बेंगलुरु के एक शांत स्वभाव वाले छात्र, नागा जेश्वंत श्रीराम की कहानी, जिन्होंने न केवल JEE में सफलता पाई, बल्कि IIT गुवाहाटी में अपनी पहचान बदलकर एक लीडर के रूप में उभरे।
- JEE मुख्य में AIR 2218 और JEE एडवांस में AIR 2029 हासिल की।
- अंतर्मुखी स्वभाव से निकलकर TEDx के मार्केटिंग हेड और डांस क्लब के सदस्य बने।
- IIT में सफलता का मंत्र 'अधिक पढ़ना' नहीं, बल्कि 'अधिक ध्यान केंद्रित करना' है।
बेंगलुरु के एक मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखने वाले नागा जेश्वंत श्रीराम की यात्रा केवल एक इंजीनियरिंग डिग्री हासिल करने के बारे में नहीं है। यह एक ऐसे व्यक्तित्व के रूपांतरण की कहानी है, जो एक शांत और अंतर्मुखी छात्र के रूप में IIT गुवाहाटी पहुंचा और वहां से एक बहुमुखी लीडर बनकर निकला।
जेश्वंत, जो वर्तमान में IIT गुवाहाटी में इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के अंतिम वर्ष के छात्र हैं, ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि IIT के बारे में उनकी शुरुआती धारणाएं पूरी तरह गलत साबित हुईं। उन्हें लगता था कि शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए केवल पढ़ाई पर ध्यान देना जरूरी है, लेकिन उन्होंने पाया कि सबसे सफल छात्र वही हैं जो क्लबों, खेलों और नेतृत्व की भूमिकाओं में भी सक्रिय रहते हैं।
सफलता का मंत्र: मानसिकता का खेल
JEE की तैयारी के दौरान, जेश्वंत ने एक महत्वपूर्ण सबक सीखा। उन्होंने बताया कि जब उनके मॉक टेस्ट के अंक कम आते थे, तो वे निराश होने के बजाय अपनी मानसिकता बदलने पर ध्यान देते थे। उन्होंने 'असफलता के डर' के बजाय 'सफलता की संभावना' पर ध्यान केंद्रित किया। इसी सकारात्मक दृष्टिकोण ने उन्हें JEE Main में AIR 2218 और JEE Advanced में AIR 2029 दिलाने में मदद की।
विशेषज्ञ अंतर्दृष्टि: सफलता केवल घंटों की संख्या से नहीं, बल्कि उस समय के दौरान आपके ध्यान की गहराई से तय होती है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि आधुनिक शिक्षा प्रणाली में केवल तकनीकी कौशल पर्याप्त नहीं है। जेश्वंत का अनुभव यह दर्शाता है कि सॉफ्ट स्किल्स, जैसे कि नेटवर्किंग और टीम प्रबंधन, एक छात्र के समग्र विकास के लिए उतने ही महत्वपूर्ण हैं जितने कि कठिन गणित या भौतिकी के सिद्धांत।
बेंगलुरु की सुखद जलवायु और फिल्टर कॉफी को पीछे छोड़कर, गुवाहाटी की गर्मी और एक नए परिवेश में ढलना उनके लिए चुनौतीपूर्ण था। लेकिन, IIT के विविध सांस्कृतिक वातावरण ने उन्हें एक नया परिवार दिया। उन्होंने न केवल इलेक्ट्रॉनिक्स क्लब का हिस्सा बनकर अपनी तकनीकी रुचि को बढ़ाया, बल्कि TEDxIIT गुवाहाटी के मार्केटिंग और फाइनेंस हेड के रूप में अपनी नेतृत्व क्षमता का भी प्रदर्शन किया।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: जेश्वंत ने इलेक्ट्रॉनिक्स को ही क्यों चुना?
उत्तर: उनके पिता सेमीकंडक्टर उद्योग में काम करते हैं, जिससे उन्हें हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर के मेल ने आकर्षित किया।
प्रश्न 2: IIT में सर्वांगीण विकास के लिए क्या जरूरी है?
उत्तर: केवल पढ़ाई नहीं, बल्कि विभिन्न क्लबों और गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी।