसे कि भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc) की विरासत से जोड़ा। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य ऐसे 'द्विभाषी दिमाग' (bilingual minds) तैयार करना है, जो व्यवसाय और सार्वजनिक नीति के साथ-साथ अर्थशास्त्र और विज्ञान के बीच सहजता से तालमेल बिठा सकें।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि IIM-B का स्नातक शिक्षा में प्रवेश भारत में उच्च गुणवत्ता वाले संस्थानों की कमी का एक सीधा समाधान है। डेटा साइंस और इकोनॉमिक्स का यह संगम वैश्विक मांग को पूरा करेगा, जहाँ मात्रात्मक डेटा और आर्थिक सिद्धांतों के संश्लेषण की आवश्यकता है। यह कदम प्रवेश प्रक्रिया को केवल 'एलिमिनेशन' (छंटनी) के बजाय वास्तविक 'सिलेक्शन' (चयन) प्रक्रिया में बदल देगा।
"लक्ष्य ऐसे दिमाग तैयार करना है जो दुनिया के प्रति अपने विचारों में अभी तक जड़ नहीं हुए हैं और जो बिजनेस और पब्लिक पॉलिसी के बीच आसानी से घूम सकें।"
भविष्य की योजनाओं पर चर्चा करते हुए, टाटा ट्रस्ट्स के सीईओ सिद्धार्थ शर्मा ने बताया कि 2034 तक इस संख्या को बढ़ाकर लगभग 2,400 छात्रों और 150 संकायों तक ले जाने का लक्ष्य है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल संख्या बढ़ाना उद्देश्य नहीं है, बल्कि यह देश के युवाओं में एक दीर्घकालिक निवेश है।
पहले बैच के आंकड़ों के अनुसार, 39 छात्रों ने कॉमर्स, 39 ने साइंस और दो ने आर्ट्स और ह्यूमैनिटीज की पढ़ाई की है। लिंग अनुपात की बात करें तो बैच में 56 पुरुष और 24 महिला छात्र हैं। अधिकांश छात्र CBSE (51) पृष्ठभूमि से हैं, उसके बाद स्टेट बोर्ड (23), IB (4) और NIOS/ICSE के छात्र हैं।
| मानदंड | प्रथम बैच (2026) | प्रक्षेपित लक्ष्य (2034) |
|---|---|---|
| छात्रों की संख्या | 80 | 2,400 |
| संकाय सदस्य | प्रारंभिक स्टाफ | 150 |
| मुख्य फोकस | डेटा साइंस और इकोनॉमिक्स | बहुविषयक स्नातक शिक्षा |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: नए UG प्रोग्राम में कौन सी विशिष्ट डिग्री दी जा रही है?
यह प्रोग्राम BSc (Hons) डेटा साइंस और इकोनॉमिक्स की डिग्री प्रदान करता है।
प्रश्न 2: पहले बैच के लिए कितनी छात्रवृत्तियाँ प्रदान की गईं?
पहले बैच के लगभग 25% छात्रों को पूर्ण या आंशिक छात्रवृत्ति दी गई है।