यूनिवर्सिटीज ऑस्ट्रेलिया ने अल्बनीज सरकार से छात्रों के लिए व्यापक रियायतों की मांग की है, क्योंकि 2021 के बाद से रहने की लागत में भारी उछाल आया है।

  • ऑस्ट्रेलिया में छात्रों के किराए में 2021 से लगभग 40% की वृद्धि हुई है।
  • यूनिवर्सिटीज ऑस्ट्रेलिया (UA) ने घरेलू छात्रों के लिए कंसेशन कार्ड और अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए समान परिवहन रियायतों की मांग की है।
  • भारतीय छात्र, जो ऑस्ट्रेलिया में सबसे बड़े समूहों में से एक हैं, बढ़ती लागत और सख्त वीजा नियमों का सामना कर रहे हैं।

उच्च शिक्षा की पहुंच को बनाए रखने के उद्देश्य से, यूनिवर्सिटीज ऑस्ट्रेलिया (UA), जो मेलबर्न और सिडनी विश्वविद्यालयों सहित 38 प्रमुख संस्थानों का प्रतिनिधित्व करता है, ने ऑस्ट्रेलिया में छात्र जीवन की वित्तीय व्यवहार्यता पर गंभीर चेतावनी जारी की है। यह संगठन अल्बनीज सरकार से मांग कर रहा है कि वह रहने की बढ़ती लागत को कम करने के लिए व्यापक रियायतें लागू करे।

UA द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, 2021 के बाद से बुनियादी छात्र जीवन स्तर को बनाए रखने की लागत में 29% की वृद्धि हुई है, जो कि अर्थव्यवस्था की कुल मुद्रास्फीति (24%) से कहीं अधिक है। सबसे अधिक वृद्धि आवश्यक सेवाओं में देखी गई है: किराए में 40%, ईंधन में 43% और उपयोगिताओं (utilities) में 39% की वृद्धि हुई है। इस स्थिति ने छात्रों को अपने खर्चों में भारी कटौती करने पर मजबूर कर दिया है।

खर्च की श्रेणी 2021 से प्रतिशत वृद्धि
छात्र किराया 40%
ईंधन की कीमतें 43%
उपयोगिता शुल्क (Utility) 39%
किराने का सामान 27%
समग्र मुद्रास्फीति 24%

यह क्यों महत्वपूर्ण है

BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि यह वित्तीय संकट केवल बजट की समस्या नहीं है, बल्कि ऑस्ट्रेलिया की वैश्विक शिक्षा केंद्र के रूप में प्रतिष्ठा के लिए एक खतरा है। भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, ऑस्ट्रेलिया में लगभग 2 लाख भारतीय छात्र हैं। यदि रहने की लागत इसी तरह बढ़ती रही और वीजा नियम (Evidence Level 3) सख्त होते रहे, तो छात्र कनाडा या यूके जैसे अन्य विकल्पों की ओर रुख कर सकते हैं।

"छात्रों के लिए यह जरूरी है कि वहां पहुंचने के बाद वे वहां रहने का खर्च वहन कर सकें," UA के मुख्य कार्यकारी ल्यूक शीही ने कहा।

UA के प्रस्ताव का मुख्य बिंदु यह है कि प्रत्येक घरेलू विश्वविद्यालय छात्र को एक 'कन्सेशन कार्ड' दिया जाए, जिससे दवाओं, सार्वजनिक परिवहन और बिजली-पानी के बिलों में छूट मिल सके। साथ ही, अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए भी सार्वजनिक परिवहन में समान रियायतों की मांग की गई है, ताकि एक ही कक्षा में बैठने वाले दो छात्रों के लिए किराए में अंतर न हो।

इसके अलावा, UA ने ऑस्ट्रेलियाई यूनिवर्सिटीज अकॉर्ड की सिफारिश को अपनाने का आह्वान किया है, जिसका लक्ष्य 2050 तक 25 से 34 वर्ष की आयु के 55% ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों के पास स्नातक या उससे उच्च डिग्री होना है। हालांकि, वर्तमान वित्तीय बाधाएं इस लक्ष्य की राह में रोड़ा बन रही हैं।

क्या आप जानते हैं?: जनवरी 2025 तक के आंकड़ों के अनुसार, ऑस्ट्रेलिया के विश्वविद्यालयों और तृतीयक संस्थानों में 1,38,579 भारतीय छात्र नामांकित हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: क्या इन प्रस्तावों से अंतरराष्ट्रीय छात्रों की ट्यूशन फीस कम होगी?
नहीं, यूनिवर्सिटीज ऑस्ट्रेलिया के वर्तमान प्रस्ताव रहने के खर्च, परिवहन और उपयोगिता रियायतों पर केंद्रित हैं, न कि ट्यूशन फीस या वीजा वित्तीय आवश्यकताओं पर।

प्रश्न 2: 'एविडेंस लेवल 3' वीजा परिवर्तन भारतीय छात्रों को कैसे प्रभावित करता है?
इसका मतलब है कि अब भारतीय आवेदकों को वीजा के लिए अधिक सख्त दस्तावेज़ीकरण और प्रमाण प्रस्तुत करने होंगे, जिससे आवेदन प्रक्रिया अधिक कठिन हो गई है।