महाराष्ट्र के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने ILS लॉ कॉलेज को छात्र मयूर गरुड़ को ₹1.04 लाख की अतिरिक्त फीस 6% ब्याज के साथ वापस करने का निर्देश दिया है।
- ILS लॉ कॉलेज को ₹1,04,863 की अतिरिक्त फीस 6% ब्याज के साथ वापस करनी होगी।
- कॉलेज ने बिना सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय की अनुमति के 'अन्य शुल्क' वसूले थे।
- यह मामला महाराष्ट्र सार्वजनिक विश्वविद्यालय अधिनियम, 2016 के उल्लंघन से जुड़ा है।
महाराष्ट्र के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने बुधवार को एक महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए ILS लॉ कॉलेज को निर्देश दिया है कि वह पूर्व छात्र मयूर गरुड़ को ₹1,04,863 की अतिरिक्त फीस, 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ वापस करे। यह निर्णय उस समय आया है जब कॉलेज ने फीस वापसी के उच्च शिक्षा निदेशक के आदेश को बॉम्बे हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।
अवैध शुल्क वसूली का मामला
जांच में पाया गया कि ILS लॉ कॉलेज द्वारा वसूला गया 'अन्य शुल्क' (Other than Other Fees) महाराष्ट्र सार्वजनिक विश्वविद्यालय अधिनियम, 2016 के तहत अनिवार्य सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय की पूर्व अनुमति के बिना लिया गया था। आदेश के अनुसार, फीस प्राप्त होने की तिथि से लेकर वापसी की तिथि तक 6% ब्याज देना अनिवार्य होगा।
क्यों महत्वपूर्ण है यह फैसला?
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह फैसला केवल एक छात्र के लिए नहीं, बल्कि पूरे शिक्षा क्षेत्र के लिए एक मिसाल है। यह स्पष्ट करता है कि कोई भी प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान सरकारी नियमों और विश्वविद्यालय के दिशा-निर्देशों से ऊपर नहीं है। यदि शैक्षणिक संस्थान बिना अनुमति के मनमाने ढंग से शुल्क बढ़ाते हैं, तो उन्हें कानूनी रूप से जवाबदेह ठहराया जाएगा।
यह निर्णय छात्रों के अधिकारों की जीत है और संस्थानों द्वारा की जाने वाली मनमानी वसूली पर एक कड़ा प्रहार है।
इससे पहले, उच्च शिक्षा निदेशक शैलेन्द्र देवलंकर ने भी 15 अप्रैल को इसी तरह का आदेश दिया था। हालांकि, कॉलेज ने इस आदेश के खिलाफ उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। अदालत में राज्य सरकार ने आश्वासन दिया था कि पुराने आदेशों की समीक्षा की जाएगी और एक नई जांच रिपोर्ट के आधार पर निर्णय लिया जाएगा।
छात्रों की मांग और भविष्य के निहितार्थ
पीड़ित छात्र मयूर गरुड़ ने कहा कि यह अब केवल एक आरोप का मामला नहीं रह गया है। ILS लॉ कॉलेज की शुल्क वसूली प्रथाओं की तीन अलग-अलग अवसरों पर जांच की गई है और हर बार अधिकारियों ने कॉलेज के खिलाफ प्रतिकूल निष्कर्ष दिए हैं। गरुड़ ने मांग की है कि सरकार को उन सभी शैक्षणिक संस्थानों का व्यापक ऑडिट करना चाहिए जो बिना अनुमति के अतिरिक्त या अनधिकृत शुल्क वसूल रहे हैं।
गौरतलब है कि अप्रैल में इस पहले फैसले के बाद, ILS लॉ कॉलेज के सैकड़ों वर्तमान और पूर्व छात्रों ने भी इसी तरह की फीस वापसी की मांग करते हुए आवेदन दिए थे। यदि इन सभी दावों को स्वीकार किया जाता है, तो कॉलेज को करोड़ों रुपये वापस करने पड़ सकते हैं।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: ILS लॉ कॉलेज को कितनी राशि वापस करनी होगी?
उत्तर: कॉलेज को ₹1,04,863 की अतिरिक्त फीस 6% ब्याज के साथ वापस करनी होगी।
प्रश्न 2: कॉलेज ने शुल्क क्यों वसूला था?
उत्तर: कॉलेज ने 'अन्य शुल्क' के नाम पर राशि ली थी, जिसके लिए सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय से आवश्यक अनुमति नहीं ली गई थी।