राष्ट्रीय मेडिकल विज्ञान बोर्ड (NBEMS) ने NEET‑PG 2026 के उम्मीदवारों, प्रशिक्षकों और कोचिंग संस्थानों को परीक्षा के रीकॉल या स्मृति‑आधारित प्रश्नों को साझा करने से रोकने के लिए कठोर चेतावनी जारी की है। यह कदम सूचना गोपनीयता समझौते (NDA) के उल्लंघन को रोकने के उद्देश्य से लिया गया है, जबकि 5 सितंबर को प्रभावित उम्मीदवारों के लिए पुनः परीक्षा आयोजित की जाएगी।
- NBEMS ने रीकॉल प्रश्न साझा करने को NDA उल्लंघन कहा
- 30 अगस्त की परीक्षा में तकनीकी खराबी के कारण 2,445 उम्मीदवार प्रभावित
- 5 सितंबर को पुनः परीक्षा निर्धारित, न्यायिक चुनौती जारी
राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) ने 2 सितंबर को सभी NEET‑PG 2026 उम्मीदवारों, शिक्षकों, कोचिंग संस्थानों और अन्य हितधारकों को स्पष्ट चेतावनी दी कि परीक्षा के बाद रीकॉल या स्मृति‑आधारित प्रश्नों को चर्चा, संग्रह, पुनरुत्पादन या प्रसारित करना सख्त प्रतिबंधित है। यह चेतावनी आधिकारिक व्हाट्सएप समूह के माध्यम से जारी की गई।
NBEMS ने बताया कि ऐसे प्रश्नों को साझा करना NEET‑PG 2026 सूचना बुलेटिन में उल्लेखित गैर‑प्रकटीकरण समझौते (NDA) का उल्लंघन होगा। बोर्ड ने सभी पक्षों से अनुरोध किया कि वे परीक्षा की गोपनीयता नियमों का सख्ती से पालन करें।
पुनः परीक्षा की व्यवस्था
जैपुर, राजस्थान में iON Digital Zone (iDZ) सिटापुर केंद्रों (TC Nos. 41682 और 41683) में आंतरिक पावर फेल्योर के कारण 30 अगस्त को परीक्षा पूरी नहीं कर पाए 2,445 उम्मीदवार। इस कारण NBEMS ने 5 सितंबर, 2026 को दोपहर 3 बजे पुनः परीक्षा का आयोजन किया है।
प्रभावित उम्मीदवारों की स्थिति
जैपुर के अधीक्षक नरेंद्र वर्मा ने बताया कि तकनीकी टीम, NBEMS अधिकारी, पावर सप्लाई और निरीक्षण टीमों ने समस्या की जाँच की। उन्होंने कहा कि कई बार सिस्टम फेल्योर के कारण परीक्षा सही ढंग से नहीं हो पाई, इसलिए उम्मीदवारों को नुकसान न हो, इसके लिए पुनः परीक्षा तय की गई।
न्यायिक चुनौती
प्रभावित उम्मीदवारों ने सुप्रीम कोर्ट में पुनः परीक्षा को चुनौती देने के लिए याचिका दायर की है। न्यायालय ने इस मामले को न्यायिक पैनल के तहत सुनवाई के लिए निर्धारित किया, जहाँ न्यायाधीश पी.एस. नारसिंह प्रमुख हैं।
Historical Background
NBEMS, 2002 में स्थापित, भारत में मेडिकल शिक्षा और मूल्यांकन का प्रमुख नियामक है। यह बोर्ड NEET‑PG सहित विभिन्न राष्ट्रीय स्तर की मेडिकल परीक्षाओं के संचालन, प्रश्नपत्र निर्माण और सुरक्षा मानकों की देखरेख करता है। पिछले वर्षों में भी NDA उल्लंघन को लेकर सख्त कदम उठाए गए हैं, जिससे परीक्षा की विश्वसनीयता बनी रहे।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that any breach of confidentiality can undermine the credibility of India's premier postgraduate medical entrance exam, affect candidate morale, and create legal precedents that influence future exam governance.
"गोपनीयता नियमों का उल्लंघन न केवल कानूनी जोखिम लाता है, बल्कि चिकित्सा शिक्षा के मानकों को भी धूमिल कर सकता है," प्रो. अंजलि शर्मा, शिक्षा नीति विशेषज्ञ ने कहा।
Frequently Asked Questions
Q1: क्या पुनः परीक्षा में वही प्रश्न पूछे जाएंगे?
A: पुनः परीक्षा के प्रश्न अलग सेट किए जाएंगे, लेकिन परीक्षा पैटर्न समान रहेगा।
Q2: यदि कोई उम्मीदवार NDA का उल्लंघन करता है तो क्या दंड होगा?
A: उल्लंघन करने वाले को परीक्षा से अयोग्य घोषित किया जा सकता है और कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।