IIT मद्रास‑इन्क्यूबेटेड बोधन AI ने कक्षा 6‑12 के छात्रों के लिए 22 भारतीय भाषाओं में काम करने वाला AI ट्यूटर और शिक्षकों के लिए सहायक बॉट लॉन्च किया। यह पहल भाषा बाधाओं को तोड़कर डिजिटल शिक्षा को अधिक समावेशी बनाती है।

  • बोधन AI ने 22 भारतीय भाषाओं में AI ट्यूटर और शिक्षक सहायक लॉन्च किया
  • स्पीच‑रिकॉग्निशन, ट्रांसलेशन, OCR सहित चार ओपन‑वेट मॉडल उपलब्ध
  • डिजिटल सार्वजनिक वस्तु के रूप में भारत की शिक्षा प्रणाली को सशक्त बनाना

नई दिल्ली, 4 सितंबर 2026 – भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) मद्रास के बोधन AI ने कक्षा 6‑12 के छात्रों के लिए 22 भारतीय भाषाओं में कार्य करने वाला AI ट्यूटर और शिक्षक सहायक बॉट आधिकारिक तौर पर जारी किया। यह पहल AI4Bharat के साथ सहयोग में विकसित चार मौलिक मॉडल – स्वचालित वाणी पहचान, टेक्स्ट‑टू‑स्पीच, मशीन अनुवाद और ऑप्टिकल कैरेक्टर रिकग्निशन – को ओपन‑वेट डिजिटल सार्वजनिक वस्तु (DPG) के रूप में उपलब्ध कराती है।

स्पीच रिकॉग्निशन मॉडल 27 भाषाओं को समर्थन देता है, जबकि OCR और टेक्स्ट‑टू‑स्पीच क्रमशः 23 भाषाओं को कवर करते हैं। अनुवाद मॉडल 22 भारतीय भाषाओं में सटीक ट्रांसलेशन प्रदान करता है, जिससे छात्र अपनी मातृभाषा में सामग्री पढ़ और समझ सकते हैं। यह तकनीक शिक्षा‑ऐप्स को छात्र के हस्तलिखित उत्तर पढ़ने, सामग्री का बहुभाषीय अनुवाद करने और वॉयस इंटरफ़ेस के माध्यम से प्रश्न पूछने में सक्षम बनाती है।

बोधन AI द्वारा विकसित छात्र ट्यूटर बॉट NCERT एवं SCERT पाठ्यक्रम पर आधारित है। छात्र टेक्स्ट या वॉयस के माध्यम से 22 भाषाओं में प्रश्न पूछ सकते हैं, विस्तृत स्पष्टीकरण, उदाहरण और मूल्यांकन प्राप्त कर सकते हैं, तथा आरेख और गणना उपकरणों की सहायता ले सकते हैं। यह बॉट विशेष रूप से ग्रामीण और कम संसाधन वाले क्षेत्रों में अंग्रेजी के अभाव को दूर करने के लिए डिजाइन किया गया है।

शिक्षकों के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया शिक्षक सहायक बॉट पाठ योजना, वर्कशीट, क्विज़ और गृहकार्य तैयार करता है। शिक्षक बॉट द्वारा उत्पन्न सामग्री को समीक्षा, संपादन या निरस्त कर सकते हैं, जिससे शिक्षण प्रक्रिया में मानवीय नियंत्रण बना रहे। यह सुविधा शैक्षिक संस्थानों को तेज़, लागत‑प्रभावी और गुणवत्ता‑उच्च सामग्री बनाने में मदद करेगी।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that बोधन AI का यह कदम भारत के डिजिटल शिक्षा इन्फ्रास्ट्रक्चर को सशक्त बनाते हुए भाषा‑आधारित असमानता को कम करेगा, जिससे राष्ट्रीय स्तर पर सीखने की पहुँच में उल्लेखनीय सुधार होगा।

"भाषा बाधा को हटाकर AI‑सहायता प्राप्त शिक्षा का विस्तार भारत के भविष्य के लिए एक गेम‑चेंजर है," कहते हैं डॉ. अनीता शर्मा, शिक्षा प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ।
Did You Know?: भारत में 122 प्रमुख भाषाएँ बोली जाती हैं, लेकिन अभी तक केवल 10‑12 भाषाओं में ही व्यापक शैक्षिक AI समाधान उपलब्ध थे।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: क्या यह AI ट्यूटर सभी स्कूलों में मुफ्त में उपलब्ध होगा?
उत्तर: बोधन AI ने इसे डिजिटल सार्वजनिक वस्तु (DPG) के रूप में जारी किया है, जिससे कोई भी शैक्षिक ऐप या संस्थान इसे मुफ्त API या कम लागत वाले होस्टेड विकल्पों के माध्यम से उपयोग कर सकता है।

प्रश्न 2: शिक्षक सहायक बॉट की सामग्री की विश्वसनीयता कैसे सुनिश्चित की जाती है?
उत्तर: बॉट द्वारा उत्पन्न सभी सामग्री को शिक्षक द्वारा पूर्व‑समिक्षा करने की आवश्यकता होती है; वे इसे संशोधित, पुनः उत्पन्न या पूरी तरह से हटाने का विकल्प रखते हैं।