पूर्व IAS अधिकारी रोमन सैनी ने LBSNAA की एक फोन कॉल से लेकर upGrad द्वारा अधिग्रहण तक अनएकेडमी के उतार-चढ़ाव भरे सफर और भारतीय शिक्षा में आए बदलावों को साझा किया।
- रोमन सैनी ने गौरव मुंजाल के साथ एक महत्वपूर्ण चर्चा के बाद IAS छोड़ अनएकेडमी की स्थापना की।
- अनएकेडमी का अब upGrad द्वारा अधिग्रहण कर लिया गया है, जिससे यह रॉनी स्क्रूवाला के नेतृत्व में नए युग में प्रवेश कर रही है।
- महामारी के दौरान प्लेटफॉर्म ने 10 लाख पेड सब्सक्राइबर्स और प्रति माह 1 लाख लाइव क्लासेस का आंकड़ा छुआ।
भारतीय शिक्षा जगत में तब एक बड़ा बदलाव आया जब रोमन सैनी, जिन्होंने UPSC जैसी कठिन परीक्षा पास की थी, ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) की स्थिरता को छोड़ने का फैसला किया। upGrad द्वारा अनएकेडमी के अधिग्रहण के बाद, सैनी ने अपनी यात्रा को याद करते हुए बताया कि कैसे LBSNAA के गलियारों में गौरव मुंजाल के साथ एक बातचीत ने उनके जीवन की दिशा बदल दी।
शुरुआती दिनों में, ऑनलाइन शिक्षण को आज की तरह सम्मान नहीं दिया जाता था। सैनी ने याद किया कि उस समय ऑनलाइन पढ़ाने वाले शिक्षकों को कमतर आंका जाता था। इस धारणा को बदलने के लिए, उन्होंने पहले महीने में ही लगभग 200 शिक्षकों को व्यक्तिगत रूप से फोन किया और उन्हें डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। यही मेहनत आगे चलकर अरबों व्यूज में तब्दील हुई।
यह क्यों महत्वपूर्ण है?
BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि अनएकेडमी-upGrad डील केवल एक कॉर्पोरेट विलय नहीं है, बल्कि यह भारतीय एडटेक क्षेत्र के एकीकरण का संकेत है। महामारी के दौरान हुई तीव्र वृद्धि के बाद, अब उद्योग केवल यूजर बढ़ाने के बजाय एक टिकाऊ और एकीकृत लर्निंग इकोसिस्टम की ओर बढ़ रहा है। सैनी का एक नौकरशाह से उद्यमी बनना भारत की शीर्ष प्रतिभाओं की बदलती आकांक्षाओं को दर्शाता है।
अनएकेडमी का प्रभाव कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान सबसे अधिक दिखा। एक समय ऐसा था जब प्लेटफॉर्म पर हर महीने 1 लाख से अधिक लाइव क्लासेस चल रही थीं। आंकड़ों से परे, सैनी ने एक CISF अधिकारी का किस्सा साझा किया, जिसने उन्हें धन्यवाद दिया क्योंकि वह ड्यूटी पर रहते हुए ऑनलाइन पढ़ाई कर सका। इसने साबित किया कि ऑनलाइन शिक्षा ने उन लोगों के लिए रास्ते खोले जो भौगोलिक या पेशेवर कारणों से कोचिंग नहीं जा सकते थे।
ओल्ड राजेंद्र नगर जैसे पारंपरिक कोचिंग हब से डिजिटल स्क्रीन तक का सफर भारत में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के सामाजिक-आर्थिक ढांचे को हमेशा के लिए बदल चुका है।
हालांकि, यह रास्ता आसान नहीं था। सैनी ने उन "नींद रहित रातों" और निरंतर संघर्षों का जिक्र किया जो विकास को बनाए रखने के लिए जरूरी थे। उन्होंने चीन की एक यात्रा का उदाहरण दिया जहां एक निवेशक उनके साथ मीटिंग के लिए नहीं आया, जो स्टार्टअप की दुनिया की अनिश्चितताओं को दर्शाता है।
भविष्य की ओर देखते हुए, सैनी ने रॉनी स्क्रूवाला के साथ upGrad में काम करने और वैश्विक स्तर पर बड़ा प्रभाव डालने के प्रति उत्साह जताया। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपनी पत्नी स्प्रिहा चौबे और सह-संस्थापक मुंजाल को दिया।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: रोमन सैनी ने IAS क्यों छोड़ा?
सैनी ने शिक्षा के प्रति अपने जुनून और उद्यमिता की इच्छा के कारण IAS छोड़ा, ताकि वे एक ऐसा प्लेटफॉर्म बना सकें जो भारत के लाखों छात्रों तक पहुँच सके।
प्रश्न 2: upGrad अधिग्रहण का क्या महत्व है?
यह अधिग्रहण अनएकेडमी के विशाल नेटवर्क और शिक्षकों की पहुंच को upGrad के उच्च शिक्षा और प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन मॉडल के साथ जोड़ता है।