द हिंदू द्वारा आयोजित स्कूल साइंस फेस्टिवल और मैथ्स ओलंपियाड 2026 का आयोजन 18 और 19 सितंबर को बेलगावी और हुब्बल्ली में किया जाएगा, जिसका उद्देश्य छात्रों में वैज्ञानिक जिज्ञासा और गणितीय प्रतिभा को बढ़ावा देना है।
- बेलगावी और हुब्बल्ली में 18 और 19 सितंबर को आयोजन।
- कक्षा 8 से 10 तक के छात्रों के लिए विज्ञान और गणित प्रतियोगिताएं।
- 'मेक इन इंडिया' अवधारणा पर आधारित लागत प्रभावी वर्किंग मॉडल का प्रदर्शन।
- विजेताओं के लिए नकद पुरस्कार, ट्रॉफी और योग्यता प्रमाण पत्र।
कर्नाटक के शैक्षणिक परिदृश्य में नवाचार और बौद्धिक उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करने के लिए, द हिंदू समूह द्वारा प्रतिष्ठित 'स्कूल साइंस फेस्टिवल' और 'मैथ्स ओलंपियाड 2026' (रामानुजम स्पार्क क्वेस्ट) का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम क्रमशः 18 सितंबर को बेलगावी और 19 सितंबर को हुब्बल्ली में आयोजित होगा।
बेलगावी में यह आयोजन केपीटीसीएल समुदाय भवन, शिवबसवा नगर में होगा, जबकि हुब्बल्ली के छात्र हेबसुर भवन, गोकुल रोड पर एकत्रित होंगे। यह आयोजन केवल एक प्रतियोगिता नहीं है, बल्कि एक ऐसा मंच है जहाँ युवा मस्तिष्क विज्ञान के जटिल सिद्धांतों को सरल और प्रभावी मॉडलों के माध्यम से प्रदर्शित कर सकते हैं।
विज्ञान उत्सव (Science Fest) के नियम
विज्ञान उत्सव के लिए पंजीकरण केवल स्कूलों के माध्यम से किया जाएगा। प्रत्येक टीम में कक्षा 8 से 10 तक के दो छात्र होंगे। स्कूलों को अधिकतम दस टीमें भेजने की अनुमति है, जिनमें पांच जूनियर श्रेणी (कक्षा 8) और पांच सीनियर श्रेणी (कक्षा 9 और 10) की होंगी। छात्रों को 'मेक इन इंडिया' की अवधारणा के तहत किफायती और नवीन वर्किंग मॉडल पेश करने होंगे।
मैथ्स ओलंपियाड (Ramanujam Spark Quest) का प्रारूप
गणित ओलंपियाड में प्रत्येक स्कूल कक्षा 8 से 10 तक के पांच छात्रों को नामित कर सकता है। प्रतिभागियों को एक घंटे में 50 प्रश्नों के उत्तर देने होंगे, जिसमें 30 प्रश्न विज्ञान (भौतिकी, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान) और 20 प्रश्न गणित एवं मानसिक क्षमता पर आधारित होंगे।
| विवरण | विज्ञान उत्सव (Science Fest) | मैथ्स ओलंपियाड (Maths Olympiad) |
|---|---|---|
| प्रतिभागी प्रारूप | दो छात्रों की टीम | व्यक्तिगत नामांकन |
| मुख्य फोकस | वर्किंग मॉडल (Make in India) | OMR आधारित प्रश्न-उत्तर |
| मूल्यांकन | नवाचार और प्रदर्शन | सटीकता (Negative Marking लागू) |
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि इस तरह के आयोजन ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के छात्रों को राष्ट्रीय स्तर के मानकों से परिचित कराते हैं। जब छात्र 'मेक इन इंडिया' जैसे विजन को अपने प्रोजेक्ट्स में उतारते हैं, तो यह केवल किताबी ज्ञान नहीं, बल्कि व्यावहारिक समस्या-समाधान कौशल (Problem Solving Skills) का विकास करता है।
"STEM शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य छात्रों को रटने के बजाय सोचने और बनाने के लिए प्रेरित करना है, जो इस आयोजन का मूल मंत्र है।"
प्रतियोगिताओं में पहले तीन विजेताओं को नकद पुरस्कार, ट्रॉफी और मेरिट सर्टिफिकेट दिए जाएंगे, जबकि सभी प्रतिभागियों को भागीदारी प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे। इस कार्यक्रम के शीर्षक प्रायोजक 'एक्सीलेंट मूडुबिदिर' हैं।
Frequently Asked Questions
1. क्या छात्र व्यक्तिगत रूप से पंजीकरण कर सकते हैं?
नहीं, भागीदारी केवल स्कूलों के माध्यम से पूर्व पंजीकरण द्वारा संभव है; मौके पर कोई पंजीकरण नहीं होगा।
2. मैथ्स ओलंपियाड में नेगेटिव मार्किंग है?
हाँ, प्रत्येक सही उत्तर के लिए 4 अंक मिलेंगे और प्रत्येक गलत उत्तर के लिए 1 अंक काटा जाएगा।