कर्नाटक सरकार 90,000 छात्रों के लिए ₹9 करोड़ की लागत से मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग योजना शुरू कर रही है, ताकि ग्रामीण और किसान परिवारों के युवाओं को सरकारी नौकरियों में समान अवसर मिल सकें।

  • 10 सितंबर, 2026 से 90,000 पात्र उम्मीदवारों के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग की शुरुआत।
  • SDA, FDA, PDO, PSI और गजटेड प्रोबेशनर्स जैसी प्रमुख परीक्षाओं को कवर किया जाएगा।
  • सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले ग्रामीण छात्रों के लिए 7.5% आरक्षण का नया प्रावधान।

सरकारी नौकरियों तक पहुंच को लोकतांत्रिक बनाने की दिशा में एक बड़े कदम के रूप में, कर्नाटक राज्य सरकार 10 सितंबर, 2026 को 'मुख्यमंत्री विद्यार्थी सहाय सहायता' योजना शुरू करने जा रही है। उच्च शिक्षा मंत्री बसवराज रायरड्डी ने घोषणा की कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण पृष्ठभूमि के छात्रों और किसानों के बच्चों को सशक्त बनाना है, ताकि वित्तीय बाधाएं उनके प्रशासनिक करियर के बीच में न आएं।

₹9 करोड़ के बजट वाली यह योजना लगभग 90,000 उम्मीदवारों को व्यापक ऑनलाइन कोचिंग प्रदान करेगी। प्रत्येक चयनित छात्र को चयनित कोचिंग संस्थानों के माध्यम से तीन महीने का गहन प्रशिक्षण मिलेगा। छात्रों की सुविधा के लिए, उन्हें अधिकतम तीन अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षाओं, जैसे SDA, FDA, PDO, PSI और गजटेड प्रोबेशनर्स (GP) के लिए कोचिंग लेने की अनुमति होगी।

व्यापक डिजिटल लर्निंग इकोसिस्टम

यह कार्यक्रम केवल व्याख्यान तक सीमित नहीं है, बल्कि एक पूर्ण डिजिटल लर्निंग इकोसिस्टम है। इसमें एक आधुनिक लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम (LMS) शामिल है जो लाइव ऑनलाइन कक्षाओं, रिविजन के लिए रिकॉर्डेड सत्रों और संदेह निवारण (doubt-clearing) सुविधाओं को एकीकृत करता है। छात्रों को अध्ययन सामग्री, मॉक टेस्ट, पिछले वर्षों के प्रश्न पत्र और सत्र-वार बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQs) का एक विशाल भंडार उपलब्ध कराया जाएगा।

पंजीकरण की प्रक्रिया सेवा सिंधु वेबसाइट और ग्राम वन केंद्रों के माध्यम से सरल बनाई गई है। पंजीकरण के बाद, छात्रों को एक विशिष्ट आईडी मिलेगी और वे ओटीपी के माध्यम से पोर्टल का उपयोग कर सकेंगे। सरकार ने एक सख्त निगरानी प्रणाली लागू की है, जिसमें उपस्थिति, भागीदारी और टेस्ट प्रदर्शन को ट्रैक किया जाएगा, और हर 15 दिन में विभाग को प्रगति रिपोर्ट सौंपी जाएगी।

यह क्यों महत्वपूर्ण है?

BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि यह पहल भारतीय शिक्षा परिदृश्य की एक गंभीर समस्या 'कोचिंग डिवाइड' को संबोधित करती है। जहां शहरी छात्रों के पास महंगे निजी संस्थानों तक पहुंच है, वहीं ग्रामीण प्रतिभाएं अक्सर संसाधनों के अभाव में पीछे रह जाती हैं। मुफ्त उच्च-गुणवत्ता वाले डिजिटल संसाधन प्रदान करके, सरकार नौकरशाही के प्रवेश द्वार को खोल रही है, जिससे प्रशासन में अधिक विविधता आने की संभावना है।

डिजिटल साक्षरता और मुफ्त शैक्षणिक सहायता ही ग्रामीण गरीबी और प्रशासनिक बहिष्कार के चक्र को तोड़ने का एकमात्र स्थायी तरीका है।

पाठ्यक्रम को समग्र बनाया गया है, जिसमें सामान्य अध्ययन (इतिहास, भूगोल, भारतीय अर्थव्यवस्था, राजनीति, विज्ञान और पर्यावरण), तार्किक तर्क (Logical Reasoning), डेटा व्याख्या, समसामयिक मामले (Current Affairs), और कन्नड़ एवं अंग्रेजी भाषा कौशल के साथ-साथ डिजिटल साक्षरता भी शामिल है।

ग्रामीण शिक्षा सुधार: 7.5% आरक्षण

कोचिंग के अलावा, मंत्री रायरड्डी ने उच्च शिक्षा आरक्षण में एक महत्वपूर्ण नीतिगत बदलाव का खुलासा किया। सरकार उन छात्रों के लिए 7.5% आरक्षण शुरू कर रही है जिन्होंने कक्षा 1 से 12 तक ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों और कॉलेजों में पढ़ाई की है। यह मौजूदा 15% ग्रामीण आरक्षण का एक विभाजन है।

इस कदम का तर्क यह है कि निजी ग्रामीण संस्थानों के छात्र अक्सर सबसे गरीब छात्रों के अवसरों को कम कर देते हैं। सरकारी स्कूल के पूर्व छात्रों के लिए एक विशिष्ट कोटा निर्धारित करके, राज्य का लक्ष्य प्रतिष्ठित मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेजों में सबसे गरीब ग्रामीण परिवारों के प्रतिनिधित्व को बढ़ाना है।

विशेषतापिछली ग्रामीण नीतिनई विभाजित नीति
कुल ग्रामीण आरक्षण15% (सामान्य ग्रामीण)15% (विभाजित)
सरकारी स्कूल विशिष्टअलग से परिभाषित नहीं7.5% समर्पित कोटा
मुख्य लाभार्थीसभी ग्रामीण निवासीग्रामीण सरकारी स्कूल छात्र
क्या आप जानते हैं?: 'सेवा सिंधु' पोर्टल कर्नाटक का एक केंद्रीकृत डिजिटल गेटवे है जिसे बिचौलियों को खत्म करने और सीधे सरकार-से-नागरिक (G2C) सेवाएं प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: छात्र मुफ्त कोचिंग योजना के लिए आवेदन कैसे कर सकते हैं?
पात्र उम्मीदवार सेवा सिंधु वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं या पंजीकरण के लिए अपने निकटतम ग्राम वन केंद्र पर जा सकते हैं।

प्रश्न 2: इस पहल के तहत किन परीक्षाओं को कवर किया गया है?
यह योजना SDA, FDA, PDO, PSI और गजटेड प्रोबेशनर्स (GP) परीक्षाओं को कवर करती है।