स्टाफ की भारी कमी के कारण गरीजि पशु चिकित्सा महाविद्यालय में 2026-27 सत्र के लिए प्रवेश रोक दिए गए हैं। SFI ने नियमित शिक्षकों की भर्ती और प्रवेश प्रक्रिया को फिर से शुरू करने की मांग की है।

  • विजयनगरम जिले के गरीजि पशु चिकित्सा महाविद्यालय में स्टाफ की कमी के कारण प्रवेश बंद।
  • भारतीय पशु चिकित्सा परिषद (VCI) ने शैक्षणिक मानकों की कमी के कारण यह कदम उठाया।
  • SFI ने सरकार पर अनुबंध और प्रतिनियुक्ति के आधार पर नियुक्तियां करने का आरोप लगाया।
  • छात्रों के राज्य से बाहर जाने और शिक्षा के अधिकार के प्रभावित होने की आशंका।

आंध्र प्रदेश के विजयनगरम जिले में स्थित गरीजि पशु चिकित्सा महाविद्यालय वर्तमान में एक गंभीर संकट से गुजर रहा है। छात्र महासंघ (SFI) ने राज्य सरकार की कड़ी आलोचना करते हुए कहा है कि नियमित शिक्षण पदों को भरने में विफलता के कारण संस्थान की शैक्षणिक गुणवत्ता गिर गई है। इस स्थिति के परिणामस्वरूप, भारतीय पशु चिकित्सा परिषद (VCI) ने 2026-27 शैक्षणिक वर्ष के लिए प्रवेश प्रक्रिया पर रोक लगा दी है।

SFI के राज्य अध्यक्ष पी. राममोहन और राज्य सचिव के. प्रसन्ना कुमार ने एक संयुक्त बयान में कहा कि सरकार ने नियमित नियुक्तियों के बजाय प्रतिनियुक्ति (Deputation) और अनुबंध (Contract) के आधार पर स्टाफ की तैनाती की है। उन्होंने तर्क दिया कि यह दृष्टिकोण न केवल नियमों के विरुद्ध है, बल्कि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ भी है।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that this crisis is not merely an administrative failure but a systemic issue in the state's higher education management. When specialized institutions like veterinary colleges rely on contractual staff, the continuity of research and quality of clinical training suffer. This creates a ripple effect where rural students, who are the primary candidates for veterinary sciences, are forced to migrate to other states, increasing the financial burden on poor families.

"The reliance on contractual appointments over permanent faculty is a recipe for institutional decay, stripping students of their right to quality professional education."

SFI नेताओं ने इस स्थिति की तुलना पिछली TDP सरकार के कार्यकाल से की, जहाँ सहायता प्राप्त शैक्षणिक संस्थानों में इसी तरह की रिक्तियां देखी गई थीं। उनका दावा है कि आउटसोर्सिंग और अनुबंध आधारित नियुक्तियों ने राज्य की शैक्षणिक नींव को कमजोर कर दिया है।

हाल के समय में कॉलेज के बुनियादी ढांचे, जैसे कि कक्षाओं और छात्रावास सुविधाओं में सुधार किया गया था। लेकिन SFI का कहना है कि केवल भौतिक बुनियादी ढांचा पर्याप्त नहीं है; बिना योग्य और नियमित शिक्षकों के, ये सुविधाएं व्यर्थ हैं।

क्या आप जानते हैं?: भारतीय पशु चिकित्सा परिषद (VCI) भारत में पशु चिकित्सा शिक्षा के मानकों को निर्धारित करने वाली सर्वोच्च नियामक संस्था है, जिसके मानकों को पूरा न करने पर किसी भी कॉलेज की मान्यता रद्द की जा सकती है।

Frequently Asked Questions

1. गरीजि कॉलेज में प्रवेश क्यों रोके गए हैं?
नियमित शिक्षण पदों की कमी और VCI के मानकों को पूरा न करने के कारण प्रवेश रोके गए हैं।

2. SFI की मुख्य मांगें क्या हैं?
SFI की मांग है कि सरकार तुरंत नियमित शिक्षकों की भर्ती के लिए अधिसूचना जारी करे और 2026-27 सत्र के लिए प्रवेश फिर से शुरू करे।