18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में नई दिल्ली घोषणापत्र के माध्यम से शिक्षा, प्रारंभिक बाल देखभाल और तकनीकी कौशल विकास पर वैश्विक सहयोग बढ़ाने का आह्वान किया गया है।
- प्रारंभिक बाल देखभाल (ECCE) और बुनियादी साक्षरता पर विशेष ध्यान।
- तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा (TVET) के लिए एक मजबूत गठबंधन का निर्माण।
- पारंपरिक और स्वदेशी ज्ञान प्रणालियों को शैक्षिक ढांचे में शामिल करना।
- बाजार की मांग के अनुरूप कौशल विकास और उद्योग लिंकेज।
नई दिल्ली: 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान अपनाए गए नई दिल्ली घोषणापत्र ने वैश्विक दक्षिण (Global South) के लिए शिक्षा के एक नए युग की शुरुआत की है। ब्रिक्स देशों ने शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग को गहरा करने के लिए कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों की पहचान की है, जिसमें प्रारंभिक बाल देखभाल और शिक्षा (ECCE) तथा बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मकता (FLN) शामिल हैं।
इस घोषणापत्र का मुख्य उद्देश्य सदस्य देशों के बीच शैक्षणिक और व्यावसायिक गतिशीलता को बढ़ावा देना है। इसमें योग्यताओं की पारस्परिक मान्यता, डिजिटल साक्षरता और शिक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों के सुरक्षित और नैतिक उपयोग पर जोर दिया गया है।
तकनीकी और व्यावसायिक कौशल पर जोर
घोषणापत्र में BRICS Technical and Vocational Education and Training (TVET) Cooperation Alliance की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया गया है। यह गठबंधन सदस्य देशों के बीच सूचनाओं के आदान-प्रदान, संसाधन साझा करने और व्यावसायिक कौशल के संयुक्त विकास के लिए एक बहुपक्षीय मंच के रूप में कार्य करेगा।
शिक्षा में तकनीकी कौशल और उद्योग के साथ तालमेल ही भविष्य की वैश्विक अर्थव्यवस्था की रीढ़ बनेगा।
BozokMedia विश्लेषण दिखाता है कि ब्रिक्स देशों का यह कदम श्रम बाजार की बदलती मांगों को पूरा करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रशिक्षण कार्यक्रमों को उद्योगों के साथ जोड़कर, ये देश अपने कार्यबल को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार कर रहे हैं।
पारंपरिक ज्ञान और नवाचार
भारत की पहल का स्वागत करते हुए, घोषणापत्र ने BRICS Network University को पारंपरिक, स्वदेशी और स्थानीय ज्ञान प्रणालियों को एक अंतरराष्ट्रीय विषय समूह के रूप में शामिल करने के लिए प्रोत्साहित किया है। यह कदम आधुनिक विज्ञान और पारंपरिक ज्ञान के बीच के अंतर को पाटने का एक प्रयास है।
Why This Matters
यह पहल केवल शैक्षणिक सहयोग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ब्रिक्स देशों के बीच आर्थिक एकीकरण का एक माध्यम है। कौशल विकास और डिजिटल साक्षरता में सुधार करके, ये राष्ट्र अपनी युवा आबादी की क्षमता का अधिकतम लाभ उठाने की दिशा में बढ़ रहे हैं।
Frequently Asked Questions
1. ब्रिक्स-TCA का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग, संसाधन साझाकरण और कौशल विकास को बढ़ावा देना है।
2. नई दिल्ली घोषणापत्र में AI के बारे में क्या कहा गया है?
इसमें शिक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के सुरक्षित, नैतिक और मानव-केंद्रित उपयोग पर जोर दिया गया है।