UPSC पास करने के बाद रोमन सैनी और दिव्या मित्तल ने अलग-अलग रास्ते चुने, लेकिन 13 साल बाद दोनों ही अपने करियर के एक बड़े मोड़ पर खड़े हैं। यह कहानी सफलता और बदलाव की एक नई परिभाषा लिखती है।
- रोमन सैनी ने 20 महीने में IAS छोड़कर Unacademy की नींव रखी।
- दिव्या मित्तल ने 13 साल तक प्रशासनिक सेवा में योगदान देने के बाद इस्तीफा दिया।
- 13 साल बाद, दोनों ही अपने जीवन के एक नए और महत्वपूर्ण अध्याय की शुरुआत कर रहे हैं।
संघर्ष और तपस्या के बाद UPSC सिविल सेवा परीक्षा पास करना लाखों युवाओं का सपना होता है। लेकिन क्या होगा अगर वह सपना पूरा होने के बाद आप महसूस करें कि आपकी असली मंजिल कहीं और है? रोमन सैनी और दिव्या मित्तल की कहानियाँ इसी अनूठे सवाल का जवाब देती हैं।
रोमन सैनी: एक साहसी उद्यमी का उदय
रोमन सैनी की कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है। मात्र 16 साल की उम्र में AIIMS पास करने वाले सैनी ने 2013 में UPSC में 18वीं रैंक हासिल की। लेकिन, IAS के रूप में उनका सफर केवल 20 महीनों तक चला। उन्होंने LBSNAA में रहते हुए उद्यमिता की दुनिया को चुना और Unacademy की शुरुआत की।
सैनी ने एक बड़ा जोखिम लिया। जब ऑनलाइन शिक्षा का चलन नहीं था, तब उन्होंने लोगों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पढ़ाने के लिए प्रेरित किया। आज, 13 साल बाद, एक और बड़ा बदलाव आया है—Unacademy का upGrad द्वारा अधिग्रहण कर लिया गया है। यह उनके करियर का एक और नया मोड़ है।
क्यों मायने रखता है यह बदलाव?
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि सैनी का निर्णय केवल नौकरी छोड़ना नहीं था, बल्कि एक नया इकोसिस्टम बनाना था। उनका सफर दिखाता है कि सफलता केवल सरकारी पद तक सीमित नहीं है, बल्कि नवाचार (innovation) में भी है।
सफलता का अर्थ केवल पद प्राप्त करना नहीं, बल्कि अपनी क्षमता के अनुसार सही दिशा चुनना है।
दिव्या मित्तल: सेवा और समर्पण की मिसाल
दिव्या मित्तल का मार्ग रोमन सैनी से बिल्कुल विपरीत था। IIT दिल्ली और IIM बैंगलोर की पूर्व छात्रा, मित्तल ने 2013 में IAS के रूप में अपनी यात्रा शुरू की। उन्होंने उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों जैसे देवरिया, मिर्जापुर और संत कबीर नगर में महत्वपूर्ण प्रशासनिक भूमिकाएं निभाईं।
मिर्जापुर में दूरदराज के गांवों तक पाइप के जरिए पानी पहुँचाने के उनके प्रयासों ने उन्हें एक जनप्रिय अधिकारी बनाया। 13 वर्षों की शानदार सेवा के बाद, उन्होंने अगस्त 2026 में अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उनका निर्णय दर्शाता है कि एक सफल करियर के बाद भी व्यक्ति नई संभावनाओं की तलाश कर सकता है।
तुलनात्मक विश्लेषण: दो अलग रास्ते, एक ही समय
| विशेषता | रोमन सैनी | दिव्या मित्तल |
|---|---|---|
| UPSC वर्ष | 2013 | 2013 |
| IAS में कार्यकाल | ~20 महीने | ~13 वर्ष |
| मुख्य उपलब्धि | Unacademy के संस्थापक | प्रशासनिक सुधार और जनसेवा |
| वर्तमान स्थिति | Unacademy का अधिग्रहण (upGrad द्वारा) | सेवा से सेवानिवृत्ति/नया अध्याय |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
1. रोमन सैनी ने IAS क्यों छोड़ा?
उन्होंने उद्यमिता और शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार करने के लिए IAS छोड़ा ताकि वे Unacademy बना सकें।
2. दिव्या मित्तल ने इस्तीफा क्यों दिया?
उन्होंने आधिकारिक तौर पर कोई विशिष्ट कारण नहीं बताया है, लेकिन उन्होंने इसे 13 साल की एक 'अविस्मरणीय यात्रा' बताया है।