बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) 2026 के इंटर और मैट्रिक परीक्षा के 168 मेधावी छात्रों को नकद पुरस्कार, लैपटॉप और दीर्घकालिक छात्रवृत्ति प्रदान करेगी। साथ ही, छात्रों के लिए 'बिहार विद्या साथी' नामक 24x7 लर्निंग प्लेटफॉर्म भी शुरू किया जा रहा है।
- 168 मेधावी छात्रों को नकद पुरस्कार, लैपटॉप और पदक दिए जाएंगे।
- प्रथम, द्वितीय और तृतीय रैंक वाले छात्रों को क्रमशः 2 लाख, 1.5 लाख और 1 लाख रुपये मिलेंगे।
- 'बिहार विद्या साथी' प्लेटफॉर्म के जरिए 700 मॉडल स्कूलों के छात्रों को 24x7 शिक्षक सहायता मिलेगी।
- JEE और NEET की मुफ्त कोचिंग का विस्तार अब सभी 700 सरस्वती विद्या निकेतन स्कूलों में होगा।
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने राज्य के शैक्षणिक स्तर को ऊपर उठाने और मेधावी छात्रों को प्रोत्साहित करने के लिए एक व्यापक प्रोत्साहन योजना की घोषणा की है। इस पहल के तहत, 2026 की इंटरमीडिएट और मैट्रिक वार्षिक परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 168 छात्रों को सम्मानित किया जाएगा। यह कदम न केवल छात्रों की वित्तीय मदद करेगा, बल्कि उन्हें उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित भी करेगा।
छात्रवृत्ति और नकद पुरस्कारों का विवरण
बोर्ड ने देशरत्न डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेधा छात्रवृत्ति के तहत इंटर टॉपरों के लिए 2,500 रुपये प्रति माह की छात्रवृत्ति निर्धारित की है। यह सहायता सामान्य स्नातक पाठ्यक्रमों के लिए तीन वर्ष, तकनीकी स्नातक के लिए चार वर्ष और एकीकृत पांच वर्षीय कार्यक्रमों के लिए पांच वर्ष तक जारी रहेगी। वहीं, मैट्रिक परीक्षा के शीर्ष 10 छात्रों को कक्षा 11 और 12 के दौरान 2,000 रुपये प्रति माह दिए जाएंगे।
नकद पुरस्कारों की बात करें तो, प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले छात्र को 2 लाख रुपये, द्वितीय को 1.5 लाख और तृतीय को 1 लाख रुपये दिए जाएंगे। चौथे और पांचवें स्थान पर रहने वाले विज्ञान, वाणिज्य और कला संकाय के छात्रों को 30,000 रुपये, जबकि मैट्रिक के चौथे से दसवें रैंक वाले छात्रों को 20,000 रुपये मिलेंगे। इसके अतिरिक्त, सभी पुरस्कार विजेताओं को लैपटॉप खरीदने के लिए 51,000 रुपये का अलग से अनुदान दिया जाएगा।
| रैंक/श्रेणी | पुरस्कार राशि (नकद) | अतिरिक्त लाभ |
|---|---|---|
| प्रथम रैंक | ₹2,00,000 | लैपटॉप (₹51k) + पदक |
| द्वितीय रैंक | ₹1,50,000 | लैपटॉप (₹51k) + पदक |
| तृतीय रैंक | ₹1,00,000 | लैपटॉप (₹51k) + पदक |
| 4थी-5वीं रैंक (इंटर) | ₹30,000 | प्रमाण पत्र |
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, बिहार बोर्ड द्वारा केवल नकद पुरस्कार देना ही नहीं, बल्कि JEE और NEET कोचिंग का विस्तार करना यह दर्शाता है कि राज्य अब 'रटंत विद्या' से हटकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। 700 मॉडल स्कूलों में कोचिंग का विस्तार ग्रामीण प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर के संस्थानों तक पहुँचाने में गेम-चेंजर साबित हो सकता है।
"शिक्षा में वित्तीय प्रोत्साहन और डिजिटल बुनियादी ढांचे का मेल ही बिहार के छात्रों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के योग्य बना सकता है।"
डिजिटल क्रांति: बिहार विद्या साथी
तकनीकी उन्नति की दिशा में कदम बढ़ाते हुए, BSEB 'बिहार विद्या साथी' लॉन्च कर रहा है। यह एक 24x7 लाइव टीचर-इंटरेक्शन प्लेटफॉर्म होगा, जो कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों को किसी भी समय शिक्षकों से जुड़ने और अपनी शंकाओं का समाधान करने की सुविधा देगा। यह सेवा विशेष रूप से 700 सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूलों में उपलब्ध होगी।
इसके साथ ही, बोर्ड ने अपनी मुफ्त JEE और NEET कोचिंग सेवाओं का दायरा बढ़ा दिया है। पहले यह केवल कुछ चुनिंदा स्कूलों और डिविजनल मुख्यालयों तक सीमित था, लेकिन अब इसे सभी मॉडल स्कूलों में लागू किया जा रहा है। आवासीय कार्यक्रमों में छात्रों को भोजन, स्मार्ट क्लास और स्वास्थ्य जांच जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं, जबकि गैर-आवासीय छात्रों को मासिक भत्ता प्रदान किया जा रहा है।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: लैपटॉप के लिए कितनी राशि दी जाएगी?
उत्तर: पुरस्कार विजेताओं को लैपटॉप खरीदने के लिए 51,000 रुपये की राशि प्रदान की जाएगी।
प्रश्न 2: बिहार विद्या साथी प्लेटफॉर्म क्या है?
उत्तर: यह कक्षा 9 से 12 के छात्रों के लिए एक 24x7 लाइव टीचर-इंटरेक्शन प्लेटफॉर्म है, जो 700 मॉडल स्कूलों में संचालित होगा।