कर्नाटक परीक्षा प्राधिकरण (KEA) ने सीईटी के तीसरे और अंतिम दौर के बाद इंजीनियरिंग और नर्सिंग की हजारों खाली सीटों को कॉलेज प्रबंधन को सौंप दिया है।
- सीईटी के तीन दौर के बाद 24,283 इंजीनियरिंग और 252 आर्किटेक्चर सीटें खाली रहीं।
- नर्सिंग में सबसे बड़ी कमी देखी गई, जहाँ 36,238 में से 22,832 सीटें खाली रह गईं।
- वेटनरी कोर्स की सभी 366 सीटें पूरी तरह भर गईं।
कर्नाटक परीक्षा प्राधिकरण (KEA) ने इंजीनियरिंग सहित पेशेवर पाठ्यक्रमों के लिए कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (CET) के तीसरे और अंतिम दौर के सीट आवंटन की प्रक्रिया पूरी कर ली है। इस प्रक्रिया के बाद, विभिन्न इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों में 24,283 सीटें और आर्किटेक्चर में 252 सीटें बिना आवंटन के रह गई हैं।
KEA के कार्यकारी निदेशक एच. प्रसन्ना ने बताया कि समझौते के अनुसार, प्राधिकरण ने इन गैर-आवंटित सीटों को संबंधित कॉलेजों के प्रबंधन को सौंप दिया है। अब कॉलेज इन सीटों को अपने स्तर पर भरने के लिए स्वतंत्र होंगे।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि पेशेवर पाठ्यक्रमों के प्रति छात्रों की पसंद में बड़ा बदलाव आया है। जहाँ वेटनरी साइंस की मांग चरम पर है, वहीं नर्सिंग (60% से अधिक खाली) और इंजीनियरिंग में इतनी बड़ी संख्या में सीटों का खाली रहना चिंताजनक है। यह संकेत देता है कि या तो पाठ्यक्रम आधुनिक बाजार की जरूरतों के अनुरूप नहीं हैं या छात्रों की प्राथमिकताएं बदल रही हैं।
नर्सिंग क्षेत्र में रिक्तियों की स्थिति सबसे गंभीर है। कुल 36,238 नर्सिंग सीटों में से केवल 13,407 का आवंटन हो पाया, जिससे 22,832 सीटें खाली रह गईं। स्वास्थ्य सेवाओं की वैश्विक मांग के बीच यह एक बड़ा विरोधाभास है।
पेशेवर पाठ्यक्रमों में सीटों की इतनी बड़ी संख्या में रिक्तियां वर्तमान जॉब मार्केट में संस्थागत क्षमता और छात्र आकांक्षाओं के बीच बढ़ते अंतर को दर्शाती हैं।
अन्य पाठ्यक्रमों की बात करें तो फार्मेसी में 489, बीएससी अलाइड हेल्थ साइंसेज में 2,465 और योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा में 214 सीटें खाली रहीं। इसके विपरीत, वेटनरी कोर्स की सभी 366 सीटें आवंटित कर दी गईं, जो इसकी बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है।
तीसरे दौर में सीट पाने वाले छात्रों को 11 सितंबर तक अपने संबंधित कॉलेजों में रिपोर्ट करने और प्रवेश प्रक्रिया पूरी करने का समय दिया गया है। KEA ने स्पष्ट किया है कि आवंटित सीटों के लिए कॉलेज ज्वाइन करना अनिवार्य है।
| पाठ्यक्रम श्रेणी | कुल खाली सीटें | स्थिति |
|---|---|---|
| इंजीनियरिंग | 24,283 | कॉलेजों को सौंपी गईं |
| नर्सिंग | 22,832 | भारी रिक्ति |
| वेटनरी | 0 | पूर्ण रूप से भरीं |
| बीएससी अलाइड हेल्थ | 2,465 | गैर-आवंटित |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: अब खाली सीटों का क्या होगा?
इन सीटों को संबंधित कॉलेज प्रबंधनों को सौंप दिया गया है, जो अब अपने नियमों के अनुसार इन्हें भरेंगे।
प्रश्न 2: तीसरे दौर के उम्मीदवारों के लिए समय सीमा क्या है?
छात्रों को 11 सितंबर तक कॉलेज पहुंचकर अपनी प्रवेश प्रक्रिया पूरी करनी होगी।