सुरक्षा चिंताओं और किफायती आवास की भारी मांग के बीच, दिल्ली विश्वविद्यालय ने अपनी हॉस्टल क्षमता को दोगुने से अधिक बढ़ाकर 12,754 करने की योजना बनाई है।
- कुल हॉस्टल क्षमता 7,210 से बढ़कर 12,754 होगी।
- सत्य निकेतन में इमारत गिरने और छात्र विरोध प्रदर्शनों के बाद यह निर्णय लिया गया।
- निर्भय आवासीय आवास और इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस हॉस्टल प्रमुख परियोजनाएं हैं।
दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) अपने आवासीय बुनियादी ढांचे में भारी विस्तार करने जा रहा है। विश्वविद्यालय और उसके कॉलेजों में कुल सीटों की संख्या बढ़ाकर 12,754 करने का लक्ष्य रखा गया है। यह कदम विशेष रूप से उन छात्रों के लिए एक बड़ी राहत होगा जो दिल्ली से बाहर के राज्यों से शिक्षा प्राप्त करने आते हैं।
वर्तमान में, विश्वविद्यालय के पास 3,422 सीटें और कॉलेजों के पास 3,788 सीटें उपलब्ध हैं। नई योजना के तहत, विश्वविद्यालय की क्षमता बढ़कर 7,344 और कॉलेजों की क्षमता 5,410 हो जाएगी। इस विस्तार के माध्यम से विश्वविद्यालय स्तर पर 3,922 और कॉलेजों में 1,622 नई सीटें जोड़ी जाएंगी।
प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाएं
विश्वविद्यालय ने कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स पर काम तेज कर दिया है। ढाका कॉम्प्लेक्स में 1,450 सीटों वाला इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस हॉस्टल लगभग पूरा होने वाला है। साथ ही, महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए 1,000 सीटों वाला 'निर्भय आवासीय आवास' बनाया जा रहा है। इसके अलावा, 1,050 सीटों वाले स्टूडियो अपार्टमेंट कॉम्प्लेक्स का निर्माण भी जारी है।
"संस्थागत आवास की ओर यह बदलाव केवल सुविधा नहीं, बल्कि निजी पीजी इकोसिस्टम की विफलता का एक आवश्यक जवाब है।"
यह क्यों महत्वपूर्ण है?
BozokMedia के विश्लेषण के अनुसार, यह विस्तार केवल एक प्रशासनिक सुधार नहीं है, बल्कि एक गंभीर संकट की प्रतिक्रिया है। सत्य निकेतन में हाल ही में हुई इमारत की गिरावट और छात्रों के विरोध प्रदर्शनों ने निजी किराए के मकानों की असुरक्षित स्थिति को उजागर किया है। निजी मकान मालिकों द्वारा ली जाने वाली अत्यधिक फीस और जर्जर इमारतों के बीच, विश्वविद्यालय अब छात्रों को सुरक्षित और सस्ता विकल्प देने की कोशिश कर रहा है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी कॉलेजों के प्रिंसिपलों को निर्देश दिया है कि वे उपलब्ध आवासीय सुविधाओं की समीक्षा करें और निर्माणाधीन परियोजनाओं को जल्द पूरा करें। उन्हें उपलब्ध भूमि और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर नए हॉस्टल बनाने की संभावना तलाशने को भी कहा गया है।
| संस्था | वर्तमान सीटें | प्रस्तावित सीटें | कुल वृद्धि |
|---|---|---|---|
| विश्वविद्यालय (केंद्रीय) | 3,422 | 7,344 | +3,922 |
| संबद्ध कॉलेज | 3,788 | 5,410 | +1,622 |
| कुल योग | 7,210 | 12,754 | +5,544 |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: कौन से प्रमुख नए हॉस्टल बनाए जा रहे हैं?
मुख्य परियोजनाओं में 1,450 सीटों वाला इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस हॉस्टल और महिलाओं के लिए 1,000 सीटों वाला निर्भय आवासीय आवास शामिल है।
प्रश्न 2: विश्वविद्यालय अब सीटों का विस्तार क्यों कर रहा है?
इसका मुख्य कारण किफायती आवास की कमी और सत्य निकेतन जैसी जगहों पर निजी आवासों में सुरक्षा संबंधी गंभीर मुद्दे हैं।