आंध्र प्रदेश स्कूल शिक्षा आयुक्त और SAAP उपाध्यक्ष ने मेगा DSC 2025 शिक्षक भर्ती में स्पोर्ट्स कोटा को लेकर लगे अनियमितताओं के आरोपों को खारिज करते हुए चयन प्रक्रिया को पारदर्शी बताया है।
- अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि स्पोर्ट्स कोटा चयन आधिकारिक रिकॉर्ड और भर्ती नियमों के अनुसार किया गया है।
- TET स्कोर और खेल प्रमाण पत्रों की गहन जांच की गई; फर्जीवाड़े पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन।
- जूडो प्रमाण पत्रों की वैधता वर्तमान में हाई कोर्ट और सतर्कता विभाग की जांच के अधीन है।
आंध्र प्रदेश स्कूल शिक्षा आयुक्त तमीम अंसारी और SAAP उपाध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक भरणी ने मेगा DSC 2025 शिक्षक भर्ती में स्पोर्ट्स कोटा के तहत उम्मीदवारों के चयन में अनियमितताओं के आरोपों का पुरजोर खंडन किया है। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान, अधिकारियों ने आधिकारिक रिकॉर्ड, भर्ती नियमों और सत्यापन रिपोर्टों का हवाला देते हुए चयन प्रक्रिया की शुचिता को स्पष्ट किया।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) के अंकों, जाति प्रमाण पत्रों और खेल उपलब्धियों की जांच निर्धारित मानदंडों के अनुसार की गई थी। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी पात्र उम्मीदवार को केवल निराधार दावों के कारण नियुक्ति से वंचित नहीं किया जाना चाहिए, हालांकि जांच में दोषी पाए गए किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
भर्ती प्रक्रिया और पात्रता मानदंड
शिक्षा आयुक्त अंसारी ने बताया कि केंद्र सरकार के नोटिफिकेशन के अनुसार, कक्षा 1 से 8 तक के शिक्षकों के लिए TET एक अनिवार्य योग्यता है। आंध्र प्रदेश में इसके कार्यान्वयन के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। पात्रता अंकों का विवरण इस प्रकार है:
| श्रेणी (Category) | न्यूनतम पात्रता अंक (TET) | प्रतिशत |
|---|---|---|
| OC/EWS | 90/150 | 60% |
| BC | 75/150 | 50% |
| SC/ST/PwBD | 60/150 | 40% |
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शारीरिक शिक्षा शिक्षक (PET), स्कूल सहायक (शारीरिक शिक्षा), शारीरिक निदेशक और प्रिंसिपल जैसे पदों के लिए TET की अलग से पात्रता निर्धारित नहीं है।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows कि यह विवाद केवल प्रशासनिक त्रुटि का नहीं, बल्कि सरकारी भर्ती प्रक्रियाओं में जनता के विश्वास का मामला है। जब एक ही मंडल से कई उम्मीदवारों (विशेषकर जूडो श्रेणी में) का चयन होता है, तो यह स्वाभाविक रूप से संदेह पैदा करता है। सरकार का अब इस मामले में पारदर्शिता दिखाना अनिवार्य है ताकि भविष्य की भर्तियों में विश्वसनीयता बनी रहे।
"भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और साक्ष्य-आधारित जांच ही एकमात्र तरीका है जिससे सरकारी नियुक्तियों में होने वाले भ्रष्टाचार के आरोपों को समाप्त किया जा सकता है।"
स्पोर्ट्स कोटा पर चर्चा करते हुए भरणी ने बताया कि 8 से 14 अगस्त, 2025 तक एक अस्थायी सूची सार्वजनिक की गई थी ताकि आपत्तियां दर्ज की जा सकें। उन्होंने हाई कोर्ट में दायर 69 रिट याचिकाओं का जिक्र करते हुए कहा कि जूडो प्रमाण पत्रों की वैधता की जांच वर्तमान में सतर्कता विभाग (Vigilance Department) द्वारा की जा रही है।
अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि एथलीटों के लिए यह अनिवार्य नहीं है कि वे अपने मूल जिले का प्रतिनिधित्व करें; वे उस जिले का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं जहां वे पढ़ रहे हैं या कार्यरत हैं।
Frequently Asked Questions
1. क्या जूडो प्रमाण पत्रों की जांच पूरी हो चुकी है?
नहीं, जूडो प्रमाण पत्रों की वैधता की जांच वर्तमान में हाई कोर्ट के निर्देश पर सतर्कता विभाग द्वारा की जा रही है।
2. क्या स्पोर्ट्स कोटा के लिए केवल मूल जिले का प्रतिनिधित्व जरूरी है?
नहीं, उम्मीदवार उस जिले का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं जहां वे शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं या कार्यरत हैं।