VIT-AP यूनिवर्सिटी ने 'विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2026' का आयोजन किया, जिसमें युवा पेशेवरों ने भारत की सांस्कृतिक विरासत और तकनीकी नवाचार के माध्यम से वैश्विक पहचान मजबूत करने पर विचार-विमर्श किया।
- भारत की सॉफ्ट पावर, सांस्कृतिक कूटनीति और वैश्विक प्रभाव पर केंद्रित गहन चर्चा।
- उद्योग, तकनीक, सरकारी और रचनात्मक क्षेत्रों के विशेषज्ञों का एक पैनल शामिल।
- युवा ऊर्जा और नवाचार को 'विकसित भारत' के विजन से जोड़ने का प्रयास।
विजयवाड़ा स्थित VIT-AP यूनिवर्सिटी ने गुरुवार को 'विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग (VBYLD) 2026—यंग प्रोफेशनल्स राउंडटेबल' की मेजबानी की। इस उच्च-स्तरीय कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्रों, युवा पेशेवरों और उभरते नेताओं को एक मंच पर लाना था ताकि वे भारत की सॉफ्ट पावर और बढ़ती वैश्विक साख पर सार्थक चर्चा कर सकें।
इस कार्यक्रम का विषय “भारत की सॉफ्ट पावर: विकसित भारत के लिए सांस्कृतिक कूटनीति और वैश्विक प्रभाव” रखा गया था। चर्चा के दौरान इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि कैसे भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, प्राचीन ज्ञान, विविधता, नवाचार, उद्यमिता और आधुनिक तकनीक देश की वैश्विक पहचान को और अधिक सशक्त बना सकते हैं।
कार्यक्रम की शुरुआत में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रमुख विजन और इनपुट्स को प्रस्तुत किया गया, जिससे चर्चा के लिए एक ठोस आधार तैयार हुआ। VIT-AP यूनिवर्सिटी के कुलपति अरुलमोझिवरमन ने कहा कि यह मंच युवाओं को राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के साथ जुड़ने और अपने विचारों को धरातल पर उतारने का एक सुनहरा अवसर प्रदान करता है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, शैक्षणिक संस्थानों द्वारा इस तरह के संवाद आयोजित करना यह दर्शाता है कि भारत अब केवल आर्थिक विकास पर ही नहीं, बल्कि 'सांस्कृतिक नेतृत्व' (Cultural Leadership) पर भी ध्यान केंद्रित कर रहा है। जब युवा पीढ़ी अपनी जड़ों और आधुनिक तकनीक के मेल को समझती है, तो वह वैश्विक स्तर पर भारत के लिए एक अधिक प्रभावी राजदूत के रूप में कार्य करती है।
भारत की सॉफ्ट पावर केवल उसकी कला में नहीं, बल्कि उसकी विविधता को समावेशी बनाने की क्षमता और युवा ऊर्जा के रणनीतिक उपयोग में निहित है।
पैनल चर्चा में विभिन्न क्षेत्रों के दिग्गजों ने भाग लिया, जिनमें अवेरा एआई मोबिलिटी की सह-संस्थापक चांदनी चंदना, मोटोरोला सॉल्यूशंस इंडिया के के. केशव राम, और स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (SPA) विजयवाड़ा के निदेशक रमेश सिरिकोंडा शामिल थे। इसके अलावा, वाणिज्य मंत्रालय की वरिष्ठ सलाहकार मेघा चावला और भरतनाट्यम कलाकार मैत्री राव ने भी अपने अनुभव साझा किए।
छात्रों ने पैनलिस्टों के साथ खुले संवाद में भाग लिया और भारत के बढ़ते वैश्विक प्रभाव से जुड़ी चुनौतियों और अवसरों पर सवाल पूछे। इस अवसर पर यूनिवर्सिटी रजिस्ट्रार एम. जगदीश चंद्र और छात्र कल्याण के उपनिदेशक खदीर पाशा भी उपस्थित रहे।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग का मुख्य उद्देश्य क्या था?
उत्तर: इसका मुख्य उद्देश्य युवाओं को भारत की सॉफ्ट पावर और सांस्कृतिक कूटनीति के माध्यम से देश की वैश्विक पहचान मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा करने के लिए प्रेरित करना था।
प्रश्न 2: इस चर्चा में किन क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने भाग लिया?
उत्तर: इसमें तकनीक, वास्तुकला, सरकारी प्रशासन, संस्कृति, उद्यमिता और रचनात्मक कलाओं के विशेषज्ञों ने भाग लिया।