CBSE ने कक्षा 7 से 9 तक के छात्रों के लिए अपनी त्रि-भाषा नीति में संशोधन किया है, जिससे विदेशी भाषाएं सीखने वाले छात्रों को अब बीच सत्र में भाषा बदलने की आवश्यकता नहीं होगी।

  • कक्षा 7, 8 और 9 के छात्र दो विदेशी भाषाओं के साथ एक भारतीय भाषा का अध्ययन जारी रख सकेंगे।
  • मई में जारी पिछले दिशा-निर्देशों के बाद अभिभावकों के विरोध के कारण यह निर्णय लिया गया।
  • वर्तमान कक्षा 10 के बैच पर यह नई भाषा नीति लागू नहीं होगी।

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए कक्षा 7, 8 और 9 के छात्रों के लिए अपनी त्रि-भाषा नीति (Three-Language Policy) में ढील दी है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि जो छात्र पहले से ही दो विदेशी भाषाएं पढ़ रहे हैं, वे उन्हें जारी रख सकते हैं, बशर्ते वे इसके साथ एक मूल भारतीय भाषा (भारतीय भाषा) का अध्ययन भी करें।

यह निर्णय उस विवाद के बाद आया है जब मई में जारी एक सर्कुलर में कहा गया था कि कक्षा 9 के छात्रों को भी त्रि-भाषा नीति अपनानी होगी, जिसमें तीन में से दो भाषाओं का भारतीय मूल का होना अनिवार्य था। इस अचानक बदलाव से उन छात्रों और अभिभावकों में भारी रोष था जो फ्रेंच, जर्मन, जापानी और स्पेनिश जैसी विदेशी भाषाओं का अध्ययन कर रहे थे।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह कदम शिक्षा प्रणाली में लचीलेपन और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के बीच संतुलन बनाने की कोशिश है। शिक्षा बोर्ड यह समझ गया है कि शैक्षणिक सत्र के बीच में पाठ्यक्रम बदलना न केवल छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर असर डालता है, बल्कि उनके शैक्षणिक रिकॉर्ड को भी प्रभावित करता है। यह निर्णय दर्शाता है कि बोर्ड अब हितधारकों (Stakeholders) के फीडबैक के प्रति अधिक संवेदनशील हो गया है।

भाषा शिक्षण केवल व्याकरण नहीं, बल्कि एक संस्कृति से जुड़ाव है; बीच सत्र में इसे बदलना शैक्षणिक क्षति के समान है।

ऐतिहासिक रूप से, भारत में त्रि-भाषा सूत्र का उद्देश्य राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देना और क्षेत्रीय भाषाओं के संरक्षण के साथ-साथ वैश्विक संपर्क बनाए रखना रहा है। हालांकि, विदेशी भाषाओं की बढ़ती लोकप्रियता ने बोर्ड को अपनी नीतियों को पुनर्मूल्यांकित करने पर मजबूर किया है।

विवरणपुराना नियम (मई 2026)संशोधित नियम (जून 2026)
अनिवार्यता3 में से 2 भारतीय भाषाएं अनिवार्य2 विदेशी भाषाएं + 1 भारतीय भाषा की अनुमति
प्रभावित कक्षाएंकक्षा 9 सहित सभीकक्षा 7, 8 और 9 (विशेष छूट)
कक्षा 10 की स्थितिअनिश्चितनई नीति से मुक्त
क्या आप जानते हैं?: भारत की राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 बहुभाषावाद पर जोर देती है, ताकि छात्र अपनी मातृभाषा के साथ-साथ अन्य भाषाओं में भी निपुण हो सकें।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: क्या कक्षा 10 के छात्रों को अपनी भाषाएं बदलनी होंगी?
उत्तर: नहीं, CBSE ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान कक्षा 10 के बैच पर यह नई भाषा नीति लागू नहीं होगी।

प्रश्न 2: कौन सी विदेशी भाषाओं की अनुमति दी गई है?
उत्तर: छात्र फ्रेंच, जर्मन, जापानी, स्पेनिश और अन्य मान्यता प्राप्त विदेशी भाषाओं का विकल्प चुन सकते हैं।