दिल्ली विश्वविद्यालय के पास सत्य निकेतन में एक निजी इमारत गिरने से हड़कंप मच गया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से संपर्क कर स्थिति का जायजा लिया है।

  • सत्य निकेतन में पांच मंजिला 'होस्टल डैज़' इमारत ढह गई।
  • कई छात्रों के मलबे में दबे होने की आशंका है।
  • केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के बीच हुई बातचीत।
  • छात्र संगठनों ने पीजी आवासों के सुरक्षा ऑडिट की मांग की है।

नई दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार दोपहर एक बड़ा हादसा हुआ, जहां 'होस्टल डैज़' नामक पांच मंजिला निजी इमारत अचानक ढह गई। इस दुर्घटना ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी है, क्योंकि इस इमारत में कई छात्र रह रहे थे और आशंका जताई जा रही है कि कुछ छात्र अभी भी मलबे के नीचे दबे हो सकते हैं।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर जानकारी दी कि उन्होंने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से फोन पर बात की है। जोशी ने बताया कि मुख्यमंत्री स्वयं स्थिति की निगरानी कर रही हैं और उन्होंने आश्वासन दिया है कि राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी हैं।

बचाव कार्य और प्रत्यक्षदर्शी विवरण

पुलिस के अनुसार, दोपहर 1:34 बजे एक पीसीआर कॉल प्राप्त हुई थी, जिसके तुरंत बाद आठ दमकल गाड़ियों और कई बचाव टीमों को घटनास्थल पर रवाना किया गया। स्थानीय निवासियों ने बताया कि वे बिना किसी देरी के मौके पर पहुंचे और अपने हाथों से मलबा हटाने की कोशिश की। एक निवासी ने बताया कि इमारत गिरने से पहले उन्हें ज़मीन में हल्के कंपन का अहसास हुआ था, जो भूकंप जैसा महसूस हुआ।

स्थानीय निवासियों का दावा है कि हादसे से ठीक पहले बेसमेंट में निर्माण कार्य चल रहा था, जो संरचनात्मक अस्थिरता का कारण हो सकता है।

घटना के बाद से ही छात्र संगठनों में भारी रोष है। ABVP, NSUI, SFI और National Democratic Teachers' Front ने इस घटना की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। छात्र संगठनों का कहना है कि दिल्ली विश्वविद्यालय के आसपास के निजी पीजी (PG) आवासों में सुरक्षा मानकों की भारी अनदेखी की जा रही है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि दिल्ली के छात्र क्षेत्रों में अनियंत्रित निर्माण और निजी पीजी आवासों की बढ़ती मांग ने सुरक्षा के गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि इन इमारतों का नियमित ऑडिट नहीं किया गया, तो भविष्य में ऐसे बड़े हादसे बार-बार हो सकते हैं।

Did You Know?: दिल्ली विश्वविद्यालय के दक्षिण परिसर के आसपास हजारों छात्र निजी पीजी और हॉस्टल में रहते हैं, जिनमें से कई इमारतों में सुरक्षा प्रमाण पत्र की कमी देखी गई है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: सत्य निकेतन हादसा कब हुआ?
उत्तर: यह हादसा रविवार दोपहर लगभग 1:34 बजे हुआ।

प्रश्न 2: क्या सरकार ने कोई कार्रवाई की है?
उत्तर: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता राहत कार्यों की निगरानी कर रही हैं और छात्र संगठन जांच की मांग कर रहे हैं।