एक विशेष कैबिनेट उप-समिति ने 2018 से पहले स्थापित निजी स्कूलों के लिए अग्नि और भवन सुरक्षा आवश्यकताओं में महत्वपूर्ण छूट की सिफारिश की है, हालांकि बुनियादी सुरक्षा उपकरणों को अनिवार्य रखा गया है।
- 2017-18 से पहले स्थापित 15 मीटर से कम ऊंचाई वाली इमारतों को स्प्रिंकलर और बड़े ओवरहेड टैंकों से छूट मिल सकती है।
- बच्चों की सुरक्षा के लिए अग्निशामक यंत्र (Fire Extinguishers) और रेत की बाल्टियों का installation अनिवार्य रहेगा।
- वित्तीय बोझ में कमी: पुराने स्कूलों के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट की राशि ₹3 लाख से घटाकर ₹30,000 करने का सुझाव।
- प्रशासनिक राहत: पुश्तैनी या लंबे समय से चल रहे संस्थानों के लिए नए भूमि हस्तांतरण दस्तावेजों की आवश्यकता नहीं होगी।
एमएलसी पुट्टन्ना की अध्यक्षता वाली विशेष कैबिनेट उप-समिति ने स्कूल शिक्षा और साक्षरता मंत्री मधु बंगारप्पा को एक अंतरिम रिपोर्ट सौंपी है। इस रिपोर्ट में पुराने शैक्षणिक संस्थानों पर सुरक्षा और मान्यता नियमों को लागू करने के तरीके में रणनीतिक बदलाव का प्रस्ताव दिया गया है। समिति का तर्क है कि दशकों पहले बनी इमारतों पर आधुनिक और कड़े बुनियादी ढांचे के नियम थोपना अक्सर अव्यावहारिक और आर्थिक रूप से बोझिल होता है।
रिपोर्ट के अनुसार, 2017-18 के शैक्षणिक वर्ष से पहले स्थापित शैक्षणिक संस्थान, जिनकी इमारतें 15 मीटर (बेसमेंट सहित) से कम हैं, उन्हें हाई-कैपेसिटी स्प्रिंकलर, 5,000 से 10,000 लीटर के ओवरहेड टैंक, 450 LPM वाटर सिस्टम और वैकल्पिक बिजली आपूर्ति प्रणालियों से छूट दी जानी चाहिए। इस कदम का उद्देश्य उन नौकरशाही और ढांचागत बाधाओं को दूर करना है जिनका सामना कई छोटे और पुराने निजी स्कूल मान्यता और नवीनीकरण (RR) प्रक्रिया के दौरान करते हैं।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह कदम प्रशासनिक व्यावहारिकता और छात्र सुरक्षा के बीच संतुलन बनाने का एक प्रयास है। पुराने भवनों को असंभव ढांचागत उन्नयन से छूट देकर, सरकार उन सामुदायिक स्कूलों को बंद होने से बचा रही है जो वर्षों से सेवा दे रहे हैं। हालांकि, अग्निशामक यंत्रों और रेत की बाल्टियों पर जोर देना यह सुनिश्चित करता है कि इमारत की उम्र चाहे जो भी हो, आपातकालीन प्रतिक्रिया के सबसे महत्वपूर्ण उपकरण मौजूद रहें।
"कठोर नियामक ढांचे से लचीले, जोखिम-आधारित मूल्यांकन की ओर बढ़ना विरासत में मिले शैक्षणिक संस्थानों के अस्तित्व के लिए आवश्यक है।"
भौतिक बुनियादी ढांचे के अलावा, समिति ने महत्वपूर्ण वित्तीय और प्रशासनिक राहत का प्रस्ताव दिया है। यह सिफारिश की गई है कि पूर्वजों द्वारा दान किए गए या कई वर्षों से संचालित स्कूलों के लिए मान्यता के नवीनीकरण के दौरान नए भूमि हस्तांतरण दस्तावेजों की मांग नहीं की जानी चाहिए। इसके अलावा, नवीनीकरण के वित्तीय बोझ को कम किया जा रहा है; ₹3,00,000 की जमा राशि के बजाय, समिति ने ₹30,000 की पुरानी फिक्स्ड डिपॉजिट राशि को ही मान्य करने का सुझाव दिया है।
प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए, रिपोर्ट में पुराने स्कूलों के नवीनीकरण और नए स्कूलों की अनुमति के लिए अलग-अलग ऑनलाइन पोर्टल बनाने का सुझाव दिया गया है। इसने स्कूलों को शिक्षा का अधिकार (RTE) शुल्क बिना किसी देरी के तुरंत जारी करने और मान्यता के नवीनीकरण के लिए न्यूनतम छात्रों की संख्या घटाकर 20 करने की भी वकालत की है।
| आवश्यकता | वर्तमान/नए स्कूल मानदंड | प्रस्तावित मानदंड (2018 पूर्व स्कूल) |
|---|---|---|
| वाटर टैंक/स्प्रिंकलर | अनिवार्य (उच्च क्षमता) | छूट (यदि ऊंचाई < 15 मीटर) |
| सुरक्षा जमा (Deposit) | ₹3,00,000 / बैंक गारंटी | ₹30,000 फिक्स्ड डिपॉजिट |
| भूमि दस्तावेज | नए हस्तांतरण दस्तावेज आवश्यक | पुश्तैनी/पुराने स्कूलों के लिए छूट |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: क्या पुराने स्कूलों के लिए सभी सुरक्षा नियम हटा दिए जाएंगे?
नहीं। जबकि भारी बुनियादी ढांचे जैसे स्प्रिंकलर से छूट मिल सकती है, बुनियादी सुरक्षा उपकरण जैसे अग्निशामक यंत्र और रेत की बाल्टियां अनिवार्य बनी रहेंगी।
प्रश्न 2: नवीनीकरण के लिए नई न्यूनतम छात्र संख्या क्या है?
समिति ने मान्यता और नवीनीकरण प्रक्रिया के लिए न्यूनतम छात्रों की संख्या घटाकर 20 करने की सिफारिश की है।