पूर्व माओवादी पोलिटब्यूरो सदस्य मल्लोजुला वेणुगोपाल ने गोंडवाना विश्वविद्यालय के ग्राम परिषद प्रशिक्षण केंद्र में अस्थायी समन्वयक के रूप में कार्यभार संभाल लिया है।

  • पूर्व माओवादी नेता मल्लोजुला वेणुगोपाल गोंडवाना विश्वविद्यालय में समन्वयक बने।
  • उनका मुख्य कार्य जनजातीय समुदायों को PESA कानून के प्रति जागरूक करना होगा।
  • पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन के सहयोग से उन्हें यह अवसर मिला है।

गढ़चिरौली स्थित गोंडवाना विश्वविद्यालय में एक महत्वपूर्ण बदलाव देखा गया है। पूर्व सीपीआई (माओवादी) पोलिटब्यूरो सदस्य मल्लोजुला वेणुगोपाल (70), जिन्हें 'भूपति' और 'सोनू' के नाम से भी जाना जाता है, ने विश्वविद्यालय के ग्राम परिषद क्षमता निर्माण और प्रशिक्षण केंद्र में अस्थायी समन्वयक के रूप में कार्यभार संभाल लिया है।

वेणुगोपाल का इतिहास काफी गहरा है। 1980 के दशक में 'पीपुल्स वॉर ग्रुप' से जुड़ने वाले वेणुगोपाल पार्टी के वैचारिक प्रमुख और संचार विशेषज्ञ रहे हैं। खुफिया सूत्रों के अनुसार, वे माओवादी संगठन और बाहरी दुनिया के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य करते थे। वर्ष 2023 में उन्होंने 60 से अधिक साथियों के साथ आत्मसमर्पण किया था।

क्यों महत्वपूर्ण है यह कदम?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह कदम केवल एक रोजगार का मामला नहीं है, बल्कि यह मुख्यधारा में माओवादी विचारधारा के बदलाव और जनजातीय सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा संकेत है। वेणुगोपाल का कार्य क्षेत्र मुख्य रूप से गढ़चिरौली के गांवों में ग्राम सभाओं की कार्यप्रणाली की निगरानी करना और जनजातीय समुदायों को उनके संवैधानिक अधिकारों के बारे में शिक्षित करना होगा।

वेणुगोपाल का अनुभव जनजातीय क्षेत्रों में संवैधानिक प्रावधानों को लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

वेणुगोपाल ने स्वीकार किया कि माओवादी विचारधारा के तहत उन्होंने 1996 के PESA (पंचायत विस्तार अधिनियम) का विरोध किया, जो कि एक बड़ी भूल थी। अब वे इसी कानून के माध्यम से लोगों को उनके कानूनी लाभ दिलाने में मदद करेंगे। गढ़चिरौली के पुलिस अधीक्षक एम रमेश ने बताया कि उन्होंने ही विश्वविद्यालय के कुलपति को वेणुगोपाल के लिए इस अवसर का सुझाव दिया था ताकि वे समाज की सेवा कर सकें।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

मल्लोजुला वेणुगोपाल का परिवार स्वतंत्रता सेनानियों का रहा है। तेलंगाना के पेद्दापल्ली से निकलकर माओवादी आंदोलन के शीर्ष स्तर तक पहुँचने वाले वेणुगोपाल का सफर दशकों तक जंगलों और संघर्षों के बीच बीता। उनका आत्मसमर्पण क्षेत्र में शांति बहाली के प्रयासों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है।

Did You Know?: PESA अधिनियम 1996 में लागू किया गया था ताकि अनुसूचित क्षेत्रों में स्थानीय स्वशासन को मजबूत किया जा सके।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: मल्लोजुला वेणुगोपाल का नया पद क्या है?
उत्तर: वे गोंडवाना विश्वविद्यालय में ग्राम परिषद क्षमता निर्माण और प्रशिक्षण केंद्र में अस्थायी समन्वयक हैं।

प्रश्न 2: उनका मुख्य कार्य क्या होगा?
उत्तर: वे ग्राम सभाओं की निगरानी करेंगे और जनजातीय लोगों को PESA कानून के बारे में जागरूक करेंगे।